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...तो बंदियों ने जेल में ही बनाई थी भागने की प्लानिंग

Fri, 23 Sep 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Fri, 23 Sep 2016 11:56 PM IST
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... So the prisoners in the prison had made plans to escape
क्राइम - फोटो : अमर उजाला

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अनूपशहर कोर्ट में पेशी पर लाए बंदियों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च झोंककर भागने की योजना जेल में बना ली थी। यह इसलिए कहा जा रहा कि पेशी के दौरान बंदियों से मिलने उनका एक भी परिचित अनूपशहर नहीं आया था। माना जा रहा है कि बंदी तंबाकू की पुड़िया में जेल से मिर्च पाउडर रखकर लाए थे।

इस पूरे प्रकरण ने जेल प्रशासन और पेशी पर लाए पुलिसकर्मियों की बड़ी लापरवाही उजागर की है।  वहीं देर शाम, एचसीपी अनंगपाल की तहरीर पर पांचों भागे बंदियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कोतवाली प्रभारी को एसएसपी ने जांच अधिकारी नियुक्त किया है। पांचों बंदियों पर पांच-पांच हजार काइनाम भी घोषित किया गया है।
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शुक्रवार सुबह सभी नौ बंदी अनूपशहर की एडीजे कोर्ट के बाहर बनी हवालात में लाए गए।  वहां से सभी को एसीजेएम कोर्ट ले जाया गया। पेश होने के बाद सभी को दोबारा हवालात में रखा गया। करीब चार घंटे तक हवालात में रहने के बाद बंदियों का परिचित और परिवार का सदस्य इनसे मिलने नहीं आया।
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दोपहर बाद अचानक एक बंदी ने तंबाकू की पुड़िया में से मिर्च पाउडर निकाला और पुलिसकर्मियों की आंखों में झोंक दिया। इससे पता चलता कि बंदी जेल से ही तंबाकू की पुड़िया में मिर्च पाउडर रखकर लाए थे। हालांकि इससे जेल प्रशासन और पेशी पर लाने वाले पुलिसकर्मियों की लापरवाही उजागर हुई है।

रुपया कमाने की जुगाड़ में बैठे जेल प्रशासन के लोगों ने जेल से भेजने के दौरान अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। साथ ही पुलिसकर्मियों ने बंदियों की ठीक से चेकिंग नहीं की। जानकारी के मुताबिक, जेल में बंद विजय पुत्र शेरसिंह निवासी रिसालू थाना पहासू, दिल्ला पुत्र रामसिंह निवासी डिबाई और रिंकू ठाकुर पुत्र भूरे सिंह निवासी खुर्जा अनिल दुजाना और बलराम ठाकुर गैंग के सदस्य रहे हैं।

शुक्रवार को पांच साथी बंदियों द्वारा भागने पर वैन का दरवाजा काफी देर तक खुला रहा, लेकिन इन तीनों बंदियों ने भागने की कोशिश भी नहीं की। इन लोगों ने खुद ही उठकर वैन का दरवाजा बंद कर लिया।
पेशी पर बंदियों को लाए चार पुलिसकर्मियों ने बताया कि वैन का चालक नशे में था।

उन्होंने कहा कि जब वह बंदियों को बैन में चढ़ा रहे थे, तभी चालक लालबाबू ने वैन को आगे बढ़ा दिया। जिससे सभी पुलिकर्मियों का ध्यान वैन के अगले हिस्से की ओर चला गया। तभी
बंदी ने मिर्च पाउडर आंखों में झोंक दिया। पांचों बंदियों ने पुलिसकर्मियों को धक्का मारा और एडीजे कोर्ट की ओर से गंगा के किनारे भाग गए।

मिलीभगत से तो नहीं भागे बंदी, जांच शुरू
हवालात से वैन में चढ़ाने के दौरान हिरासत से भागे पांच बंदियों के मामले में पुलिसकर्मियों से मिलीभगत की बात सामने आ रही है। हालांकि एसएसपी मामले की गहनता से जांच के बाद ही कार्रवाई की बात कह रहे हैं। उनके मुताबिक, पहली प्राथमिकता फरार बंदियों को पकड़कर दोबारा सलाखों के पीछे भेजना है।

एसएसपी ने जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर बंदियों के फरार होने के मामले में पेशी पर लाए पुलिसकर्मियों की मिलीभगत सामने आ रही है। सवाल उठ रहा है कि अकेले बंदी ने एक साथ कैसे चार पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया।

माना जा रहा है कि एक-एक कर पुलिकसर्मियों की आंख में मिर्च पाउडर झोंका गया होगा। लोगों को कहना है कि बंदियों को भगाने में पुलिसकर्मियों की सहमति थी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने कहा कि पहली प्राथमिकता फरार बंदियों को पकड़कर दोबारा सलाखों के पीछे पहुंचाने की है।

फरार बंदियों को पकड़ने में किसी अन्य एजेंसी की भी मदद ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि फरार बंदियों को पकड़ने के लिए छह टीमें गठित कर दी हैं। जल्द से जल्द सभी को पकड़ लिया जाएगा।


बड़ी वारदात को अंजाम देने तो नहीं भागे पांचोंः पुलिस रिकॉर्ड की तरफ नजर डालें तो हिरासत से फरार हुए पांचों बंदियों के खिलाफ संगीन मामले दर्ज हैं। आशंका जताई जा रही है कि पांचों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए फरार हुए हैं। हालांकि पुलिस ने फरार बंदियों के संभावित ठिकानों का पता लगाना शुरू कर दिया है।

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