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बयान देने नहीं पहुंचे चेयरपर्सन-अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 26 Feb 2017 12:41 AM IST
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विकास कार्यों में 20 करोड़ की अनियमितता की शिकायत हाईकोर्ट तक पहुंचने के बाद भी चेयरपर्सन और अफसर इस मामले के जांच अधिकारी के समक्ष बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे। हालांकि वीडियो कांफ्रेसिंग बैठक के कारण एडीएम भी नहीं पहुंच सके। दूसरी तरफ शिकायतकर्ता सभासद सुबह ही जांच अधिकारी के समक्ष पहुंचे और सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए।
नगर पालिका सभासद सुनील शर्मा और ऋषिपाल सिंह ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव से शिकायत की थी कि प्रस्ताव संख्या 100, 117 और 123 के माध्यम से 20 करोड़ 18 लाख एक हजार 855 रुपये के निर्माण कार्यों की स्वीकृति करा दी।
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उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 96 के अंतर्गत निर्माण कार्यों की न्यूनतम निविदाएं बोर्ड द्वारा स्वीकृत कराकर संविदाओं का निष्पादन कर दिया गया था।
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निर्माण कार्यों का भुगतान तक कर दिया गया, जबकि यह गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है।
इस मामले में जांच और कार्रवाई नहीं होने पर दोनों सभासद हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने तीन माह के भीतर शासन को मामले के निस्तारण के आदेश दिए। एडीएम प्रशासन ने 25 फरवरी को सभी पक्षाें को पेश होने के आदेश जारी किए थे।
शनिवार को शिकायतकर्ता सभासद सुनील शर्मा और ऋषिपाल सिंह तो एडीएम दफ्तर पहुंच गए लेकिन चेयरपर्सन पिंकी गर्ग, ईओ धामपुर सुरेंद्र कुमार और उपनगर आयुक्त गाजियाबाद अरुण गुप्त नहीं पहुंचे। एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्रा वीडियो कांफ्रेंस में व्यस्त होने के कारण नहीं पहुंचे। कार्यालय सहायकों द्वारा शिकायतकर्ता से साक्ष्य ले लिए गए।
डीएम की अध्यक्षता में गठित होगी टीम
बताया गया कि अब मामले में डीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित होगी। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट के अलावा एक वित्तीय अधिकारी मौजूद रहेगा। टीम द्वारा सभी पक्षों को बुलाकर साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।