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..तो एक मोबाइल और छह हजार रुपये से जुड़ा है कोई तार!

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jan 2019 12:09 AM IST
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..तो एक मोबाइल और छह हजार रुपये से जुड़ा है कोई तार!

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..तो एक मोबाइल और छह हजार रुपये से जुड़ा है कोई तार!
बुलंदशहर। हबीब के एनआईए की हिरासत में आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। चर्चा है कि सऊदी अरब से एक मोबाइल फोन और छह हजार रुपये लाकर किसी व्यक्ति को देना ही हबीब को भारी पड़ गया। इस बात में कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि अभी कोई अधिकारी नहीं कर रहा है, लेकिन परिजन हबीब को इसके लिए कोसते नजर आ रहे हैं।

एनआईए टीम के जाने के बाद गांव में चर्चाएं हो रही हैं कि आखिर एनआईए किस मकसद से हबीब को अपने साथ ले गई। बताया गया कि हबीब (44) करीब 24-25 वर्ष से सऊदी में रहा था। वहां वह रेडिएटर रिपेयरिंग का काम करता था। वह चार-पांच माह के अंतराल में अपने गांव आता रहता था। करीब पांच माह पहले हबीब नौकरी छोड़कर वापस अपने वतन लौट आया था। इसके बाद उसने गांव में ही अपने घर के बाहर परचून की एक दुकान खोल ली थी। बताया गया कि जब वह सऊदी से लौट कर आ रहा था, उस दौरान उसका संपर्क एक व्यक्ति से हुआ था। जिसने हबीब को एक मोबाइल फोन और छह हजार रुपये भारत में किसी को देने के लिए दिए थे। साथ ही हबीब को एक मोबाइल नंबर भी दिया था, जिस पर हबीब उक्त व्यक्ति से संपर्क कर मोबाइल और रुपये पहुंचा सके। परिजनों व ग्रामीणों ने बताया कि सऊदी से लौटने के बाद उसने उक्त नंबर पर फोन किया था, जिसके बाद गांव में एक व्यक्ति आकर हबीब से मोबाइल व छह हजार रुपये ले गया था। माना जा रहा है कि उक्त मोबाइल फोन के बारे में जानकारी जुटाने के लिए ही एनआईए ने हबीब को हिरासत में लिया है। हालांकि इस बाबत अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकी है।
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