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हरितालिका तीज: पति की लंबी उम्र के लिए रखा निर्जला व्रत
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टीचर्स कालोनी स्थित शिव शक्ति मंदिर में पूजा करतीं महिलाएं।
- फोटो : BULANDSHAHR
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महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत
बुलंदशहर। अखंड सौभाग्य का प्रतीक हरितालिका तीज व्रत बृहस्पतिवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। महिलाओं ने अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु के लिए भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा अर्चना की। 24 घंटे का निर्जला उपवास किया। मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ी। सोलह शृंगार से सजधज कर महिलाओं ने पूजा अर्चना की और पुरोहित से कथा सुनी। इसके बाद देर रात तक व्रती महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया।
हरतालिका तीज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हस्त नक्षत्र में मनाया जाता है। हिंदू मान्यता में तीज का बड़ा महत्व माना गया है। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखा। बृहस्पतिवार को व्रती महिलाओं ने घर और मंदिरों में तीज व्रत की कथा सुनी और पूजा अर्चना की। गौरी-शंकर की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजा की गई। मां पार्वती को सुहाग का सामान भी अर्पित किया गया। इसके अलावा रात में भजन-कीर्तन भी हुआ। हरितालिका तीज के दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है। इस दिन महिलाएं हरी चूड़ियां और हरी साड़ी पहनती हैं। शुक्रवार को सूर्योदय के बाद व्रत रखने वाली महिलाएं ब्राह्मणों को भोजन कराकर व्रत खोलेंगी। नगर के टीचर्स कॉलोनी स्थित शिव शक्ति मंदिर समेत अन्य मंदिरों में शाम में महिलाओं ने पूजा अर्चना की।
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बुलंदशहर। अखंड सौभाग्य का प्रतीक हरितालिका तीज व्रत बृहस्पतिवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। महिलाओं ने अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु के लिए भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा अर्चना की। 24 घंटे का निर्जला उपवास किया। मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ी। सोलह शृंगार से सजधज कर महिलाओं ने पूजा अर्चना की और पुरोहित से कथा सुनी। इसके बाद देर रात तक व्रती महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया।
हरतालिका तीज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हस्त नक्षत्र में मनाया जाता है। हिंदू मान्यता में तीज का बड़ा महत्व माना गया है। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखा। बृहस्पतिवार को व्रती महिलाओं ने घर और मंदिरों में तीज व्रत की कथा सुनी और पूजा अर्चना की। गौरी-शंकर की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजा की गई। मां पार्वती को सुहाग का सामान भी अर्पित किया गया। इसके अलावा रात में भजन-कीर्तन भी हुआ। हरितालिका तीज के दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है। इस दिन महिलाएं हरी चूड़ियां और हरी साड़ी पहनती हैं। शुक्रवार को सूर्योदय के बाद व्रत रखने वाली महिलाएं ब्राह्मणों को भोजन कराकर व्रत खोलेंगी। नगर के टीचर्स कॉलोनी स्थित शिव शक्ति मंदिर समेत अन्य मंदिरों में शाम में महिलाओं ने पूजा अर्चना की।
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