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बेहतर खानपान से दी कोरोना का मात
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बेहतर खानपान से दी कोरोना का मात
बुलंदशहर। नगर निवासी एक युवक ने कोरोना संक्रमित आने पर धैर्य बनाए रखा और खानपान के साथ नींद पर भी ध्यान दिया। जिससे वो संक्रमण से जल्द मुक्त हो सके। फिलहाल युवक कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं और होम आइसोलेट हैं।
नगर के शांतिनगर भूड़ निवासी विजय का 15 दिन पूर्व स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने लगा। एक-दो दिन बुखार की दवा लेने के बाद भी जब हालत नहीं सुधरी तो उन्होंने कोविड की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई। इस दौरान विजय ने अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराना उचित समझा। विजय ने बताया कि सुबह-शाम समय से खानपान के साथ काढ़ा का सेवन करते रहे। साथ ही रात के अलावा दिन में दो से तीन घंटे तक अच्छी नींद ली और सुबह-शाम योग भी किया। इसके अलावा दवा का सेवन समय से किया। संक्रमित होने के बाद आत्मबल को कभी कमजोर नहीं होने दिया और यह विश्वास लगातार बनाए रखा। बताया कि संक्त्रस्मित आने पर अधिकांश लोगों को आत्मबल कमजोर हो जाता है तो वायरस उन्हें अपनी जकड़ में ले लेता हैं। संक्रमित आने के बाद आत्मबल को कमजोर न होने दें।
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बुलंदशहर। नगर निवासी एक युवक ने कोरोना संक्रमित आने पर धैर्य बनाए रखा और खानपान के साथ नींद पर भी ध्यान दिया। जिससे वो संक्रमण से जल्द मुक्त हो सके। फिलहाल युवक कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं और होम आइसोलेट हैं।
नगर के शांतिनगर भूड़ निवासी विजय का 15 दिन पूर्व स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने लगा। एक-दो दिन बुखार की दवा लेने के बाद भी जब हालत नहीं सुधरी तो उन्होंने कोविड की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई। इस दौरान विजय ने अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराना उचित समझा। विजय ने बताया कि सुबह-शाम समय से खानपान के साथ काढ़ा का सेवन करते रहे। साथ ही रात के अलावा दिन में दो से तीन घंटे तक अच्छी नींद ली और सुबह-शाम योग भी किया। इसके अलावा दवा का सेवन समय से किया। संक्रमित होने के बाद आत्मबल को कभी कमजोर नहीं होने दिया और यह विश्वास लगातार बनाए रखा। बताया कि संक्त्रस्मित आने पर अधिकांश लोगों को आत्मबल कमजोर हो जाता है तो वायरस उन्हें अपनी जकड़ में ले लेता हैं। संक्रमित आने के बाद आत्मबल को कमजोर न होने दें।
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