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करीब एक घंटे तक हुई फायरिंग और पथराव
Updated Mon, 03 Dec 2018 11:23 PM IST
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एक घंटे तक हुई फायरिंग और पथराव से दहला स्याना
बुलंदशहर। इज्तमा में जुटे आला अफसरों को स्याना पुलिस द्वारा सुबह करीब दस बजे ही गोकशी की सूचना दे दी गई थी। हंगामा बढ़ रहा था, लेकिन आला अफसर केवल फोन पर ही स्याना पुलिस को निर्देशित कर रहे थे। करीब एक घंटे तक हुई फायरिंग व पथराव को रोका जा सकता था, यदि मौके पर आला अधिकारी पहुंच कर भीड़ को शांत करने की कोशिश करते। करीब एक घंटे तक हुई फायरिंग और पथराव से स्याना कस्बा दहल गया। लगातार हो रहे पथराव के चलते चौकी छोड़कर पुलिस कर्मी बिरौली गांव की ओर भागने लगे।
बता दें कि स्याना के गांव महाब में सोमवार सुबह हुई गोकशी की सूचना कोतवाली से जिला स्तर के अधिकारियों को दे दी गई थी। लेकिन, आला अधिकारी इज्तमा में जुटे रहे। सुबह करीब नौ बजे घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी थी। इसके बाद गांव में पहुंची पुलिस ने करीब दस बजे आला अधिकारियों को अवगत करा दिया था। इसके बाद ग्रामीण पशु अवशेषों को चौकी पर लेकर पहुंच गए। जहां, करीब साढ़े 11 बजे पुलिस और ग्रामीणों के बीच बवाल हो गया। करीब एक घंटे तक चौकी के सामने बवाल चलता रहा। बवाल की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी से लेकर एसएसपी और विभिन्न थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। अब सवाल है कि यदि अधिकारियों को सुबह से ही घटना की सूचना थी तो स्याना पुलिस को सहायता समय रहते क्यों नहीं पहुंचाई गई। यदि समय रहते स्याना पुलिस को अन्य पुलिस बल मिल गया होता तो शायद यह घटना इतना हिंसक रुप नहीं लेती। ग्रामीणों की ओर से आगजनी और पथराव के दौरान पुलिसकर्मी चौकी को छोड़कर गांव बिरौली की ओर भाग निकले। इस दौरान फायरिंग होते देख ग्रामीण स्याना और खेतों की ओर भागने लगे थे।
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एक बार लौटी थी पुलिस : पथराव और फायरिंग के बाद पुलिसकर्मियों ने जज्बा दिखाते हुए एक बार वापस चौकी पर पहुंच कर दंगाइयों को खदेड़ने की कोशिश की थी। लेकिन, दंगाई पुलिस पर हावी नजर आए।
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बुलंदशहर। इज्तमा में जुटे आला अफसरों को स्याना पुलिस द्वारा सुबह करीब दस बजे ही गोकशी की सूचना दे दी गई थी। हंगामा बढ़ रहा था, लेकिन आला अफसर केवल फोन पर ही स्याना पुलिस को निर्देशित कर रहे थे। करीब एक घंटे तक हुई फायरिंग व पथराव को रोका जा सकता था, यदि मौके पर आला अधिकारी पहुंच कर भीड़ को शांत करने की कोशिश करते। करीब एक घंटे तक हुई फायरिंग और पथराव से स्याना कस्बा दहल गया। लगातार हो रहे पथराव के चलते चौकी छोड़कर पुलिस कर्मी बिरौली गांव की ओर भागने लगे।
बता दें कि स्याना के गांव महाब में सोमवार सुबह हुई गोकशी की सूचना कोतवाली से जिला स्तर के अधिकारियों को दे दी गई थी। लेकिन, आला अधिकारी इज्तमा में जुटे रहे। सुबह करीब नौ बजे घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी थी। इसके बाद गांव में पहुंची पुलिस ने करीब दस बजे आला अधिकारियों को अवगत करा दिया था। इसके बाद ग्रामीण पशु अवशेषों को चौकी पर लेकर पहुंच गए। जहां, करीब साढ़े 11 बजे पुलिस और ग्रामीणों के बीच बवाल हो गया। करीब एक घंटे तक चौकी के सामने बवाल चलता रहा। बवाल की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी से लेकर एसएसपी और विभिन्न थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। अब सवाल है कि यदि अधिकारियों को सुबह से ही घटना की सूचना थी तो स्याना पुलिस को सहायता समय रहते क्यों नहीं पहुंचाई गई। यदि समय रहते स्याना पुलिस को अन्य पुलिस बल मिल गया होता तो शायद यह घटना इतना हिंसक रुप नहीं लेती। ग्रामीणों की ओर से आगजनी और पथराव के दौरान पुलिसकर्मी चौकी को छोड़कर गांव बिरौली की ओर भाग निकले। इस दौरान फायरिंग होते देख ग्रामीण स्याना और खेतों की ओर भागने लगे थे।
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एक बार लौटी थी पुलिस : पथराव और फायरिंग के बाद पुलिसकर्मियों ने जज्बा दिखाते हुए एक बार वापस चौकी पर पहुंच कर दंगाइयों को खदेड़ने की कोशिश की थी। लेकिन, दंगाई पुलिस पर हावी नजर आए।
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