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महेश हत्याकांड: हत्यारोपी संतपाल दोषी करार, आजीवन करार
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महेश हत्याकांड : आरोपी संतपाल को आजीवन कारावास
बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या अष्टम अमरजीत सिंह के न्यायालय ने वर्ष 2013 में ककोड़ थाना क्षेत्र में युवक महेश की हत्या के मामले में हत्यारोपी संतपाल उर्फ संतू को दोषी करार दिया है। साथ ही न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ध्रुव कुमार वर्मा ने बताया कि मामले में पुलिस ने संतपाल उर्फ संतू और नेत्रपाल के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। लेकिन, मामले में विचारण के दौरान 17 मार्च 2021 में ही आरोपी नेत्रपाल की मौत हो गई थी।
यह था मामला
वादिया राजकली देवी पत्नी स्व. घनश्याम निवासी गांव हसनपुर बक्सुआ ने थाना ककोड़ पर 25 जून 2013 को तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि वह 24 जून 2013 की शाम को करीब छह बजे अपनी छोटी बेटी सुमन और नेहा के साथ फरीदाबाद निवासी बड़ी पुत्री संतोष के घर गई थी। 25 जून की सुबह उसे सूचना मिली कि उसके पुत्र महेश की गांव में हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद वह अपनी बेटी व दामाद के साथ मौके पर पहुंची तो घर में उसके पुत्र महेश का शव पड़ा हुआ था। पीड़िता ने उस दौरान अज्ञात में ही मामला दर्ज कराया था।
पुलिस की जांच में हुआ खुलासा
पुलिस ने मामले की गहनता से विभिन्न पहलुओं पर जांच पड़ताल की तो सामने आया कि गांव निवासी संतपाल उर्फ संतू और नेत्रपाल ने उनके पुत्र की हत्या एक जमीन के सौदे में रुपयों के लेन-देन को लेकर गला दबाकर की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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यह गवाह हुए पेश
मामले में वादिया राजकली, मृतक का ताऊ गिरीराज उर्फ गिरराज, विक्रम सिंह, तेजपाल सिंह, कांस्टेबल मनीष कुमार, सुरेंद्र सिंह भाटी, सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक इशहाक अहमद और डा. प्रदीप की गवाही पेश की गई थी, जिनके आधार पर आरोपी को सजा सुनाई गई।
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बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या अष्टम अमरजीत सिंह के न्यायालय ने वर्ष 2013 में ककोड़ थाना क्षेत्र में युवक महेश की हत्या के मामले में हत्यारोपी संतपाल उर्फ संतू को दोषी करार दिया है। साथ ही न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ध्रुव कुमार वर्मा ने बताया कि मामले में पुलिस ने संतपाल उर्फ संतू और नेत्रपाल के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। लेकिन, मामले में विचारण के दौरान 17 मार्च 2021 में ही आरोपी नेत्रपाल की मौत हो गई थी।
यह था मामला
वादिया राजकली देवी पत्नी स्व. घनश्याम निवासी गांव हसनपुर बक्सुआ ने थाना ककोड़ पर 25 जून 2013 को तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि वह 24 जून 2013 की शाम को करीब छह बजे अपनी छोटी बेटी सुमन और नेहा के साथ फरीदाबाद निवासी बड़ी पुत्री संतोष के घर गई थी। 25 जून की सुबह उसे सूचना मिली कि उसके पुत्र महेश की गांव में हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद वह अपनी बेटी व दामाद के साथ मौके पर पहुंची तो घर में उसके पुत्र महेश का शव पड़ा हुआ था। पीड़िता ने उस दौरान अज्ञात में ही मामला दर्ज कराया था।
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पुलिस की जांच में हुआ खुलासा
पुलिस ने मामले की गहनता से विभिन्न पहलुओं पर जांच पड़ताल की तो सामने आया कि गांव निवासी संतपाल उर्फ संतू और नेत्रपाल ने उनके पुत्र की हत्या एक जमीन के सौदे में रुपयों के लेन-देन को लेकर गला दबाकर की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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यह गवाह हुए पेश
मामले में वादिया राजकली, मृतक का ताऊ गिरीराज उर्फ गिरराज, विक्रम सिंह, तेजपाल सिंह, कांस्टेबल मनीष कुमार, सुरेंद्र सिंह भाटी, सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक इशहाक अहमद और डा. प्रदीप की गवाही पेश की गई थी, जिनके आधार पर आरोपी को सजा सुनाई गई।