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हत्यारोपी को राहत देने में फंसे कोतवाल
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 03 Jan 2016 11:22 PM IST
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हब्बू हत्याकांड के मुख्य आरोपी और बाहुबली नेता डीपी यादव के भांजे मनोज यादव को राहत देने में अब नगर कोतवाल फंस गए हैं।
हब्बू की पत्नी और वादी सुनीता ने नगर कोतवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी से शिकायत की है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने एसपी सिटी को मामले की जांच सौंपी है।
बता दें कि 23 अक्तूबर 2014 को प्रॉपर्टी विवाद में भाजपा नेता राजकुमार हब्बू की तीन शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हब्बू की पत्नी सुनीता ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मार्च 2015 में पुलिस ने खुलासा करते हुए बाहुबली नेता डीपी यादव के भांजे मनोज यादव समेत पांच आरोपियों के नामों का खुलासा किया था। खुलासे के बाद सभी आरोपियों को जेल जाना पड़ा।
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मनोज यादव कोर्ट में सरेंडर कर जेल पहुंच गया था। कुछ माह जेल में रहने के बाद मनोज ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की।
वादिया सुनीता ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि विवेचक नगर कोतवाल आरके सिंह ने उनके बयानों में खेल कर दिया। सुनीता के मुताबिक उसने विवेचक को दिए बयान में बताया था कि उसने 23 फरवरी 2015 को कोर्ट में हत्यारोपियों की शिनाख्त की थी।
जबकि विवेचक ने 22 फरवरी 2015 को शिनाख्त दिखाकर हत्यारोपी मनोज यादव को राहत दे दी। क्योंकि 22 फरवरी को रविवार था। सुनीता का कहना है कि रविवार को कोर्ट बंद रहती है तो उसने वह शिनाख्त कैसे कर सकती है। सुनीता के मुताबिक इसी आधार पर होईकोर्ट ने हत्यारोपी मनोज यादव को जमानत दे दी।
हब्बू की वादी पत्नी सुनीता ने विवेचक नगर कोतवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसएसपी के आदेश पर मामले की जांच की जा रही है। यदि सुनीता के आरोप सही पाए गए तो विवेचक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, एसपी सिटी
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हब्बू की पत्नी और वादी सुनीता ने नगर कोतवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी से शिकायत की है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने एसपी सिटी को मामले की जांच सौंपी है।
बता दें कि 23 अक्तूबर 2014 को प्रॉपर्टी विवाद में भाजपा नेता राजकुमार हब्बू की तीन शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हब्बू की पत्नी सुनीता ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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मार्च 2015 में पुलिस ने खुलासा करते हुए बाहुबली नेता डीपी यादव के भांजे मनोज यादव समेत पांच आरोपियों के नामों का खुलासा किया था। खुलासे के बाद सभी आरोपियों को जेल जाना पड़ा।
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मनोज यादव कोर्ट में सरेंडर कर जेल पहुंच गया था। कुछ माह जेल में रहने के बाद मनोज ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की।
वादिया सुनीता ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि विवेचक नगर कोतवाल आरके सिंह ने उनके बयानों में खेल कर दिया। सुनीता के मुताबिक उसने विवेचक को दिए बयान में बताया था कि उसने 23 फरवरी 2015 को कोर्ट में हत्यारोपियों की शिनाख्त की थी।
जबकि विवेचक ने 22 फरवरी 2015 को शिनाख्त दिखाकर हत्यारोपी मनोज यादव को राहत दे दी। क्योंकि 22 फरवरी को रविवार था। सुनीता का कहना है कि रविवार को कोर्ट बंद रहती है तो उसने वह शिनाख्त कैसे कर सकती है। सुनीता के मुताबिक इसी आधार पर होईकोर्ट ने हत्यारोपी मनोज यादव को जमानत दे दी।
हब्बू की वादी पत्नी सुनीता ने विवेचक नगर कोतवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसएसपी के आदेश पर मामले की जांच की जा रही है। यदि सुनीता के आरोप सही पाए गए तो विवेचक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, एसपी सिटी