फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   सोता रहा सूचना तंत्र, उपद्रवी अपने मंसूबों को देते रहे अंजाम

सोता रहा सूचना तंत्र, उपद्रवी अपने मंसूबों को देते रहे अंजाम

Mon, 02 Apr 2018 11:25 PM IST
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:25 PM IST
विज्ञापन
सोया रहा खुफिया तंत्र, उपद्रवी मंसूबों को देते रहे अंजाम
विज्ञापन

- हजारों एससी-एसटी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई थी खास सामग्री
- टीशर्ट, गाड़ियां, पत्थर-लाठियां समेत अन्य शस्त्र भी कराए गए उपलब्ध
- असामाजिक तत्वों को भांपने में पूरी तरह नाकाम रहा खुफिया तंत्र
पुनीत शर्मा
बुलंदशहर। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ प्रदर्शन के नाम पर हिंसा भड़काने वाले असामाजिक तत्व अपने मंसूबे को अंजाम देने में कामयाब रहे, जबकि प्रशासन को खुफिया तंत्र सूचना देने में पूरी तरह से नाकाम रहा। खुफिया तंत्र की नाकामी का आलम यह रहा कि असामाजिक तत्वों ने हजारों की संख्या में लोगों को उपद्रव के लिए विभिन्न सामग्री उपलब्ध कराते हुए उन्हें उकसाया गया। इसके चलते जिले में सांसद आवास, पेट्रोल पंप समेत दर्जनों बसों में तोड़फोड़ की गई।
जिले में असामाजिक तत्वों द्वारा उपद्रव और आंदोलन पर नजर रखने के लिए शासन द्वारा खुफिया तंत्र को तैनात किया हुआ है। जिले में खुफिया तंत्र का आलम यह है कि तंत्र सोमवार को हुए उपद्रव के बारे में कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाया। आंदोलन से पूर्व साजिशकर्ताओं ने लोगों को उपद्रव करने के लिए न केवल उकसाया, बल्कि लोगों को विशेष रूप से प्रिंट की गई टीशर्ट, आने जाने की सुविधा, उपद्रव के लिए पत्थर, लाठियां, डंडे उपलब्ध कराए। उपद्रव में हजारों की भीड़ आने का अनुमान भी खुफिया तंत्र ठीक से नहीं लगा पाया, जिसके चलते प्रशासन को उपद्रव के बारे में कोई ठोस सूचना नहीं मिल सकी और उपद्रव पर काबू पाने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया। ऐसे में सोमवार को हुए उपद्रव के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किन लोगों ने आरक्षण के लिए दलितों को उकसाते हुए उन्हें आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। एडीएम प्रशासन अरविंद मिश्र ने बताया कि खुफिया तंत्र से कोई बड़ी जानकारी नहीं दी गई थी। लोगों को आरक्षण के बारे में हर संभव समझाने की कोशिश की जा रही है। उपद्रव से कोई रास्ता नहीं निकलने वाला है। वहीं, बसपा जिलाध्यक्ष कमल राजन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ बंद सफल रहा है। पार्टी हिंसा का विरोध करती है। दंगा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही किसी निर्दोष को किसी भी हालत में न फंसाया जाए।
विज्ञापन


जिले भर में प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
फोटो समाचार
बुलंदशहर/गुलावठी/बुगरासी/शिकारपुर/डिबाई/खानपुर/नरौरा/स्याना
एससी-एसटी एक्ट को पूर्व की भांति लागू करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर अधिवक्ता परिषद, समता सैनिक दल की बुलंदशहर यूनिट, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, बाल्मीकि विकास संघ, नागरिक समाज सेवा मंच, उप्र. बाल्मीकि विकास महासभा, भीम सेना, बहुजन सशक्तिकरण, दलित शोषण मुक्ति संघ, राष्ट्रीय खटीक एकता मंच, डॉ. अंबेडकर समाज सुधार समिति, जाटव सुधार समिति, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल, दलित शोषित वेलफेयर सोसाइटी समेत अन्य संगठन और एससी-एसटी वर्ग के लोगों ने प्रदर्शन किया। गुुलावठी में अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 को पूर्व की भांति लागू करने की मांग को लेकर दलित समाज के लोगों ने नगर में जुलूस निकालकर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगाया। जाम खुलवाने में पुलिस बल बेबस नजर आया। बाद में अपनी मांगों का एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सीओ सिकंदराबाद आलोक सिंह को सौंपा। मौके पर हरिशचंद रवि, लखपत सिंह, राजवीर सिंह, पूर्व पालिकाध्यक्ष मंगतराम पाल, सीमा साईं मौजूद रहे। बुगरासी में दलितों ने अंबेडकर पार्क से सभी मुख्य बाजार से होती हुई शांतिपूर्वक रैली निकाली। हालांकि रैली में व्यापारियों से बाजार बंद की अपील की गई लेकिन अधिकांश व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोले रखे। कुछ व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद भी किए, लेकिन रैली के दुकान से आगे जाते ही पुन: दुकान खोल ली गईं। रैली एसडीएम को ज्ञापन देने के लिए स्याना के लिए रवाना हो गई। कस्बे में बंद पूरी तरह से बेअसर रहा। इस अवसर पर एडवोकेट झम्मन सिंह, गुड्डू गौतम, पीतम सिंह, सचिन कुमार, बालिस्टर सिंह मौजूद रहे। अनूपशहर में भारी तादात में जलूस की शक्ल में तहसील आये हजारों दलितों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर राष्ट्रपति महोदय को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार हेमेंद्र कुमार को दिया। तहसील में प्रदर्शनकारियों ने सभा कर तहसीलदार को ज्ञापन देकर प्रदर्शन खत्म किया। विजय गौतम, प्रकाश चंद बादल, यशवंत वाल्मिीकि, मनोज गोल्डी, ओमप्रकाश दिवाकर, हरिश्चंद, वेदप्रकाश वर्मा, जय सिंह, प्रेम सिंह आदि रहे। शिकारपुर में लोगों ने शिकारपुर नगर में प्रदर्शंन किया और नारेबाजी की। बाद में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम बेदप्रकाश मिश्रा को राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में खेम बाबू, कालू राम, चरण सिंह, नानकचंद बौद्ध शामिल रहे। डिबाई में एससीएसटी एक्ट बदलाव के विरोध में दलित समुदाय के लोगों ने बैठक कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान नाहर सिंह ठेकेदार, सुंदर सिंह, चंद्रपाल सिंह, बिन्नामी सिंह, शीशपाल सिंह उपस्थित रहे। स्याना में लोगों ने जुलूस निकाला व एसडीएम को ज्ञापन भी दिया। आक्रोशित युवकों द्वारा नगर में नारे बाजी की गई व दुकानदारों से झड़प भी हुई। मौके पर महेन्द्र सिंह, रामबाबू सभासद, देवानन्द गौतम, घनश्याम दास गौतम, अनिल कुमार मौजूद रहे। खानपुर नगर में दलित समाज के लोग अम्बेडकर पार्क में इकट्ठा हुये। फैसले के विरोध में नारेबाजी करते हुये अंबेडकर पार्क से शुरू होकर बस स्टैंड मुख्य बाजार से जुलूस निकाला। जुलूस में बसपा नगराध्यक्ष राकेश सागर, राजाराम, मोमराज, खेमचन्द फौजी, बाबा कदीर, सुनेश लोधी, गजय, रविन्द्र जाटव, भिकारी जाटव, संजीव गौतम, विकास कुमार आदि शामिल रहे। वहीं, नरौरा में सोमवार को सामान्य दिनों की तरह बाजार खुला और कोई प्रदर्शन नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed