{"_id":"610444938ebc3e58407ae172","slug":"bulandshshr-news-bulandshahr-news-gbd2232419146","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीडियम फ्लड की श्रेणी के करीब पहुंचा गंगा का जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मीडियम फ्लड की श्रेणी के करीब पहुंचा गंगा का जलस्तर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मीडियम फ्लड की श्रेणी के करीब पहुंचा गंगा का जलस्तर
नरौरा। पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को जलस्तर लो फ्लड की श्रेणी में था जो कि चौबीस घंटे बाद वृद्धि के साथ मीडियम फ्लड की श्रेणी के करीब पहुंच गया है। पिछले चौबीस घंटे में जलस्तर में तीस हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई है।
सिंचाई विभाग के वरिष्ठ जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को बैराज पर कुल पानी की आवक 1,35,338 क्यूसेक प्रति सेकेंड रही। बैराज से निकली नहरों में मांग के अनुसार पानी की निकासी किए जाने के बाद गंगा नदी में 119784 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बृहस्पतिवार शाम बैराज पर कुल पानी की उपलब्धता 95414 क्यूसेक प्रति सेकेंड थी। सिंचाई विभाग हेड वर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बरसात के कारण सिंचाई की मांग नहीं होने से नहरों में पानी कम छोड़ा जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचना दी जा रही है। नदी के तटबंध आदि मजबूत हैं। निगरानी की जा रही है। संवाद
विज्ञापन
नरौरा। पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को जलस्तर लो फ्लड की श्रेणी में था जो कि चौबीस घंटे बाद वृद्धि के साथ मीडियम फ्लड की श्रेणी के करीब पहुंच गया है। पिछले चौबीस घंटे में जलस्तर में तीस हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई है।
सिंचाई विभाग के वरिष्ठ जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को बैराज पर कुल पानी की आवक 1,35,338 क्यूसेक प्रति सेकेंड रही। बैराज से निकली नहरों में मांग के अनुसार पानी की निकासी किए जाने के बाद गंगा नदी में 119784 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बृहस्पतिवार शाम बैराज पर कुल पानी की उपलब्धता 95414 क्यूसेक प्रति सेकेंड थी। सिंचाई विभाग हेड वर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बरसात के कारण सिंचाई की मांग नहीं होने से नहरों में पानी कम छोड़ा जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचना दी जा रही है। नदी के तटबंध आदि मजबूत हैं। निगरानी की जा रही है। संवाद
विज्ञापन