फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   The treatment did not let go of the old, the farmer's death

पुराने नोट के चलते नहीं हुआ इलाज, किसान की मौत

Thu, 17 Nov 2016 11:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Thu, 17 Nov 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
The treatment did not let go of the old, the farmer's death
क्राइम - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन

नगर में एक डॉक्टर ने पुराने नोट के चलते बुखार से पीड़ित किसान का ट्रीटमेंट करने से इंकार कर दिया। दरअसल, मृतक के परिजन कई दिन से बैंक की कतार में लगे हुए थे, मगर उनका नंबर आने से पहले ही कैश खत्म हो जाता था। बुधवार को गांव वालों ने किसी तरह चंदा कर छोटे नोट जमा कर लिए।

इससे पहले कि छोटे नोट डॉक्टर तक पहुंच पाते किसान ने रात में ही दम तोड़ दिया। नई करेंसी नहीं मिलने के चलते किसान की मौत होने से गांव में मातम का माहौल है। सदर तहसील के ढकौली गांव निवासी साकिर अली का सात नवंबर से बुखार का उपचार चल रहा था। साकिर के भाई चांद खान ने बताया कि नौ नवंबर को अचानक 500-1000 के नोट बंद हो गए।
विज्ञापन


15 नवंबर तक साकिर का उपचार पुराने नोटों से चलता रहा। इसी बीच परिजनों के पास छोटे पुराने नोट खत्म हो गए। आरोप है कि नगर के एक डॉक्टर ने 500-1000 का नोट लेने से इंकार कर दिया। काफी इल्तजा करने के बाद भी डाक्टर नहीं पसीजा। परिजन शाकिर को लेकर घर पहुंचे और गांव वालों के सामने समस्या रखी।
विज्ञापन
विज्ञापन


गांव वालों ने 10, 20, 50 और 100 रुपये चंदा देकर उपचार के लिए पैसा जमा कर लिया। इससे पहले कि छोटे नोट और मरीज डॉक्टर के पास पहुंचते रात में साकिर ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। रात में ही पूरा गांव पीड़ित परिवार के पास पहुंच गया।

गांव में लोग नोटबंदी को लेकर काफी गुस्से में हैं। साकिर अपने पीछे दो बेटी, दो बेटे और पत्नी छोड़ गए हैं। परिवार की माली हालत भी ठीक नहीं बताई गई है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed