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दो मुकदमों में 15 को उम्रकैद
अमर उजाला /बुलंदशहर
Updated Wed, 14 Dec 2016 11:15 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : ब्यूरो
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अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र में 14 साल पहले नाली के विवाद में एक दलित युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में कोर्ट ने नौ आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि तीन की केस विचारण के दौरान ही मौत हो चुकी है। साथ ही एक नाबालिग आरोपी की किशोर न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
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कोर्ट ने दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट/ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवशंकर प्रसाद की कोर्ट ने सुनाया है। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सुनील चौधरी व वादी के अधिवक्ता नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि वादी बलदेव जाटव पुत्र गरीबदास निवासी पंचदेवरा ने 24 जनवरी 2002 को थाना अनूपशहर में एफआईआर दर्ज कराई थी।
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उसने बताया था कि गांव के कृष्ण कुमार शर्मा पुत्र अमीचंद शर्मा व उसके भाइयों ने अपने नल की पानी का निकास वादी की जाटवों वाली गली वाली गली में कर दिया था। 24 जनवरी 2002 की सुबह करीब 10.30 बजे वादी का लड़का महेंद्र व मोहल्ले के ब्रह्मपाल, लाला जाटव, भानू, कल्यान सिंह जाटव, मलाखान सिंह व विशंभर सिंह आदि कृष्ण कुमार शर्मा व उसके भाई व भतीजे से मिले।
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कृष्ण कुमार शर्मा, ब्रजेश, महेंद्र, महानंद, सुभाष, सूरज, संतोष, ओमदत्त, शिवकुमार, राकेश, शंकर, सुशील उर्फ पप्पू और सुधीर निवासी खालौर अपने हाथों में लाठी-डंडे व खतरनाक हथियार लेकर आए और सूरज ने हाथ में लिए तमंचे से महेंद्र को गोली मार दी।
जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शिवकुमार ने ब्रह्मपाल व त्रिलोकचंद पर फायर किए। भीड़ ने मौके पर सुशील कुमार उर्फ पप्पू को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कोर्ट में मामला विचारण के दौरान के दौरान महेंद्र, कृष्ण कुमार और एक अन्य की मौत हो गई। जबकि एक नाबालिग आरोपी की पत्रावली अलग हो गई। जिसका मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद नौ आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।