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जातिसूचक शब्द बोलने पर छह माह की सजा और दो हजार रुपये का अर्थदंड
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:46 PM IST
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जातिसूचक शब्द बोलने पर छह माह की सजा, दो हजार रुपये का अर्थदंड
बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट विष्णुु कुमार शर्मा के न्यायालय ने पीड़ित युवक के साथ मारपीट व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के मामले में आरोपी युवक को दोषी माना है। न्यायाधीश ने आरोपी को छह माह कारावास समेत अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केशव देव शर्मा व सुरेंद्र चौहान ने बताया कि वादी लोकेश पुत्र राधेलाल जाटव ने 17 सितंबर 2013 को थाना औरंगाबाद में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि दिन में वह बाजार से अपने घर जा रहा था, उसने स्वामी विवेकानंद छपी हुई एक टीशर्ट पहनी हुई थी। जब वह मोहल्ले में शम्सु की टुकड़िया के पास पहुंचा तो वहां दो तीन लड़के बैठे हुए थे। इस दौरान एक आरोपी युवक सुवालेद्दीन पुत्र मोहम्मद उमर निवासी गांव अजीबाबाद थाना औरंगाबाद ने उसे रोक लिया और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता करनी शुरू कर दी। साथ ही रंगीन टीशर्ट पहनने पर भी आपत्ति जताई। शोर शराबा सुनकर मोहल्ले के लोगों ने उसे बचाया। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी युवक के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। न्यायाधीश ने अब आरोपी को दोषी मानते हुए उसे छह माह का कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट विष्णुु कुमार शर्मा के न्यायालय ने पीड़ित युवक के साथ मारपीट व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के मामले में आरोपी युवक को दोषी माना है। न्यायाधीश ने आरोपी को छह माह कारावास समेत अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केशव देव शर्मा व सुरेंद्र चौहान ने बताया कि वादी लोकेश पुत्र राधेलाल जाटव ने 17 सितंबर 2013 को थाना औरंगाबाद में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि दिन में वह बाजार से अपने घर जा रहा था, उसने स्वामी विवेकानंद छपी हुई एक टीशर्ट पहनी हुई थी। जब वह मोहल्ले में शम्सु की टुकड़िया के पास पहुंचा तो वहां दो तीन लड़के बैठे हुए थे। इस दौरान एक आरोपी युवक सुवालेद्दीन पुत्र मोहम्मद उमर निवासी गांव अजीबाबाद थाना औरंगाबाद ने उसे रोक लिया और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता करनी शुरू कर दी। साथ ही रंगीन टीशर्ट पहनने पर भी आपत्ति जताई। शोर शराबा सुनकर मोहल्ले के लोगों ने उसे बचाया। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी युवक के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। न्यायाधीश ने अब आरोपी को दोषी मानते हुए उसे छह माह का कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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