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प्रिंसिपल ने पिस्टल तानी, छीनने में तीन कर्मचारी जख्मी
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 27 Feb 2016 11:17 PM IST
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राजकीय कृषि विद्यालय के प्रिंसिपल पर अपने दफ्तर में वार्ता के दौरान कर्मचारी नेताओं पर पिस्टल तानने का आरोप लगा है। पिस्टल को छीनने के चक्कर में तीन कर्मचारी नेता घायल हो गए।
हाई वोल्टेज हंगामा की खबर मिलते ही डीएम ने जांच बैठा दी। शनिवार देर शाम अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वैभव शर्मा ने स्कूल पहुंचकर कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। वहीं, प्रिंसिपल का कहना है कि पिस्टल उनकी नहीं थी। पिस्टल कर्मचारी साथ लाए थे।
कृषि विद्यालय स्थित सरकारी क्वार्टर खाली कराने को लेकर प्रिंसिपल एसके अग्निहोत्री और कृषि विभाग के कर्मचारियों में ठनी हुई है। पिछले दिनों कर्मचारियों को धमकाने के आरोप में प्रिंसिपल पर रिपोर्ट भी लिखाई गई थी।
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कर्मचारी नेता गजराज सिंह ने बताया कि शनिवार को हापुड़, बागपत, गाजियाबाद और बुलंदशहर के राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद संघ के पदाधिकारी प्रिंसिपल से मिलने कॉलेज पहुंचे।
प्रिंसिपल और कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के बीच दफ्तर में वार्ता शुरू हुई। इसी बीच किसी बात पर दोनों पक्षों में हॉट टॉक शुरू हो गई। आरोप है कि देखते ही देखते प्रिंसिपल ने पिस्टल निकाल ली और कर्मचारियों को धमकाना शुरू कर दिया।
कर्मचारी संघ के नेता पिस्टल छीनने के लिए प्रिंसिपल से गुथ गए। छीना-झपटी में कर्मचारी संघ के नेता गजराज सिंह, ब्रजभूषण और कुलबीर सिंह ढाका को चोट भी आई हैं।
मामला बढ़ता देखकर प्रिंसिपल दफ्तर छोड़ भाग गए। बाद में कर्मचारियों ने पिस्टल को प्रिंसिपल को सौंप दिया। वहीं, प्रिंसिपल की मनमानी की शिकायत कर्मचारियों ने डीएम से की है।
डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच बैठा दी है। शाम करीब चार बजे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वैभव शर्मा कॉलेज परिसर पहुंचे और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। प्रिंसिपल एसके अग्निहोत्री ने बताया कि पिस्टल उनकी नहीं थी। कर्मचारी पिस्टल लेकर आए थे। कर्मचारियों के सभी आरोप झूठे हैं।
मामला संज्ञान में आया है। जांच अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपी है। अफसर हो या कर्मचारी मनमानी किसी की नहीं चलने दी जाएगी। जो न्याय संगत है, वहीं होगा। - बी. चंद्रकला, डीएम, बुलंदशहर
25-30 कर्मचारी मेरे दफ्तर में घुस आए। उन्होंने कर्मचारी संगठन का हवाला देते हुए अभद्रता शुरू कर दी। बाद में उन्हींने पिस्टल निकाल कर टेबल पर रख दी। डीएम और पुलिस को इस संबंध में सूचना दे दी है। - एसके अग्निहोत्री, प्र्रिंसिपल, कृषि विद्यालय
प्रिंसिपल के दफ्तर में समस्या पर वार्ता चल रही थी। प्रिंसिपल ने अचानक पिस्टल निकाल ली और धमकाना शुरू कर दिया। पिस्टल नहीं पकड़ते तो प्रिंसिपल कुछ भी कर सकते थे। संघ के लखनऊ पदाधिकारियों को घटना से अवगत कराया गया है। मामले को संघ सरकार के सामने रखेगा। - गजराज सिंह, नेता कर्मचारी संघ
पिस्टल किसकी, जांच का विषय
