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140 दिन में बड़ा फैसला, मूकबधिर बच्ची से दुष्कर्म व हत्या के दोषी को सजा-ए-मौत
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140 दिन में बड़ा फैसला, मूकबधिर बच्ची से दुष्कर्म व हत्या के दोषी को सजा-ए-मौत
बुलंदशहर। मूकबधिर बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट डा. पल्लवी अग्रवाल की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्यारे पर 1.20 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। घटना के 140 दिन बाद बृहस्पतिवार को आए इस फैसले को बच्ची के परिजनों ने इंसाफ की जीत बताया।
25 फरवरी 2021 को अनूपशहर कोतवाली के एक गांव निवासी 11 वर्षीय बालिका अपने परिजनों के साथ खेत में काम करने गई थी। शाम करीब चार बजे खाना खाने के बाद बच्ची खेत के पास बने एक मकान में लगे नल पर पानी पीने गई थी। इसके बाद से किशोरी का पता नहीं चल सका। बच्ची नहीं मिली तो परिजनों ने दो दिन बाद उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। दो मार्च को पुलिस की खोजबीन के दौरान उक्त घर के अंदर ही गड्ढे में दबा बालिका का शव बरामद हो गया। जांच में सामने आया था कि उक्त मकान में रहने वाला आरोपी युवक हरेंद्र कुछ दिन पहले ही अपने घर आया था। उसने बच्ची को देखकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और फिर शव को घर में ही एक गड्ढा खोदकर दबा दिया था। तीन मार्च को पुलिस ने आरोपी हरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट डा.पल्लवी अग्रवाल के न्यायालय में हुई। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो अधिनियम सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि न्यायाधीश डा. पल्लवी अग्रवाल ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर आरोपी हरेंद्र को दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 1.20 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। आर्थिक दंड की धनराशि मृतका के परिजनों को देने का आदेश है।
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बुलंदशहर। मूकबधिर बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट डा. पल्लवी अग्रवाल की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्यारे पर 1.20 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। घटना के 140 दिन बाद बृहस्पतिवार को आए इस फैसले को बच्ची के परिजनों ने इंसाफ की जीत बताया।
25 फरवरी 2021 को अनूपशहर कोतवाली के एक गांव निवासी 11 वर्षीय बालिका अपने परिजनों के साथ खेत में काम करने गई थी। शाम करीब चार बजे खाना खाने के बाद बच्ची खेत के पास बने एक मकान में लगे नल पर पानी पीने गई थी। इसके बाद से किशोरी का पता नहीं चल सका। बच्ची नहीं मिली तो परिजनों ने दो दिन बाद उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। दो मार्च को पुलिस की खोजबीन के दौरान उक्त घर के अंदर ही गड्ढे में दबा बालिका का शव बरामद हो गया। जांच में सामने आया था कि उक्त मकान में रहने वाला आरोपी युवक हरेंद्र कुछ दिन पहले ही अपने घर आया था। उसने बच्ची को देखकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और फिर शव को घर में ही एक गड्ढा खोदकर दबा दिया था। तीन मार्च को पुलिस ने आरोपी हरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट डा.पल्लवी अग्रवाल के न्यायालय में हुई। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो अधिनियम सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि न्यायाधीश डा. पल्लवी अग्रवाल ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर आरोपी हरेंद्र को दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 1.20 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। आर्थिक दंड की धनराशि मृतका के परिजनों को देने का आदेश है।
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