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लोक अदालत में 3000 वादों का किया निस्तारण

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 12:24 AM IST
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कचहरी परिसर में आयोजित लोक अदालत में लगी भीड़। - फोटो : BULANDSHAHR
लोक अदालत में 3000 वादों का किया निस्तारण
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बुलंदशहर। दीवानी न्यायालय परिसर जनपद, वाह्य न्यायालय खुर्जा, अनूपशहर व सभी तहसीलों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान सुलह समझौतों के आधार पर करीब तीन हजार से अधिक वादों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा करीब डेढ़ वर्ष से पत्नी को पाने के लिए भटक रहे पति को भी लोक अदालत पहुंच कर न्याय मिला। सुलह-समझौते के बाद पति-पत्नी को न्यायालय से साथ-साथ घर भेजा गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष यशवंत कुमार मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण कर किया। इस दौरान विभिन्न विभागों आदि से संबंधित करीब तीन हजार से अधिक वादों का निस्तारण किया गया। जिनमें करीब पांच लाख रुपये जुर्माना वसूल किया गया। इसके अलावा प्रधान न्यायालय में तीन और अपर परिवार न्यायालय में चार वादों को निस्तारित किया गया। नगरपालिका परिसर गुलावठी में शनिवार को पालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार भड़ाना की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में ईओ कृष्ण कुमार भड़ाना ने 16 वादों का निस्तारण किया। ईओ ने बताया कि 2 वाद भवन के नक्शे से संबंधित, 3 वाद पेयजल कनेक्शन से संबंधित और 11 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित वादों का निस्तारण किया गया। जिला न्यायालय परिसर में लोक अदालत के दौरान न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता व अन्य विभागों और बैंकों से संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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केस- एक: शादी के एक साल बाद ही हुआ विवाद, न्यायालय से गए साथ
अगौता थाना क्षेत्र के गांव मालागढ़ निवासी शिवभोले ने बीते दिनों प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। जिसमें उसने बताया था कि उसकी शादी फरवरी 2019 में कोतवाली देहात के गांव धमरावली निवासी रविंद्री के साथ हुआ था। लेकिन, 25 अगस्त 2020 से दोनों ही आपसी कलह के चलते अलग-अलग रह रहे थे। इस कारण उसने अब मायके से पत्नी को वापस बुलाने के लिए न्यायालय से गुहार लगाई। शनिवार को न्यायाधीश हरकेश सिंह के न्यायालय ने दोनों में समझौता कराया और दोनों को साथ-साथ खुशी से उनके घर भेजा।
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केस-दो : बहनों ने कहा, भाई को ही दे दो जमीन, हो गया निस्तारण
नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नजीमपुरा भूड़ निवासी पंकज कुमार अग्रवाल का अपनी मां कुंती गुप्ता, बहन मधु गर्ग और रेखा गुप्ता से कॉलोनी में स्थित 453 वर्ग मीटर के एक मकान को लेकर विवाद चल रहा था। यह मामला न्यायालय में 19 अगस्त 2019 को न्यायालय सिविल जज सीनियर डिविजन के यहां पहुंचा था। दोनों ही पक्ष मकान पर अपना मालिकाना हक जता रहे थे। शनिवार को लोक अदालत में न्यायालय के समक्ष प्रतिवादी मां और बहनें पहुंची और एक समझौता नामा सौंपा। जिसमें उन्होंने मकान पर कब्जा व मालिकाना हक अपने भाई पंकज को ही देने की बात कही। जिस पर न्यायालय ने पीड़ित पंकज को ही मकान का मालिकाना हक सौंप दिया।
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