कर्मचारी नेताओं ने पिस्टल प्रिंसिपल की बताई है। जबकि प्रिंसिपल ने इंकार किया है। सवाल यह है कि पिस्टल का मालिक कौन है। आरोप प्रत्यारोप के दौर में पुलिस और अतिरक्त मजिस्ट्रेट की जांच रिपोर्ट तय करेगी कि आखिर पिस्टल को मालिक कौन है।
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हाई वोल्टेज हंगामा की खबर मिलते ही डीएम ने जांच बैठा दी। शनिवार देर शाम अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वैभव शर्मा ने स्कूल पहुंचकर कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। वहीं, प्रिंसिपल का कहना है कि पिस्टल उनकी नहीं थी। पिस्टल कर्मचारी साथ लाए थे।
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कृषि विद्यालय स्थित सरकारी क्वार्टर खाली कराने को लेकर प्रिंसिपल एसके अग्निहोत्री और कृषि विभाग के कर्मचारियों में ठनी हुई है। पिछले दिनों कर्मचारियों को धमकाने के आरोप में प्रिंसिपल पर रिपोर्ट भी लिखाई गई थी।
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कर्मचारी नेता गजराज सिंह ने बताया कि शनिवार को हापुड़, बागपत, गाजियाबाद और बुलंदशहर के राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद संघ के पदाधिकारी प्रिंसिपल से मिलने कॉलेज पहुंचे।
प्रिंसिपल और कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के बीच दफ्तर में वार्ता शुरू हुई। इसी बीच किसी बात पर दोनों पक्षों में हॉट टॉक शुरू हो गई। आरोप है कि देखते ही देखते प्रिंसिपल ने पिस्टल निकाल ली और कर्मचारियों को धमकाना शुरू कर दिया।
कर्मचारी संघ के नेता पिस्टल छीनने के लिए प्रिंसिपल से गुथ गए। छीना-झपटी में कर्मचारी संघ के नेता गजराज सिंह, ब्रजभूषण और कुलबीर सिंह ढाका को चोट भी आई हैं।
मामला बढ़ता देखकर प्रिंसिपल दफ्तर छोड़ भाग गए। बाद में कर्मचारियों ने पिस्टल को प्रिंसिपल को सौंप दिया। वहीं, प्रिंसिपल की मनमानी की शिकायत कर्मचारियों ने डीएम से की है।
डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच बैठा दी है। शाम करीब चार बजे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वैभव शर्मा कॉलेज परिसर पहुंचे और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। प्रिंसिपल एसके अग्निहोत्री ने बताया कि पिस्टल उनकी नहीं थी। कर्मचारी पिस्टल लेकर आए थे। कर्मचारियों के सभी आरोप झूठे हैं।
मामला संज्ञान में आया है। जांच अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपी है। अफसर हो या कर्मचारी मनमानी किसी की नहीं चलने दी जाएगी। जो न्याय संगत है, वहीं होगा। - बी. चंद्रकला, डीएम, बुलंदशहर
25-30 कर्मचारी मेरे दफ्तर में घुस आए। उन्होंने कर्मचारी संगठन का हवाला देते हुए अभद्रता शुरू कर दी। बाद में उन्हींने पिस्टल निकाल कर टेबल पर रख दी। डीएम और पुलिस को इस संबंध में सूचना दे दी है। - एसके अग्निहोत्री, प्र्रिंसिपल, कृषि विद्यालय
प्रिंसिपल के दफ्तर में समस्या पर वार्ता चल रही थी। प्रिंसिपल ने अचानक पिस्टल निकाल ली और धमकाना शुरू कर दिया। पिस्टल नहीं पकड़ते तो प्रिंसिपल कुछ भी कर सकते थे। संघ के लखनऊ पदाधिकारियों को घटना से अवगत कराया गया है। मामले को संघ सरकार के सामने रखेगा। - गजराज सिंह, नेता कर्मचारी संघ
पिस्टल किसकी, जांच का विषय
कर्मचारी नेताओं ने पिस्टल प्रिंसिपल की बताई है। जबकि प्रिंसिपल ने इंकार किया है। सवाल यह है कि पिस्टल का मालिक कौन है। आरोप प्रत्यारोप के दौर में पुलिस और अतिरक्त मजिस्ट्रेट की जांच रिपोर्ट तय करेगी कि आखिर पिस्टल को मालिक कौन है।