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लक्षण विहीन एवं मामूली लक्षण वाले संक्रमित बच्चों के लिए दवाएं तय
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लक्षण विहीन एवं मामूली लक्षण वाले संक्रमित बच्चों के लिए दवाएं तय
बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग ने लक्षण विहीन एवं मामूली लक्षण वाले संक्रमित बच्चों के लिए दवाएं तय कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव व लक्षणयुक्त व्यक्तियों के इस्तेमाल के लिए समिति द्वारा तय की गई दवाओं को लोगों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। शून्य से 12 साल तक के बच्चों को तीन श्रेणी में बांटते हुए और 12 साल से ऊपर वाले मरीजों को लक्षणों के आधार पर जरूरी दवाओं के सेवन की सलाह दी गई है।
शून्य से 12 माह
किट में पैरासिटामोल ड्रॉप (100 मिग्रा प्रति मिली.) की दो शीशी, मल्टी विटामिन ड्रॉप की एक शीशी और ओआरएस का एक पैकेट शामिल है। पैरासिटामोल ड्रॉप बुखार आने पर बच्चे को देनी है। ध्यान रहे कि इसे खाली पेट नहीं देना है। शून्य से दो माह तक के शिशु को पैरासिटामोल ड्रॉप दशमलव पांच मिली. दिन में तीन बार देनी है। तीन से छह माह तक के शिशु को एक मिली. दिन में तीन बार और सात से 12 माह के शिशु को एक मिली. दिन में चार बार बुखार आने पर देनी है। मल्टी विटामिन की ड्रॉप छह माह तक के शिशुओं को नहीं देनी है। सात से 12 माह तक के शिशु को दशमलव पांच मिली. सात दिन तक देनी है। इसके अलावा दस्त की स्थिति में ओआरएस का घोल थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दें।
एक से पांच वर्ष के लिए
पैरासिटामोल सीरप (बुखार आने पर दें, ध्यान रहे खाली पेट नहीं देना है) - एक से दो वर्ष के बच्चे को पांच मिली. छह घंटे के अंतराल पर दिन में चार बार, दो से तीन वर्ष को 10 मिली. आठ घंटे के अंतराल पर दिन में तीन बार, तीन से पांच वर्ष के बच्चे को 10 मिली. छह घंटे के अंतराल पर दिन में चार बार देनी है। मल्टीविटामिन सिरप - एक से दो वर्ष के बच्चे को ढाई मिली. रात को एक बार, दो से पांच वर्ष तक के बच्चे को ढाई मिली. सुबह और रात को सात दिन तक देनी है। ओआरएस का घोल दस्त आने पर देना है।
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छह से 12 वर्ष के लिए
टैबलेट पैरासिटामोल (500 मिलीग्राम) बुखार आने पर आधी गोली दिन में तीन बार (खाली पेट नहीं देना है), टैबलेट आइवरमेक्टिन छह मिलीग्राम. रात को खाना खाने के एक घंटे बाद एक गोली तीन दिन तक, मल्टी विटामिन टैबलेट रात को सोने से पहले एक गोली सात दिन तक, ओआरएस का घोल दस्त आने पर देना है।
12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए
टैबलेट पैरासिटामोल (650 अथवा 500 मिलीग्राम) की 15 गोली पांच दिन के लिए, टैबलेट आइवरमेक्टिन 12 मिलीग्राम पांच दिन के लिए पांच गोली, रात के खाने के बाद (गर्भवती व धात्री महिलाओं और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं देनी है), टैबलेट एजिथ्रोमाइसिन-500 मिलीग्राम पांच दिन के लिए पांच गोली, टैबलेट विटामिन सी, टैबलेट, कैप्सूल विटामिन बी कांप्लेक्स, विटामिन डी थ्री। इन दवाओं के सेवन के साथ ही सांस संबंधी व्यायाम, योग व प्राणायाम करने की सलाह दी गई है। तीन से चार लीटर प्रतिदिन हल्का गर्म या गुनगुना पानी पीयें और दिन में तीन से चार बार आक्सीजन सेचुरेशन पर ध्यान दें। आक्सीजन सेचुरेशन 94 फीसदी से अधिक होना चाहिए।
ऑक्सीजन स्तर पर रखें नजर
एक साल तक के बच्चे को अधिक खांसी आ रही हो, पसली चल रही हो, बच्चा दूध व खुराक लेना बंद कर दे और तेज बुखार हो तो चिकित्सक से जरूर परामर्श लें। इसके साथ ही ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन सेचुरेशन पर नजर रखें। ऑक्सीजन सेचुरेशन 94 फीसद या उससे अधिक होना चाहिए।
