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Bulandshahar News: गंगा में दवा फेंकने की जांच करने पहुंचे सीएमओ, सीएचसी स्टॉफ के बयान किए दर्ज
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गंगा घाट से दवाइयां एकत्र करते लोग।
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊंचागांव । विकास खंड ऊंचागांव क्षेत्र के मांडू गंगा घाट के पास कच्चे घाट पर सरकारी दवाओं को जलाकर गंगा में फेंकने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सीएमओ डॉ. विनय कुमार टीम लेकर शुक्रारवार रात जांच करने के लिए सीएससी पहुंचे। देर शाम गंगा घाट पर जाकर मामले की गहनता से जांच पड़ताल की।
गंगा में 2024-25 में एक्सपायर होने वाली कुछ दवाएं भी फेंकी गई हैं। बिना एक्सपायर वाली इन दवाओं को भी प्रयोग में लाया जा सकता था। गंगा से 6 बोरा दवा और मिली है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब ये दवाएं एक्सपायर नहीं हुई थीं तो इन्हें गंगा में क्यों फेंका गया। इससे किसी बड़े घोटाले की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पूरा मामला शासन स्तर पर पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गंभीरता से मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. विनय कुमार, एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार, फार्मासिस्ट और कई चिकित्सकों की टीम शुक्रवार रात गंगा घाट पर पहुंची। रात में सीएमओ ने ऊंचागांव सीएससी जाकर भी स्टॉफ के बयान दर्ज किए हैं। सीएमओ डॉ. विनय कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी गंगा में दवाइयां पड़ी हुई हैं। अब तक 9 बोरे दवाई गंगा से निकाली गई है।
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ऊंचागांव । विकास खंड ऊंचागांव क्षेत्र के मांडू गंगा घाट के पास कच्चे घाट पर सरकारी दवाओं को जलाकर गंगा में फेंकने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सीएमओ डॉ. विनय कुमार टीम लेकर शुक्रारवार रात जांच करने के लिए सीएससी पहुंचे। देर शाम गंगा घाट पर जाकर मामले की गहनता से जांच पड़ताल की।
गंगा में 2024-25 में एक्सपायर होने वाली कुछ दवाएं भी फेंकी गई हैं। बिना एक्सपायर वाली इन दवाओं को भी प्रयोग में लाया जा सकता था। गंगा से 6 बोरा दवा और मिली है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब ये दवाएं एक्सपायर नहीं हुई थीं तो इन्हें गंगा में क्यों फेंका गया। इससे किसी बड़े घोटाले की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पूरा मामला शासन स्तर पर पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गंभीरता से मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. विनय कुमार, एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार, फार्मासिस्ट और कई चिकित्सकों की टीम शुक्रवार रात गंगा घाट पर पहुंची। रात में सीएमओ ने ऊंचागांव सीएससी जाकर भी स्टॉफ के बयान दर्ज किए हैं। सीएमओ डॉ. विनय कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी गंगा में दवाइयां पड़ी हुई हैं। अब तक 9 बोरे दवाई गंगा से निकाली गई है।
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