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जांच पूरी होने पर बदल सकती है बलवे की तस्वीर
Updated Sat, 08 Dec 2018 11:58 PM IST
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जांच पूरी होने पर बदल सकती है बलवे की तस्वीर
बुलंदशहर। महाब और चिंगरावठी में हुए बलवे को पांच दिन बीत चुके हैं और अभी तक पुलिस व प्रशासन मामले में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है। जांच में रोज नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस ने जीतू फौजी को इंस्पेक्टर पर गोली मारने का आरोपी बनाया है। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद जीतू घटना से जुड़े कई राज खोल सकता है। जीतू के अलावा कई अन्य नामजद आरोपी हैं, जिन तक पुलिस अभी नहीं पहुंच पाई है। इन आरोपियों को पकड़ने के बाद घटना की तस्वीर बदल सकती है।
तीन दिसंबर की सुबह महाब गांव में कथित गो कटान के बाद चिंगरावठी चौकी के बाहर अवशेष को लेकर ग्रामीणों ने स्याना-बुलंदशहर मार्ग जाम कर दिया था। देखते ही देखते कुछ देर में हिंसा भड़क गई। इसमें इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार सिंह और युवक सुमित की मौत हो गई थी। मौत के बाद पुलिस ने योगेश राज को घटना का मुख्य आरोपी बनाया। उसके बाद पुलिस को एक वीडियो हाथ लगा, जिसके बाद जीतू फौजी को इंस्पेक्टर को गोली मारने का आरोपी बनाया गया है। स्थानीय पुलिस और तथ्य भी नहीं जुटा पा रही है। केवल जारी वीडियो के आधार पर युवकों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। नामजद सभी आरोपी गिरफ्तार हो जाएं। उसके बाद घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ की जाए, तो बलवे की तस्वीर बदल सकती है। बलवे के दौरान मौजूद कई लोग उस घटना के गवाह हैं, लेकिन पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। स्थानीय स्तर पर उस तरह से पड़ताल नहीं की जा रही है, जिस तरह से होनी चाहिए।
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हवा में तीर चला रहे कई अधिकारी
पुलिस सूत्रों की मानें तो कुछ अधिकारी घटना के बाद हवा में तीर चला रहे हैं। अधिकारियों को यह भी साफ हो गया था कि इसमें बड़े साहब तो नपेंगे ही। इसलिए शांत पड़े रहो। उन्होंने गश्त के अलावा कोई जिम्मेदारी घटना के बाद नहीं निभाई है।
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नए कप्तान से बढ़ी न्याय की उम्मीद
जिस तरह से स्थानीय पुलिस जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रही थी। उससे लोगों को न्याय की उम्मीद नहीं थी। ग्रामीणों के अनुसार नए एसएसपी से लोगों को न्याय की उम्मीद जगी है। चिंगरावठी और नयाबांस की महिलाओं को भी उनसे न्याय की आस है।
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बुलंदशहर। महाब और चिंगरावठी में हुए बलवे को पांच दिन बीत चुके हैं और अभी तक पुलिस व प्रशासन मामले में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है। जांच में रोज नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस ने जीतू फौजी को इंस्पेक्टर पर गोली मारने का आरोपी बनाया है। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद जीतू घटना से जुड़े कई राज खोल सकता है। जीतू के अलावा कई अन्य नामजद आरोपी हैं, जिन तक पुलिस अभी नहीं पहुंच पाई है। इन आरोपियों को पकड़ने के बाद घटना की तस्वीर बदल सकती है।
तीन दिसंबर की सुबह महाब गांव में कथित गो कटान के बाद चिंगरावठी चौकी के बाहर अवशेष को लेकर ग्रामीणों ने स्याना-बुलंदशहर मार्ग जाम कर दिया था। देखते ही देखते कुछ देर में हिंसा भड़क गई। इसमें इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार सिंह और युवक सुमित की मौत हो गई थी। मौत के बाद पुलिस ने योगेश राज को घटना का मुख्य आरोपी बनाया। उसके बाद पुलिस को एक वीडियो हाथ लगा, जिसके बाद जीतू फौजी को इंस्पेक्टर को गोली मारने का आरोपी बनाया गया है। स्थानीय पुलिस और तथ्य भी नहीं जुटा पा रही है। केवल जारी वीडियो के आधार पर युवकों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। नामजद सभी आरोपी गिरफ्तार हो जाएं। उसके बाद घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ की जाए, तो बलवे की तस्वीर बदल सकती है। बलवे के दौरान मौजूद कई लोग उस घटना के गवाह हैं, लेकिन पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। स्थानीय स्तर पर उस तरह से पड़ताल नहीं की जा रही है, जिस तरह से होनी चाहिए।
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हवा में तीर चला रहे कई अधिकारी
पुलिस सूत्रों की मानें तो कुछ अधिकारी घटना के बाद हवा में तीर चला रहे हैं। अधिकारियों को यह भी साफ हो गया था कि इसमें बड़े साहब तो नपेंगे ही। इसलिए शांत पड़े रहो। उन्होंने गश्त के अलावा कोई जिम्मेदारी घटना के बाद नहीं निभाई है।
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नए कप्तान से बढ़ी न्याय की उम्मीद
जिस तरह से स्थानीय पुलिस जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रही थी। उससे लोगों को न्याय की उम्मीद नहीं थी। ग्रामीणों के अनुसार नए एसएसपी से लोगों को न्याय की उम्मीद जगी है। चिंगरावठी और नयाबांस की महिलाओं को भी उनसे न्याय की आस है।
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