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बुखार से तप रहा बरहाना, 15 किलोमीटर दूर होती है कोरोना जांच
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बुखार से तप रहा बरहाना, 15 किलोमीटर दूर होती है कोरोना जांच
बुगरासी। क्षेत्र का बरहाना गांव पंचायत चुनाव के बाद से बुखार में तप रहा है। बीते एक महीने के अंदर गांव के सात लोगों की जान कोरोना जैसे लक्षणों वाली बीमारी से चली गई है। कोरोना की जांच के लिए करीब छह हजार की आबादी वाले इस गांव के लोगों को 15 किलोमीटर का सफर तय करके स्याना सीएचसी पर जाना पड़ता है।
बरहाना गांव से तीन किलोमीटर दूर बुगरासी मेें एक प्राइमरी हेल्थ सेंटर है जिस पर आसपास के करीब 17 गांवों के लोगों के इलाज का जिम्मा है। पंचायत चुनाव के नामांकन, प्रचार और मतदान के बाद तक चली प्रक्रिया में क्षेत्र के गांवों में सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार हो गई। गांव के लोगों का बाहर आना-जाना भी बढ़ा। इसका नतीजा यह हुआ कि इन दिनों बरहाना गांव के घर-घर में बुखार के मरीज हैं। बीमार हो रहे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रहीं।
एक डॉक्टर के जिम्मे पीएचसी
बुगरासी पीएचसी पर एकमात्र प्रभारी चिकित्सक डा. कृष्णा तैनात हैं। इनके साथ ही एक फार्मासिस्ट, एक वार्ड ब्वॉय, एक एएनएम, एक हेल्थ सुपरवाइजर और एक स्वीपर तैनात किया गया है।
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गांव वालों की बात:
सात मौत फिर भी जांच नहीं
गांव में पिछले एक माह में सात लोगों की मौत हुई है। कई लोगों को बुखार व खांसी की समस्या है। बुगरासी पीएचसी पर कोविड जांच के लिए कोई सुविधा नहीं है। इसके लिए लोगों को स्याना सीएचसी जाना पड़ता है।
सुभाष गोस्वामी
वैक्सीनेशन जरूरी
कोविड महामारी से बचाव के लिए हमें खुद अपनी सुरक्षा करनी होगी। इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन लगवाने के लिए भी आगे आना होगा। यदि किसी व्यक्ति को परेशानी है तो बिना डरे उसकी जांच कराते हुए उपचार कराना होगा। गौरव त्यागी
खुद भी रखनी होगी सावधानी
गांव के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। समय पर अपनी जांच कराने, टीका लगवाने और गाइडलाइन का पालन करके हम देश को बचाने में अपना योगदान दे सकते हैं।
राजेंद्र त्यागी
लोगों को जरूरत है तो मैं तैयार हूं
क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार वार्ता की जा रही है। ऑक्सीजन प्लांट के लिए भी अपनी निधि से फंड देने के लिए डीएम को पत्र लिखा है। क्षेत्र के लोगों को यदि मेरी जरूरत है तो मैं हमेशा तैयार हूं।
देवेंद्र लोधी, विधायक स्याना
आदेश पर लगते हैं शिविर
पीएचसी पर कोविड जांच की सुविधा नहीं दी गई है। इसके लिए लोगों को स्याना सीएचसी पर ही जाना पड़ता है। यदि किसी भी गांव में शिविर लगाने के आदेश मिलते हैं तो उनका पालन करते हुए शिविर लगाया जाता है।
डा. कृष्णा, बुगरासी पीएचसी प्रभारी
गांव में कराएंगे सैनिटाइजेशन
गांव को सैनिटाइज कराने के लिए भी तैयारी की जा रहीं है। लोगों को मास्क पहनने के लिए भी जागरुक किया जा रहा है। महामारी को हराने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को गाइडलाइन का पालन करना होगा। गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की कोविड जांच भी कराई गई है।
टीटू, ग्राम प्रधान बरहाना
बरहाना में एक माह में इनकी गई जान
अनिल त्यागी
अशोक त्यागी
मलखान चौहान
जगवती देवी
मिथलेश देवी
बिजेंद्री देवी
प्रियंका त्यागी
गांवों में मंडरा रही मौत :
दौलतपुर कलां में एक महीने में हुईं 18 मौत
कनौना गांव में एक माह में हुईं 14 मौत
राजौर में हो चुकी हैं 9 लोगों की मौत
कुंवरपुर में भी गई सात लोगों की जान
राजौर में भी 9 लोगों की हो चुकी है मृत्यु
