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10 बाल बंदी दूसरे जिले की संप्रेक्षण गृह भेजे जाएंगे
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10 बाल बंदी दूसरे जिले की संप्रेक्षण गृह भेजे जाएंगे
बुलंदशहर। जघन्य अपराध में शामिल 10 बाल बंदियों को दूसरे जनपद में भेजा जाएगा। समाज कल्याण विभाग से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार को अधिकारी बाल बंदियों को इटावा, मेरठ, मुजफ्फरनगर और गौतमबुद्धनगर के संप्रेक्षण गृह भेजेंगे।
राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह में कुल 96 बाल अपचारी हैं। जबकि क्षमता मात्र 50 की है। ऐसे में कुछ बाल बंदियों को दूसरी मंजिल के हाल में और कुछ को नीचे के कमरों में रखा जाता है। 15 अगस्त को संप्रेक्षण गृह से पांच बाल अपचारी फरार हो गए थे। हालांकि इनमें से अधिकांश के परिजनों ने सरेंडर करा दिया था। बाद में फरार होने वालों में से एक बाल अपचारी का शव बाथरूम में टंकी से फंदे पर लटका हुआ मिला था। जबकि तीन अन्य बाल अपचारियों की जमानत हो चुकी है। वहीं आत्महत्या करने वाले बाल अपचारी के पिता ने स्टाफ पर बाल बंदियों से मिलकर अपने बेटे की हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल ने बताया कि निदेशालय से इसकी अनुमति ले ली गई है। चिकित्सीय परीक्षण कर इन्हें मंगलवार को अन्य जिलों में भेज दिया जाएगा।
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बुलंदशहर। जघन्य अपराध में शामिल 10 बाल बंदियों को दूसरे जनपद में भेजा जाएगा। समाज कल्याण विभाग से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार को अधिकारी बाल बंदियों को इटावा, मेरठ, मुजफ्फरनगर और गौतमबुद्धनगर के संप्रेक्षण गृह भेजेंगे।
राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह में कुल 96 बाल अपचारी हैं। जबकि क्षमता मात्र 50 की है। ऐसे में कुछ बाल बंदियों को दूसरी मंजिल के हाल में और कुछ को नीचे के कमरों में रखा जाता है। 15 अगस्त को संप्रेक्षण गृह से पांच बाल अपचारी फरार हो गए थे। हालांकि इनमें से अधिकांश के परिजनों ने सरेंडर करा दिया था। बाद में फरार होने वालों में से एक बाल अपचारी का शव बाथरूम में टंकी से फंदे पर लटका हुआ मिला था। जबकि तीन अन्य बाल अपचारियों की जमानत हो चुकी है। वहीं आत्महत्या करने वाले बाल अपचारी के पिता ने स्टाफ पर बाल बंदियों से मिलकर अपने बेटे की हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल ने बताया कि निदेशालय से इसकी अनुमति ले ली गई है। चिकित्सीय परीक्षण कर इन्हें मंगलवार को अन्य जिलों में भेज दिया जाएगा।
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