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बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग ने लक्षण विहीन एवं मामूली लक्षण वाले संक्रमित बच्चों के लिए दवाएं तय कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव व लक्षणयुक्त व्यक्तियों के इस्तेमाल के लिए समिति द्वारा तय की गई दवाओं को लोगों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। शून्य से 12 साल तक के बच्चों को तीन श्रेणी में बांटते हुए और 12 साल से ऊपर वाले मरीजों को लक्षणों के आधार पर जरूरी दवाओं के सेवन की सलाह दी गई है।
शून्य से 12 माह
किट में पैरासिटामोल ड्रॉप (100 मिग्रा प्रति मिली.) की दो शीशी, मल्टी विटामिन ड्रॉप की एक शीशी और ओआरएस का एक पैकेट शामिल है। पैरासिटामोल ड्रॉप बुखार आने पर बच्चे को देनी है। ध्यान रहे कि इसे खाली पेट नहीं देना है। शून्य से दो माह तक के शिशु को पैरासिटामोल ड्रॉप दशमलव पांच मिली. दिन में तीन बार देनी है। तीन से छह माह तक के शिशु को एक मिली. दिन में तीन बार और सात से 12 माह के शिशु को एक मिली. दिन में चार बार बुखार आने पर देनी है। मल्टी विटामिन की ड्रॉप छह माह तक के शिशुओं को नहीं देनी है। सात से 12 माह तक के शिशु को दशमलव पांच मिली. सात दिन तक देनी है। इसके अलावा दस्त की स्थिति में ओआरएस का घोल थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दें।
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एक से पांच वर्ष के लिए
पैरासिटामोल सीरप (बुखार आने पर दें, ध्यान रहे खाली पेट नहीं देना है) - एक से दो वर्ष के बच्चे को पांच मिली. छह घंटे के अंतराल पर दिन में चार बार, दो से तीन वर्ष को 10 मिली. आठ घंटे के अंतराल पर दिन में तीन बार, तीन से पांच वर्ष के बच्चे को 10 मिली. छह घंटे के अंतराल पर दिन में चार बार देनी है। मल्टीविटामिन सिरप - एक से दो वर्ष के बच्चे को ढाई मिली. रात को एक बार, दो से पांच वर्ष तक के बच्चे को ढाई मिली. सुबह और रात को सात दिन तक देनी है। ओआरएस का घोल दस्त आने पर देना है।
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छह से 12 वर्ष के लिए
टैबलेट पैरासिटामोल (500 मिलीग्राम) बुखार आने पर आधी गोली दिन में तीन बार (खाली पेट नहीं देना है), टैबलेट आइवरमेक्टिन छह मिलीग्राम. रात को खाना खाने के एक घंटे बाद एक गोली तीन दिन तक, मल्टी विटामिन टैबलेट रात को सोने से पहले एक गोली सात दिन तक, ओआरएस का घोल दस्त आने पर देना है।
12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए
टैबलेट पैरासिटामोल (650 अथवा 500 मिलीग्राम) की 15 गोली पांच दिन के लिए, टैबलेट आइवरमेक्टिन 12 मिलीग्राम पांच दिन के लिए पांच गोली, रात के खाने के बाद (गर्भवती व धात्री महिलाओं और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं देनी है), टैबलेट एजिथ्रोमाइसिन-500 मिलीग्राम पांच दिन के लिए पांच गोली, टैबलेट विटामिन सी, टैबलेट, कैप्सूल विटामिन बी कांप्लेक्स, विटामिन डी थ्री। इन दवाओं के सेवन के साथ ही सांस संबंधी व्यायाम, योग व प्राणायाम करने की सलाह दी गई है। तीन से चार लीटर प्रतिदिन हल्का गर्म या गुनगुना पानी पीयें और दिन में तीन से चार बार आक्सीजन सेचुरेशन पर ध्यान दें। आक्सीजन सेचुरेशन 94 फीसदी से अधिक होना चाहिए।
ऑक्सीजन स्तर पर रखें नजर
एक साल तक के बच्चे को अधिक खांसी आ रही हो, पसली चल रही हो, बच्चा दूध व खुराक लेना बंद कर दे और तेज बुखार हो तो चिकित्सक से जरूर परामर्श लें। इसके साथ ही ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन सेचुरेशन पर नजर रखें। ऑक्सीजन सेचुरेशन 94 फीसद या उससे अधिक होना चाहिए।