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डीएनए टेस्ट से हटेगा हैवानों के चेहरे का नकाब
प्रद्युम्न कौशिक, बुलंदशहर
Updated Mon, 22 Aug 2016 11:39 PM IST
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सीबीआई
- फोटो : Getty
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हाईवे पर हैवानियत को अंजाम देने वाले हैवानों के चेहरे से नकाब डीएनए टेस्ट के बाद ही हट सकेगा। सीबीआई पकड़े गए सभी आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराएगी। अभी तक पुलिस की थ्योरी से अलग चल रही सीबीआई डीएनए टेस्ट के बाद ही अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी। पीड़ित मां-बेटी का डीएनए टेस्ट पहले ही कराया जा चुका है।
हाईवे पर हैवानियत की जांच में जुटी सीबीआई की टीम पुलिस की थ्योरी पर यकीन नहीं कर पा रही है। डीजीपी से लेकर एसएसपी तक के बदलते बयानों से सीबीआई को पुलिस पर ज्यादा ऐतबार नहीं है। सबसे बड़ी उलझन तो इस बात को लेकर है कि पुलिस ने घटना का पूरा खुलासा कर दिया, लेकिन सलीम और रईस का लिंक नहीं बता सकी। खुलासे में और भी कई झोल हैं, जिसके कारण सीबीआई अलग थ्योरी से जांच में जुटी है।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई के लिए पूरे केस में सबसे ज्यादा अहम है डीएनए टेस्ट। पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी छह आरोपियों का सीबीआई डीएनए टेस्ट कराएगी। पीड़ित मां-बेटी के डीएनए टेस्ट पहले ही कराए जा चुके हैं। दोनों के डीएनए टेस्ट के मिलान के बाद ही सीबीआई को जांच में रफ्तार मिल सकेगी।
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डीएनए के बाद गैंगरेप के आरोपियों के चेहरों से नकाब हट सकेगा। इसके बाद ही पता लग सकेगा कि पुलिस ने सही आरोपी पकड़े या फिर हाईकोर्ट के दबाव में फर्जी खुलासा कर डाला।सीबीआई को
गोपनीयता भंग का खतरा
हाईवे पर हैवानियत की जांच को आई सीबीआई ने पहले पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस को अपना कैंप कार्यालय बनाया था, लेकिन इस गेस्ट हाउस के शहर के अंदर और ज्यादा चहल-पहल होने के कारण सीबीआई को गोपनीयता भंग होने की आशंका थी। इसी के मद्देनजर सीबीआई ने अपना नया कैंप कार्यालय शहर से दो किमी दूर वलीपुरा स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस को बनाया है।
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हाईवे पर हैवानियत की जांच में जुटी सीबीआई की टीम पुलिस की थ्योरी पर यकीन नहीं कर पा रही है। डीजीपी से लेकर एसएसपी तक के बदलते बयानों से सीबीआई को पुलिस पर ज्यादा ऐतबार नहीं है। सबसे बड़ी उलझन तो इस बात को लेकर है कि पुलिस ने घटना का पूरा खुलासा कर दिया, लेकिन सलीम और रईस का लिंक नहीं बता सकी। खुलासे में और भी कई झोल हैं, जिसके कारण सीबीआई अलग थ्योरी से जांच में जुटी है।
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सूत्रों का कहना है कि सीबीआई के लिए पूरे केस में सबसे ज्यादा अहम है डीएनए टेस्ट। पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी छह आरोपियों का सीबीआई डीएनए टेस्ट कराएगी। पीड़ित मां-बेटी के डीएनए टेस्ट पहले ही कराए जा चुके हैं। दोनों के डीएनए टेस्ट के मिलान के बाद ही सीबीआई को जांच में रफ्तार मिल सकेगी।
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डीएनए के बाद गैंगरेप के आरोपियों के चेहरों से नकाब हट सकेगा। इसके बाद ही पता लग सकेगा कि पुलिस ने सही आरोपी पकड़े या फिर हाईकोर्ट के दबाव में फर्जी खुलासा कर डाला।सीबीआई को
गोपनीयता भंग का खतरा
हाईवे पर हैवानियत की जांच को आई सीबीआई ने पहले पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस को अपना कैंप कार्यालय बनाया था, लेकिन इस गेस्ट हाउस के शहर के अंदर और ज्यादा चहल-पहल होने के कारण सीबीआई को गोपनीयता भंग होने की आशंका थी। इसी के मद्देनजर सीबीआई ने अपना नया कैंप कार्यालय शहर से दो किमी दूर वलीपुरा स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस को बनाया है।