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युवक की हत्या के मामले में तीन को उम्रकैद
अमर उजाला/बुलंदशहर
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:24 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : ब्यूरो
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2010 में दुकान खाली न करने के विरोध में युवक की गर्दन काटकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने तीन हत्यारों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक दोषी पर 40 हजार और दो पर 35-34 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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जबकि चार लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्याय कक्ष संख्या-4 सुनील कुमार सिंह प्रथम ने सुनाया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि मोहल्ला सराय झांझन निवासी वादी नुरुल हसन सैफी पुत्र फकीरा ने सिकंदराबाद कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी।
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जिसमें कहा था कि सात मई 2010 की रात वह अपने परिवार के साथ घर पर सो रहा था। रात करीब एक बजे खलील पुत्र रफीक, राजेंद्र व महेंद्र पुत्र जयप्रकाश निवासी मोहल्ला कायस्थवाड़ा आए और गाली-गलौंच करते हुए कहने लगे कि नुरुल हसन कहां है।
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ऐसे दुकान खाली नहीं करेगा तो हमें खाली कराना आता है। नुरुल हसन के पिता फकीरा और पुत्र ताज मोहम्मद के चिल्लाने पर वादी की आंख खुल गई। अभियोजन की ओर से 16 गवाह तथा आरोपियों की ओर से दो गवाह पेश किए गए।
न्यायाधीश ने खलील, राजेंद्र और महेंद्र को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही खलील पर 40 और राजेंद्र व महेंद्र पर 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में अतीक, इफ्तकार, भोलू व अब्दुल बहाव को बरी कर दिया।