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Bulandshahar News: समिति सचिव पर डीएवी खाद दूसरे गोदाम में रखवाने का आरोप, डीएम से शिकायत
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जहांगीराबाद। सहकारी समिति बीपीएस जहांगीराबाद में डीएवी खाद को लेकर अनियमितता का मामला सामने आया है। समिति की अध्यक्ष/सभापति अंशुल शर्मा ने डीएम को पत्र लिखकर सचिव पर बिना अनुमति खाद की गाड़ी को दूसरे गोदाम में रखवाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने डीएपी की कालाबाजारी की आशंका जताई है।
अंशुल शर्मा ने बताया कि इफको द्वारा आवंटित डीएपी खाद की एक गाड़ी 23 जुलाई को समिति के गोदाम पर आई थी। उनका आरोप है कि सचिव ने प्रबंध कमेटी से प्रस्ताव पारित कराए बिना, अध्यक्ष को बिना बताए और बिना किसी लिखित आदेश के डीएपी खाद की गाड़ी को दूसरे गोदाम में रखवा दिया। उनका कहना है कि यह शासनादेश के विरुद्ध है। किसी भी उर्वरक स्टॉक को इधर-उधर करने से पहले प्रबंध कमेटी और अध्यक्ष की अनुमति जरूरी होती है। इसके साथ ही बर्खास्त कर्मचारियों संजय और सुनील की से अभी भी खाद वितरण कराए जाने की शिकायत की गई है, जिसे उन्हाेंने नियम विरुद्ध बताया गया।
उन्होंने से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। डीएपी खाद के स्टॉक को जब्त कर समिति के अधिकृत गोदाम में सुरक्षित रखवाया जाए और बर्खास्त कर्मचारियों की आईडी निरस्त की जाए ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके। उन्होंने शिकायत की प्रति संयुक्त आयुक्त सहकारिता मेरठ, सहायक आयुक्त सहकारिता बुलंदशहर, जिला सहकारी बैंक, अपर जिला सहकारी अधिकारी स्याना और बीडीओ जहांगीराबाद को भी भेजी गई है। इस मामले में एआर को-आपरेटिव हर्ष कुमार का कहना है कि समिति के गोदाम जगह कम थी। इसलिए दूसरी जगह डीएपी उतरवा दी गई थी। इसकी शिकायत मिलने पर जांच कराई गई और अब डीएपी को समिति के गोदाम पर रखवा दिया गया है। साथ ही लगाए गए आरोप की जांच कराई जा रही है।
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अंशुल शर्मा ने बताया कि इफको द्वारा आवंटित डीएपी खाद की एक गाड़ी 23 जुलाई को समिति के गोदाम पर आई थी। उनका आरोप है कि सचिव ने प्रबंध कमेटी से प्रस्ताव पारित कराए बिना, अध्यक्ष को बिना बताए और बिना किसी लिखित आदेश के डीएपी खाद की गाड़ी को दूसरे गोदाम में रखवा दिया। उनका कहना है कि यह शासनादेश के विरुद्ध है। किसी भी उर्वरक स्टॉक को इधर-उधर करने से पहले प्रबंध कमेटी और अध्यक्ष की अनुमति जरूरी होती है। इसके साथ ही बर्खास्त कर्मचारियों संजय और सुनील की से अभी भी खाद वितरण कराए जाने की शिकायत की गई है, जिसे उन्हाेंने नियम विरुद्ध बताया गया।
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उन्होंने से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। डीएपी खाद के स्टॉक को जब्त कर समिति के अधिकृत गोदाम में सुरक्षित रखवाया जाए और बर्खास्त कर्मचारियों की आईडी निरस्त की जाए ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके। उन्होंने शिकायत की प्रति संयुक्त आयुक्त सहकारिता मेरठ, सहायक आयुक्त सहकारिता बुलंदशहर, जिला सहकारी बैंक, अपर जिला सहकारी अधिकारी स्याना और बीडीओ जहांगीराबाद को भी भेजी गई है। इस मामले में एआर को-आपरेटिव हर्ष कुमार का कहना है कि समिति के गोदाम जगह कम थी। इसलिए दूसरी जगह डीएपी उतरवा दी गई थी। इसकी शिकायत मिलने पर जांच कराई गई और अब डीएपी को समिति के गोदाम पर रखवा दिया गया है। साथ ही लगाए गए आरोप की जांच कराई जा रही है।
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