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Bulandshahar News: जितेंद्र हत्याकांड में दोषी को आजीवन कारावास की सजा
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बुलंदशहर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय सिंह के न्यायालय ने 25 साल पुराने जितेंद्र हत्याकांड में अमित उर्फ बबलू को दोषी को उम्रकैद की सजा दी है। शिकारपुर थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर कटीरा में दीपावली की रात मामूली विवाद में युवक जितेंद्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
26 अक्टूबर, 2000 को दीपावली के दिन शिकारपुर के गांव जलालपुर कटीरा निवासी मनोज अपने भाई जितेंद्र और तहेरे भाई के साथ ट्यूबवेल पर दीपक जलाने जा रहे थे। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जब वे गांव में धर्मवीर और अजीत के प्लॉट के पास पहुंचे तो वहां गांव के धर्मवीर, ब्रह्मपाल, चंद्रपाल, नरेंद्र, शैलेंद्र और अमित उर्फ बबलू मौजूद थे। आरोप है कि इन सभी ने एकराय होकर जितेंद्र पर हमला कर दिया। आरोपी धर्मवीर, ब्रह्मपाल और चंद्रपाल ने जितेंद्र को पकड़ लिया, जबकि अमित, नरेंद्र और शैलेंद्र ने चाकू से जितेंद्र पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मनोज की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान, 21 मई 2003 को तत्कालीन एडीजे सप्तम की कोर्ट ने छह आरोपी धर्मवीर, ब्रह्मपाल, चंद्रपाल, नरेंद्र, शैलेंद्र और यतेंद्र- को दोषमुक्त कर दिया था। अब कोर्ट ने अमित उर्फ बबलू को दोषी करार दिया है।
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26 अक्टूबर, 2000 को दीपावली के दिन शिकारपुर के गांव जलालपुर कटीरा निवासी मनोज अपने भाई जितेंद्र और तहेरे भाई के साथ ट्यूबवेल पर दीपक जलाने जा रहे थे। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जब वे गांव में धर्मवीर और अजीत के प्लॉट के पास पहुंचे तो वहां गांव के धर्मवीर, ब्रह्मपाल, चंद्रपाल, नरेंद्र, शैलेंद्र और अमित उर्फ बबलू मौजूद थे। आरोप है कि इन सभी ने एकराय होकर जितेंद्र पर हमला कर दिया। आरोपी धर्मवीर, ब्रह्मपाल और चंद्रपाल ने जितेंद्र को पकड़ लिया, जबकि अमित, नरेंद्र और शैलेंद्र ने चाकू से जितेंद्र पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मनोज की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
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मामले की सुनवाई के दौरान, 21 मई 2003 को तत्कालीन एडीजे सप्तम की कोर्ट ने छह आरोपी धर्मवीर, ब्रह्मपाल, चंद्रपाल, नरेंद्र, शैलेंद्र और यतेंद्र- को दोषमुक्त कर दिया था। अब कोर्ट ने अमित उर्फ बबलू को दोषी करार दिया है।
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