फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Lakshmi Alpawas four girls ran home again

लक्ष्मी अल्पावास गृह से फिर भागीं चार लड़कियां

Thu, 07 Apr 2016 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Thu, 07 Apr 2016 10:36 PM IST
विज्ञापन
Lakshmi Alpawas four girls ran home again
का्रइम - फोटो : अमर उजाला

मोहल्ला शराफतुल्ला स्थित लक्ष्मी अल्पावास गृह से बृहस्पतिवार दोपहर करीब सवा 12 बजे चार लड़कियां भाग गईं। अल्पावास गृह से लड़कियाें के भागने का यह कोई पहला मामला नहीं है। 14 माह पूर्व भी यहां से चार लड़कियां भाग चुकी हैं।

विज्ञापन


बार-बार लड़कियों के भागने से अल्पावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। वहीं, सूचना पर सीओ और डीपीओ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। अभी तक चारों लड़कियों का कोई सुराग नहीं मिला है।
विज्ञापन


सीओ चंद्रधर गौड़ ने बताया कि अल्पावास गृह के रिकॉर्ड के मुताबिक भागी लड़कियां शमा परवीन (17) निवासी ग्राम माकड़ी, थाना स्याना बुलंदशहर, सज्जो (19) निवासी मौ. नूरवफान जहांगीरबाद, मीना (17) निवासी ग्राम घूमसी थाना मदारीहट जिला जलपाईगुड़ी बंगाल और महिला रंजना (22) पत्नी रिंकू निवासी गोरखपुर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



शमा को आईपीसी की धारा 363, 366 के तहत कोर्ट के आदेश पर 22 अगस्त वर्ष 2015 को अल्पावास की कस्टडी में दिया गया था। सज्जो को भी आईपीसी की धारा 363, 366 के तहत 19 जनवरी 2016 को अल्पावास में भेजा गया था। वहीं, मीना को धारा 366 ए आईपीसी व पुलिस द्वारा अनैतिक देह व्यापार मामले में छुड़ाकर संरक्षण के लिए 15 सितंबर 2015 को यहां दाखिल कराया था।

जबकि, महिला रंजना पत्नी रिंकू निवासी गोरखपुर अनाथ आश्रम में पली बढ़ी थी। दो वर्ष पूर्व उसने गोरखपुर निवासी तेजपाल से शादी की थी। 10 जनवरी 2016 को थाना पिलखुवा द्वारा उसे यहां दाखिल कराया गया था। सीओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि तीनों लड़कियां और महिला ऊपरी मंजिल पर रह रही थीं।


दोपहर करीब 12 बजे वह खाने का सामान लेने नीचे आईं थीं। इसी दौरान अल्पावास गृह में संचालित सिलाई केंद्र के रास्ते से भाग गईं। फरार संवासनियों की बस अड्डों व रेलवे स्टेशन पर तलाश की गई, मगर पुलिस को सफलता नहीं मिली। खास बात यह है कि अल्पावास गृह में सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। चौकीदार और सिक्योरिटी गार्ड होना चाहिए जो नहीं थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed