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बुलंदशहर में 400 बोरी चावल और 150 बोरी मक्का जब्त
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बुलंदशहर में 400 बोरी चावल और 150 बोरी मक्का जब्त
बुलंदशहर। शासन और जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद सरकारी राशन की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। आपूर्ति विभाग ने दो स्थानों पर छापा मारकर 400 बोरी चावल और 150 बोरी से अधिक मक्का जब्त की है। गांव मौसमगढ़ स्थित मकान से चावल और अनूपशहर रोड स्थित मकान से मक्का बरामद करने के बाद इन घरों को सील कर दिया है। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है।
आपूर्ति विभाग को दो दिन पूर्व सूचना मिली कि गांव मौसमगढ़ और अनूपशहर रोड स्थित दो मकानों में कालाबाजारी कर सरकारी चावल और मक्का का स्टॉक किया जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पूर्ति निरीक्षक सुधांशु यादव और उदयराज सिंह ने दोनाें स्थानाें पर छापा मारा। गांव मौसमगढ़ स्थित एक मकान से करीब 400 बोरी चावल बरामद किया गया। टीम ने मकान मालिक से पूछताछ की तो पता चला कि यह चावल कुछ दुकानदारों से खरीदा गया है। टीम ने चावल को जब्त कर मकान को सील कर दिया। इसके बाद टीम ने अनूपशहर रोड स्थित एक मकान में छापा मारा। यहां पर टीम ने करीब 150 बोरी मक्का की बरामद की।
राशन की दुकानों पर कार्ड धारकों को प्रति यूनिट एक-एक किलो मक्का का भी वितरण किया जा रहा है। डीएसओ ने बताया कि चावल और मक्का को जब्त कर दोनों मकानों को सील कर दिया गया है। जांच में यह खुलासा नहीं हो रहा कि जो चावल और मक्का पकड़ा गया है। वह सरकारी है या नहीं, फिर भी जांच के लिए एडीएम ई प्रशासन ने टीम गठित कर दी है। यह टीम पूरी जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद ही पूरे मामले का खुलासा होगा।
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पहले भी होती रही है कालाबाजारी
जब से फूड सिक्योरिटी योजना शुरू हुई है तब से लेकर अब तक राशन की कालाबाजारी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कालाबाजारी के अनेक मामले सामने आ चुके हैं। इस पर शासन और प्रशासन ने भी लगाम कसने के लिए सख्ती बरती, बावजूद इसके राशन की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। पिछले दिनों विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि अधिकतर राशन कार्ड धारक दुकान से चावल आदि लेकर उसे बेच देते हैं। चावल आदि के खरीदार भी गांव-गांव पहुंचते हैं।
गत दिनों अनूपशहर बस अड्डा क्षेत्र में भी चावल का बड़ा स्टॉक पकड़ा गया था। उस समय जांच में खुलासा हुआ था कि यह चावल कोटेदार और राशन कार्ड धारकों से खरीदा गया। इससे कचरी बनाई जाती है।
जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि विभागीय टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापे मारे हैं। चावल सरकारी बोरों की सिलाई के स्थान पर मुंह बंधा हुआ है। इससे यह साफ नहीं हो रहा कि वह सरकारी है या नहीं। इसी तरह मक्का के भी सरकारी होने की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसकी जांच के लिए एडीएम-ई ने एक जांच टीम बना दी है। इस टीम की जांच पूरी होने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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बुलंदशहर। शासन और जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद सरकारी राशन की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। आपूर्ति विभाग ने दो स्थानों पर छापा मारकर 400 बोरी चावल और 150 बोरी से अधिक मक्का जब्त की है। गांव मौसमगढ़ स्थित मकान से चावल और अनूपशहर रोड स्थित मकान से मक्का बरामद करने के बाद इन घरों को सील कर दिया है। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है।
आपूर्ति विभाग को दो दिन पूर्व सूचना मिली कि गांव मौसमगढ़ और अनूपशहर रोड स्थित दो मकानों में कालाबाजारी कर सरकारी चावल और मक्का का स्टॉक किया जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पूर्ति निरीक्षक सुधांशु यादव और उदयराज सिंह ने दोनाें स्थानाें पर छापा मारा। गांव मौसमगढ़ स्थित एक मकान से करीब 400 बोरी चावल बरामद किया गया। टीम ने मकान मालिक से पूछताछ की तो पता चला कि यह चावल कुछ दुकानदारों से खरीदा गया है। टीम ने चावल को जब्त कर मकान को सील कर दिया। इसके बाद टीम ने अनूपशहर रोड स्थित एक मकान में छापा मारा। यहां पर टीम ने करीब 150 बोरी मक्का की बरामद की।
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राशन की दुकानों पर कार्ड धारकों को प्रति यूनिट एक-एक किलो मक्का का भी वितरण किया जा रहा है। डीएसओ ने बताया कि चावल और मक्का को जब्त कर दोनों मकानों को सील कर दिया गया है। जांच में यह खुलासा नहीं हो रहा कि जो चावल और मक्का पकड़ा गया है। वह सरकारी है या नहीं, फिर भी जांच के लिए एडीएम ई प्रशासन ने टीम गठित कर दी है। यह टीम पूरी जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद ही पूरे मामले का खुलासा होगा।
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पहले भी होती रही है कालाबाजारी
जब से फूड सिक्योरिटी योजना शुरू हुई है तब से लेकर अब तक राशन की कालाबाजारी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कालाबाजारी के अनेक मामले सामने आ चुके हैं। इस पर शासन और प्रशासन ने भी लगाम कसने के लिए सख्ती बरती, बावजूद इसके राशन की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। पिछले दिनों विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि अधिकतर राशन कार्ड धारक दुकान से चावल आदि लेकर उसे बेच देते हैं। चावल आदि के खरीदार भी गांव-गांव पहुंचते हैं।
गत दिनों अनूपशहर बस अड्डा क्षेत्र में भी चावल का बड़ा स्टॉक पकड़ा गया था। उस समय जांच में खुलासा हुआ था कि यह चावल कोटेदार और राशन कार्ड धारकों से खरीदा गया। इससे कचरी बनाई जाती है।
जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि विभागीय टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापे मारे हैं। चावल सरकारी बोरों की सिलाई के स्थान पर मुंह बंधा हुआ है। इससे यह साफ नहीं हो रहा कि वह सरकारी है या नहीं। इसी तरह मक्का के भी सरकारी होने की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसकी जांच के लिए एडीएम-ई ने एक जांच टीम बना दी है। इस टीम की जांच पूरी होने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।