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जिस्मफरोशी का अड्डा तो नहीं था अल्पावास
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:30 PM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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बरामद लड़की के सनसनीखेज खुलासे के बाद लक्ष्मी अल्पावास गृह की पड़ताल अब जिस्मफरोशी के कोण से की जाएगी। जांच टीम यह पता लगाएगी कि अल्पावास गृह में कौन-कौन लोगों का आना जाना था। अल्पावास से जिस्मफरोशी का कनेक्शन है या नहीं। इस संबंध में कई लोगों से पूछताछ संभव है।
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सात अप्रैल को गुलावठी स्थित लक्ष्मी अल्पावास गृह से चार लड़कियां गायब हो गई थी। दो लड़कियां मिल चुकी हैं। बरामद एक लड़की ने अल्पावास गृह के निदेशक पर अश्लील वीडियो दिखाकर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया था। इसका विरोध करने पर लड़कियों को मारा पीटा जाता है।
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प्रकरण में पुलिस ने निदेशक सचिन वर्मा समेत संस्था के अन्य पदाधिकारियाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि आखिर लोग अल्पावास गृह में आने वालों का मकसद क्या था। लड़कियों को अल्पावास गृह से बाहर तो नहीं भेजा जाता था।
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वहीं, डीपीओ ने मामले की जांच जिस्मफरोशी के एंगल से शुरू कर दी है। एक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच गुलावठी के प्रांत संयोजक कदीम आलम ने गृह की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। जिला प्रोबेशन अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि लक्ष्मी अल्पावास गृह में क्या चल रहा था। इसकी उच्च स्तरीय जांच होगी। फरार आरोपियों को जल्द ही पकड़ा जाएगा।