परवाना में एक माह में हुई 17 लोगों की मौत
कैलावन में 18 लोगों की गई जान
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बुगरासी। क्षेत्र का बरहाना गांव पंचायत चुनाव के बाद से बुखार में तप रहा है। बीते एक महीने के अंदर गांव के सात लोगों की जान कोरोना जैसे लक्षणों वाली बीमारी से चली गई है। कोरोना की जांच के लिए करीब छह हजार की आबादी वाले इस गांव के लोगों को 15 किलोमीटर का सफर तय करके स्याना सीएचसी पर जाना पड़ता है।
बरहाना गांव से तीन किलोमीटर दूर बुगरासी मेें एक प्राइमरी हेल्थ सेंटर है जिस पर आसपास के करीब 17 गांवों के लोगों के इलाज का जिम्मा है। पंचायत चुनाव के नामांकन, प्रचार और मतदान के बाद तक चली प्रक्रिया में क्षेत्र के गांवों में सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार हो गई। गांव के लोगों का बाहर आना-जाना भी बढ़ा। इसका नतीजा यह हुआ कि इन दिनों बरहाना गांव के घर-घर में बुखार के मरीज हैं। बीमार हो रहे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रहीं।
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एक डॉक्टर के जिम्मे पीएचसी
बुगरासी पीएचसी पर एकमात्र प्रभारी चिकित्सक डा. कृष्णा तैनात हैं। इनके साथ ही एक फार्मासिस्ट, एक वार्ड ब्वॉय, एक एएनएम, एक हेल्थ सुपरवाइजर और एक स्वीपर तैनात किया गया है।
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गांव वालों की बात:
सात मौत फिर भी जांच नहीं
गांव में पिछले एक माह में सात लोगों की मौत हुई है। कई लोगों को बुखार व खांसी की समस्या है। बुगरासी पीएचसी पर कोविड जांच के लिए कोई सुविधा नहीं है। इसके लिए लोगों को स्याना सीएचसी जाना पड़ता है।
सुभाष गोस्वामी
वैक्सीनेशन जरूरी
कोविड महामारी से बचाव के लिए हमें खुद अपनी सुरक्षा करनी होगी। इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन लगवाने के लिए भी आगे आना होगा। यदि किसी व्यक्ति को परेशानी है तो बिना डरे उसकी जांच कराते हुए उपचार कराना होगा। गौरव त्यागी
खुद भी रखनी होगी सावधानी
गांव के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। समय पर अपनी जांच कराने, टीका लगवाने और गाइडलाइन का पालन करके हम देश को बचाने में अपना योगदान दे सकते हैं।
राजेंद्र त्यागी
लोगों को जरूरत है तो मैं तैयार हूं
क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार वार्ता की जा रही है। ऑक्सीजन प्लांट के लिए भी अपनी निधि से फंड देने के लिए डीएम को पत्र लिखा है। क्षेत्र के लोगों को यदि मेरी जरूरत है तो मैं हमेशा तैयार हूं।
देवेंद्र लोधी, विधायक स्याना
आदेश पर लगते हैं शिविर
पीएचसी पर कोविड जांच की सुविधा नहीं दी गई है। इसके लिए लोगों को स्याना सीएचसी पर ही जाना पड़ता है। यदि किसी भी गांव में शिविर लगाने के आदेश मिलते हैं तो उनका पालन करते हुए शिविर लगाया जाता है।
डा. कृष्णा, बुगरासी पीएचसी प्रभारी
गांव में कराएंगे सैनिटाइजेशन
गांव को सैनिटाइज कराने के लिए भी तैयारी की जा रहीं है। लोगों को मास्क पहनने के लिए भी जागरुक किया जा रहा है। महामारी को हराने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को गाइडलाइन का पालन करना होगा। गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की कोविड जांच भी कराई गई है।
टीटू, ग्राम प्रधान बरहाना
बरहाना में एक माह में इनकी गई जान
अनिल त्यागी
अशोक त्यागी
मलखान चौहान
जगवती देवी
मिथलेश देवी
बिजेंद्री देवी
प्रियंका त्यागी
गांवों में मंडरा रही मौत :
दौलतपुर कलां में एक महीने में हुईं 18 मौत
कनौना गांव में एक माह में हुईं 14 मौत
राजौर में हो चुकी हैं 9 लोगों की मौत
कुंवरपुर में भी गई सात लोगों की जान
राजौर में भी 9 लोगों की हो चुकी है मृत्यु
परवाना में एक माह में हुई 17 लोगों की मौत
कैलावन में 18 लोगों की गई जान