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खुलासा: बाल संप्रेक्षण गृह में किशोरों के साथ होती थी मारपीट
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खुलासा: बाल संप्रेक्षण गृह में किशोरों के साथ होती थी मारपीट
बुलंदशहर। राजकीय संप्रेक्षण गृह से पांच किशोर बंदियों के भागने के मामले में नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि किशोर बंदियों के साथ मारपीट की जाती थी। इससे तंग होकर उन्होंने भागने की योजना बनाई थी। डीएम के निर्देश पर बनाई गई जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मामले में तीन कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। तीनों कर्मचारियों को पहले ही संप्रेक्षण गृह से हटाया जा चुका है।
नगर कोतवाली में राजकीय संप्रेक्षण गृह के सहायक अधीक्षक रतन सिंह वर्मा ने तहरीर देकर बताया कि बीते दिनों डीएम के निर्देश पर राजकीय संप्रेक्षण गृह की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। जांच में सामने आया कि संस्था में कार्यरत सेवा प्रदाता कर्मी राजेंद्र सिंह (रसोईया), नवीन कुमार (सफाईकर्मचारी) और अफसर खां (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) के द्वारा किशोरों के साथ मारपीट की जाती थी। बीते दिनों संप्रेक्षण गृह से भागने के बाद पकड़े गए किशोरों ने इस बाबत अधिकारियों को जानकारी दी थी। जांच समिति द्वारा तीनों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की गई।
यह था मामला
राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में जिला व आसपास के जनपदों के बाल बंदियों को रखा गया है। गत 16 अगस्त की सुबह करीब साढ़े चार बजे पांच बाल बंदी भाग गए थे। उन्होंने पहले चौकीदार के डिब्बे से चाभी चुराई और फिल ताला खोलकर पुलिसकर्मियों से बचकर हाईवे पर पहुंच गए। इसके बाद उनकी तलाश की गई। दो किशोर अपचारियों को नगर पुलिस ने 24 घंटे बाद पकड़ लिया। जबकि, अन्य तीन किशोरों ने अलग-अलग समय पर संप्रेक्षण गृह पहुंचकर कर सरेंडर कर दिया था। पूछताछ में उन्होंने कर्मचारियों के द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाते हुए वहां फरार होने की बात कही थी।
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ये कर्मचारी हुए थे निलंबित
राजकीय संप्रेक्षण गृह में पुलिस लाइन से एक गारद की तैनाती है। जिसमें एक मुख्य आरक्षी व दो सिपाही तैनात थे। इसके अलावा तीन होमगार्ड की भी ड्यूटी लगाई गई थी। लापरवाही बरतने पर एसएसपी ने उसी दौरान हेड कांस्टेबल सुभाष धामा, कांस्टेबल राहुल बंसल, कांस्टेबल सचिन कुमार को निलंबित कर दिया था। जबकि, होमगार्ड चित्रकुमार, दिनेश और जागेंद्र सिंह के खिलाफ विभाग को पत्राचार किया।
राजकीय संप्रेक्षण गृह के सहायक अधीक्षक की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र नाथ तिवारी, एसपी सिटी
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बुलंदशहर। राजकीय संप्रेक्षण गृह से पांच किशोर बंदियों के भागने के मामले में नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि किशोर बंदियों के साथ मारपीट की जाती थी। इससे तंग होकर उन्होंने भागने की योजना बनाई थी। डीएम के निर्देश पर बनाई गई जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मामले में तीन कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। तीनों कर्मचारियों को पहले ही संप्रेक्षण गृह से हटाया जा चुका है।
नगर कोतवाली में राजकीय संप्रेक्षण गृह के सहायक अधीक्षक रतन सिंह वर्मा ने तहरीर देकर बताया कि बीते दिनों डीएम के निर्देश पर राजकीय संप्रेक्षण गृह की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। जांच में सामने आया कि संस्था में कार्यरत सेवा प्रदाता कर्मी राजेंद्र सिंह (रसोईया), नवीन कुमार (सफाईकर्मचारी) और अफसर खां (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) के द्वारा किशोरों के साथ मारपीट की जाती थी। बीते दिनों संप्रेक्षण गृह से भागने के बाद पकड़े गए किशोरों ने इस बाबत अधिकारियों को जानकारी दी थी। जांच समिति द्वारा तीनों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की गई।
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यह था मामला
राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में जिला व आसपास के जनपदों के बाल बंदियों को रखा गया है। गत 16 अगस्त की सुबह करीब साढ़े चार बजे पांच बाल बंदी भाग गए थे। उन्होंने पहले चौकीदार के डिब्बे से चाभी चुराई और फिल ताला खोलकर पुलिसकर्मियों से बचकर हाईवे पर पहुंच गए। इसके बाद उनकी तलाश की गई। दो किशोर अपचारियों को नगर पुलिस ने 24 घंटे बाद पकड़ लिया। जबकि, अन्य तीन किशोरों ने अलग-अलग समय पर संप्रेक्षण गृह पहुंचकर कर सरेंडर कर दिया था। पूछताछ में उन्होंने कर्मचारियों के द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाते हुए वहां फरार होने की बात कही थी।
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ये कर्मचारी हुए थे निलंबित
राजकीय संप्रेक्षण गृह में पुलिस लाइन से एक गारद की तैनाती है। जिसमें एक मुख्य आरक्षी व दो सिपाही तैनात थे। इसके अलावा तीन होमगार्ड की भी ड्यूटी लगाई गई थी। लापरवाही बरतने पर एसएसपी ने उसी दौरान हेड कांस्टेबल सुभाष धामा, कांस्टेबल राहुल बंसल, कांस्टेबल सचिन कुमार को निलंबित कर दिया था। जबकि, होमगार्ड चित्रकुमार, दिनेश और जागेंद्र सिंह के खिलाफ विभाग को पत्राचार किया।
राजकीय संप्रेक्षण गृह के सहायक अधीक्षक की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र नाथ तिवारी, एसपी सिटी