{"_id":"61b4f36af5cd4d0edd008fd6","slug":"bulandshahr-news-bulandshahr-news-gbd230873715","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही: 182 स्कूलों की जियो टैगिंग गलत हुई अपलोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही: 182 स्कूलों की जियो टैगिंग गलत हुई अपलोड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लापरवाही: 182 स्कूलों की जियो टैगिंग गलत हुई अपलोड
बुलंदशहर। यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया जारी है। वहीं, अब स्कूलों की कराई गई जियो टैगिंग में लापरवाही सामने आई है। बोर्ड से डीआईओएस को अवगत करवाया गया है कि जिले के 182 स्कूलों की जियो टैगिंग गलत अपलोड की गई है। इस पर बोर्ड ने जवाब मांगते हुए तत्काल सही जियो टैगिंग कराकर दोबारा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। अफसरों का दावा है कि इस कार्य को जल्द पूरा करा लिया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा के लिए पिछले काफी दिनों से शासन और बोर्ड के आदेश पर परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पहले सभी 408 माध्यमिक विद्यालयों का बोर्ड ने व्यवस्था और संसाधनों की जानकारी मांगी थी। इसके बाद परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए सभी स्कूलों की जियो टैगिंग कराने के लिए निर्देश दिए गए थे। यह कार्य भी निर्धारित समय पर नहीं हुआ। इसके बाद जब जिले से अपलोड की गई सभी विद्यालयों की जियो टैगिंग की जांच की गई तो 182 स्कूल ऐसे पाए गए, जिनकी जियो टैगिंग गलत अपलोड की गई। बताया गया कि इन स्कूलों की जियो टैगिंग करने में पूरी तरह से लापरवाही बरती गई है। इन स्कूलों की जियो टैगिंग करते समय यह बचाव किया गया है कि स्कूल परीक्षा केंद्र न बन सके। इसकी सूचना मिलते ही विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अब विभागीय अधिकारी गलत अपलोड की गई जियो टैगिंग को सही करवाने में जुटे हुए हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि इस कार्य को करने वाले जिम्मेदारों से भी जवाब मांगा जा रहा है। जिसकी भी इसमें गलती होगी, उस पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इस गलती के कारण विभाग की छवि खराब होने के साथ परीक्षा केंद्र निर्धारण में भी देरी हो रही है। वहीं, दूसरी ओर बोर्ड की ओर से किए जा रहा काम भी प्रभावित हुआ है।
कोट
बोर्ड से जिले के 182 स्कूलों की जियो टैगिंग गलत करने की सूचना मिल गई है। बोर्ड के आदेश पर इसे सही करवाने का काम शुरू हो गया है। इसमें लापरवाही बरती गई है और जिम्मेदारों से जवाब-तलब किया जा रहा है। जल्द ही सभी स्कूलों की जियो टैगिंग को सही करवाकर बोर्ड को उपलब्ध करवा दिया जाएगा, ताकि निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्राें का निर्धारण हो सके। - शिव कुमार ओझा, जिला विद्यालय निरीक्षक।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर। यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया जारी है। वहीं, अब स्कूलों की कराई गई जियो टैगिंग में लापरवाही सामने आई है। बोर्ड से डीआईओएस को अवगत करवाया गया है कि जिले के 182 स्कूलों की जियो टैगिंग गलत अपलोड की गई है। इस पर बोर्ड ने जवाब मांगते हुए तत्काल सही जियो टैगिंग कराकर दोबारा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। अफसरों का दावा है कि इस कार्य को जल्द पूरा करा लिया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा के लिए पिछले काफी दिनों से शासन और बोर्ड के आदेश पर परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पहले सभी 408 माध्यमिक विद्यालयों का बोर्ड ने व्यवस्था और संसाधनों की जानकारी मांगी थी। इसके बाद परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए सभी स्कूलों की जियो टैगिंग कराने के लिए निर्देश दिए गए थे। यह कार्य भी निर्धारित समय पर नहीं हुआ। इसके बाद जब जिले से अपलोड की गई सभी विद्यालयों की जियो टैगिंग की जांच की गई तो 182 स्कूल ऐसे पाए गए, जिनकी जियो टैगिंग गलत अपलोड की गई। बताया गया कि इन स्कूलों की जियो टैगिंग करने में पूरी तरह से लापरवाही बरती गई है। इन स्कूलों की जियो टैगिंग करते समय यह बचाव किया गया है कि स्कूल परीक्षा केंद्र न बन सके। इसकी सूचना मिलते ही विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अब विभागीय अधिकारी गलत अपलोड की गई जियो टैगिंग को सही करवाने में जुटे हुए हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि इस कार्य को करने वाले जिम्मेदारों से भी जवाब मांगा जा रहा है। जिसकी भी इसमें गलती होगी, उस पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इस गलती के कारण विभाग की छवि खराब होने के साथ परीक्षा केंद्र निर्धारण में भी देरी हो रही है। वहीं, दूसरी ओर बोर्ड की ओर से किए जा रहा काम भी प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
कोट
बोर्ड से जिले के 182 स्कूलों की जियो टैगिंग गलत करने की सूचना मिल गई है। बोर्ड के आदेश पर इसे सही करवाने का काम शुरू हो गया है। इसमें लापरवाही बरती गई है और जिम्मेदारों से जवाब-तलब किया जा रहा है। जल्द ही सभी स्कूलों की जियो टैगिंग को सही करवाकर बोर्ड को उपलब्ध करवा दिया जाएगा, ताकि निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्राें का निर्धारण हो सके। - शिव कुमार ओझा, जिला विद्यालय निरीक्षक।
विज्ञापन