{"_id":"b846bbe42bc0c37e09e7fbdea2c34555","slug":"life-imprisonment-for-killing-old-man-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वृद्ध के दो हत्यारों को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वृद्ध के दो हत्यारों को आजीवन कारावास
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Wed, 23 Dec 2015 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारात में हुई कहासुनी के बाद रंजिशन वृद्ध की हत्या करने के मामले में आरोपी दो सगे भाइयों को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ न्यायाधीश रजत सिंह जैन की कोर्ट ने दोषियों पर 17-17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। विशेष अभियोजन अधिकारी आरएस वर्मा ने बताया कि वृद्ध के भतीजे बबलू ने 10 फरवरी 2010 को थाना खुर्जा में तहरीर दी कि 9 फरवरी 2010 को अटेन्ना गांव से अरविंद पुत्र रामवीर पंडित की बारात गई थी।
बस में चचेरे भाई सोनू पुत्र महराज सिंह और हरपाल पुत्र ननुआ के बीच कहासुनी हो गई थी, जिसे बारातियों ने बीच-बचाव कर दिया था। गांव लौटने पर दोनों में दोबारा कहासुनी हो गई थी।
विज्ञापन
10 फरवरी 2010 को सुबह 8.30 बजे सोनू के पिता महाराज सिंह पत्नी व बेटी के साथ ट्यूवेल पर थे। तभी वीरू पुत्र ननुआ, हरपाल, बैटम पुत्र गुरु और ननुआ पुत्र बुद्धा हाथों में हथियार लेकर आए।
महाराज सिंह व उनकी पत्नी ने चारों का विरोध किया लेकिन आरोपियों ने महाराज सिंह की गला घोटकर हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
न्यायाधीश रजत सिंह जैन ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद वीरू उर्फ वीरपाल व हरपाल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस दौरान अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। कोर्ट ने दोषियों पर 17-17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
विज्ञापन
साथ न्यायाधीश रजत सिंह जैन की कोर्ट ने दोषियों पर 17-17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। विशेष अभियोजन अधिकारी आरएस वर्मा ने बताया कि वृद्ध के भतीजे बबलू ने 10 फरवरी 2010 को थाना खुर्जा में तहरीर दी कि 9 फरवरी 2010 को अटेन्ना गांव से अरविंद पुत्र रामवीर पंडित की बारात गई थी।
विज्ञापन
बस में चचेरे भाई सोनू पुत्र महराज सिंह और हरपाल पुत्र ननुआ के बीच कहासुनी हो गई थी, जिसे बारातियों ने बीच-बचाव कर दिया था। गांव लौटने पर दोनों में दोबारा कहासुनी हो गई थी।
विज्ञापन
10 फरवरी 2010 को सुबह 8.30 बजे सोनू के पिता महाराज सिंह पत्नी व बेटी के साथ ट्यूवेल पर थे। तभी वीरू पुत्र ननुआ, हरपाल, बैटम पुत्र गुरु और ननुआ पुत्र बुद्धा हाथों में हथियार लेकर आए।
महाराज सिंह व उनकी पत्नी ने चारों का विरोध किया लेकिन आरोपियों ने महाराज सिंह की गला घोटकर हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
न्यायाधीश रजत सिंह जैन ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद वीरू उर्फ वीरपाल व हरपाल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस दौरान अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। कोर्ट ने दोषियों पर 17-17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।