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बंदरों के हमले में छत से गिरी छात्रा, मौत
अमर उजाला, छतारी
Updated Mon, 16 Nov 2015 12:04 AM IST
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कस्बा के होली दरवाजा इलाके में रविवार को छत पर कपड़े सुखाने गई 12वीं की छात्रा पर बंदरों के झुंड ने हमला बोल दिया। खुद को बचाने के चक्कर में छात्रा छत से गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने घटना की जानकारी से इंकार किया है। परिजनों ने देर शाम छात्रा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
जानकारी के अनुसार मोहल्ला होली दरवाजा निवासी मनोज कुमार का रेडीमेड का दुकान है। मनोज की 17 वर्षीय बेटी डौली शेखपुर गांव के एसवाईएम इंटर कॉलेज में कक्षा 12वीं की छात्रा थी। पड़ोसियों ने बताया कि रविवार दोपहर छात्रा छत पर कपडे़ सुखाने गई थी। इसी दौरान बंदरों के झुंड ने उसपर हमला बोल दिया। अचानक बंदरों के हमले से बचने के लिए छात्रा दौड़ी। इसी दौरान मुंडेर से उसका पैर फिसल गया, जिससे डौली छत से नीचे जा गिरी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अचानक छात्रा की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने घटना की जानकारी से इंकार किया है। परिजनों ने देर शाम गमगीन माहौल में डौली का अंतिम संस्कार कर दिया है। उधर, कस्बावासियों का आरोप है कि बंदरों के बढ़ते आतंक की कई बार शिकायत के बाद भी नगर पंचायत ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब हालात इतने खराब है कि बंदरों के चलते इलाके के लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। इससे पूर्व भी बंदरों के हमले में कई लोग घायल हो चुके है।
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जानकारी के अनुसार मोहल्ला होली दरवाजा निवासी मनोज कुमार का रेडीमेड का दुकान है। मनोज की 17 वर्षीय बेटी डौली शेखपुर गांव के एसवाईएम इंटर कॉलेज में कक्षा 12वीं की छात्रा थी। पड़ोसियों ने बताया कि रविवार दोपहर छात्रा छत पर कपडे़ सुखाने गई थी। इसी दौरान बंदरों के झुंड ने उसपर हमला बोल दिया। अचानक बंदरों के हमले से बचने के लिए छात्रा दौड़ी। इसी दौरान मुंडेर से उसका पैर फिसल गया, जिससे डौली छत से नीचे जा गिरी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अचानक छात्रा की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने घटना की जानकारी से इंकार किया है। परिजनों ने देर शाम गमगीन माहौल में डौली का अंतिम संस्कार कर दिया है। उधर, कस्बावासियों का आरोप है कि बंदरों के बढ़ते आतंक की कई बार शिकायत के बाद भी नगर पंचायत ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब हालात इतने खराब है कि बंदरों के चलते इलाके के लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। इससे पूर्व भी बंदरों के हमले में कई लोग घायल हो चुके है।
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