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स्ट्रीट वेंडरों का दर्द : कैसे चलाएं घर, कहां से चुकाएं कर्ज
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रेहड़ी संचालक पूरन।
- फोटो : BULANDSHAHR
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स्ट्रीट वेंडरों का दर्द : कैसे चलाएं घर, कहां से चुकाएं कर्ज
बुलंदशहर। कोरोना कर्फ्यू के दौरान बाजार बंद रहने और अभी भी काम न चलने के कारण स्ट्रीट वेंडरों के सामने घर का खर्च चलाने की चुनौती है। इनमें से अधिकांश के सामने कर्ज की किस्त चुकाने की चुनौती है।
केंद्र सरकार ने गत वर्ष रेहड़ी/पटरी वाले दुकानदारों (स्ट्रीट वेंडर) को राहत के लिए स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना शुरू की। योजना के तहत 10-10 हजार रुपये का लोन दिया गया। इसके लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत जनपद के सभी कस्बों में रेहड़ी संचालकों को ऋण देने के लिए शिविर लगाकर पंजीकरण किए गए। इसके बाद डूडा कार्यालय से फाइल पास कर संबंधित बैंक में भेज दी गई। यहां से करीब 9,155 रेहड़ी संचालकों को लोन दिया गया। इनमें कुछ संचालकों द्वारा समय-समय पर रुपये जमा भी किए गए हैं। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक के अनुसार कितने लोगों ने किश्त जमा की है, इसकी जानकारी जनपद के सभी बैंकों से जुटाई जा रही है।
अप्रैल-मई में नहीं चला काम
निकाय से आजीविका चलाने के पीएम स्वनिधि योजना के तहत लोन लिया था। कोरोना कर्फ्यू में तो काम पूरी तरह बंद ही रहा। - पूरन, रेहड़ी संचालक
कैसे चुकाएं कर्ज
बैंक से योजना के तहत ऋण लिया। अभी भी हालात सामान्य नहीं हैं। अब ऋण को जमा करने में परेशानी आ रही है। - भोपाल, रेहड़ी संचालक
9, 155 ने लिया था लोन
जनपद में 9,155 रेहड़ी संचालकों को ऋण दिया जा चुका है। कुछ रेहड़ी संचालकों द्वारा समय-समय पर किस्त भी जमा की है। बैंकों से एनपीए होने वाले खातों की संख्या मांगी गई है। साथ ही जो रेहड़ी संचालक ऋण जमा नहीं कर रहे है उनसे संपर्क किया जा रहा है। - विजय गांधी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक
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बुलंदशहर। कोरोना कर्फ्यू के दौरान बाजार बंद रहने और अभी भी काम न चलने के कारण स्ट्रीट वेंडरों के सामने घर का खर्च चलाने की चुनौती है। इनमें से अधिकांश के सामने कर्ज की किस्त चुकाने की चुनौती है।
केंद्र सरकार ने गत वर्ष रेहड़ी/पटरी वाले दुकानदारों (स्ट्रीट वेंडर) को राहत के लिए स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना शुरू की। योजना के तहत 10-10 हजार रुपये का लोन दिया गया। इसके लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत जनपद के सभी कस्बों में रेहड़ी संचालकों को ऋण देने के लिए शिविर लगाकर पंजीकरण किए गए। इसके बाद डूडा कार्यालय से फाइल पास कर संबंधित बैंक में भेज दी गई। यहां से करीब 9,155 रेहड़ी संचालकों को लोन दिया गया। इनमें कुछ संचालकों द्वारा समय-समय पर रुपये जमा भी किए गए हैं। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक के अनुसार कितने लोगों ने किश्त जमा की है, इसकी जानकारी जनपद के सभी बैंकों से जुटाई जा रही है।
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अप्रैल-मई में नहीं चला काम
निकाय से आजीविका चलाने के पीएम स्वनिधि योजना के तहत लोन लिया था। कोरोना कर्फ्यू में तो काम पूरी तरह बंद ही रहा। - पूरन, रेहड़ी संचालक
कैसे चुकाएं कर्ज
बैंक से योजना के तहत ऋण लिया। अभी भी हालात सामान्य नहीं हैं। अब ऋण को जमा करने में परेशानी आ रही है। - भोपाल, रेहड़ी संचालक
9, 155 ने लिया था लोन
जनपद में 9,155 रेहड़ी संचालकों को ऋण दिया जा चुका है। कुछ रेहड़ी संचालकों द्वारा समय-समय पर किस्त भी जमा की है। बैंकों से एनपीए होने वाले खातों की संख्या मांगी गई है। साथ ही जो रेहड़ी संचालक ऋण जमा नहीं कर रहे है उनसे संपर्क किया जा रहा है। - विजय गांधी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक
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