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बदहाली के बीच पढ़ रहे सरकारी स्कूलों के सैकड़ों नौनिहाल
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बदहाली के बीच पढ़ रहे सरकारी स्कूलों के सैकड़ों नौनिहाल
खुर्जा। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर सरकार भले ही करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो लेकिन जिले के स्कूलों की स्थिति खराब है। यहां बच्चे कूड़े के ढेर से होकर स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं। कहीं स्कूल के बराबर में ही डंपिंग ग्राउंड बना दिया है तो कहीं बच्चों के बैठने के लिए कमरे नहीं हैं। कालिंदी कुंज में बने प्राथमिक विद्यालय के साथ ही डंपिंग ग्राउंड बना हुआ है। वहीं खुर्जा नगर में स्थित प्राथमिक विद्यालय में पशु बंधे हुए हैं। सिटी स्टेशन के पास बने विद्यालय के शौचालय में काफी महीनों से सफाई नहीं हुई है।
खुर्जा में 25 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। शासन की ओर से जहां कायाकल्प योजना के तहत सरकारी स्कूलों में मरम्मत और बच्चों की सुविधा के लिए काम किया जा रहा है। वहीं खुर्जा तहसील क्षेत्र के स्कूलों में ये काम देखने को नहीं मिल रहा है। आधे से ज्यादा स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर भी नहीं है। ऐसे में बच्चे दरियों पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं स्कूलों में कमरों की दीवारों का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है तो कुछ स्कूलों में बिजली भी नहीं है। वहीं स्कूलों में गंदगी समस्या लगातार बढ़ रही है। जहां सालों से झाड़ू भी नहीं लग रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से छात्रों के शिक्षण के लिए जागरूकता कार्यक्रम तो किए जा रहे हैं लेकिन स्कूलों में सुविधा के लिए कोई प्रयास देखने को नहीं मिल रहा है।
प्राथमिक विद्यालय खुर्जा नगर-1: परिसर में बंध रहे पशु
स्कूल में आठ कमरे बने हुए हैं, लेकिन जर्जर और लेंटर टूटने के कारण चार कमरे बंद हैं। एक कमरा विवादित जमीन में होने के कारण बंद रहता है। स्कूल परिसर में पालतू पशु बंधे रहते हैं। इस कारण गोबर और गंदगी का ढेर लगा रहता है। स्कूल के बाहर बनी चहारदीवारी भी टूट कर गिर गई है। लोग स्कूल के अंदर ही वाहन खड़ा कर देते हैं।
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प्राथमिक विद्यालय, सिटी स्टेशन : गंदा पड़ा शौचालय
सिटी स्टेशन के पास स्थित प्राथमिक विद्यालय के बराबर में ही खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय है। इसके बाद भी स्कूल में सफाई को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्कूल में बने शौचालय में गंदगी जमा हो रही हैं। कई महीनों से शौचालय की न सफाई हो सकी है और न ही मरम्मत। ऐसे में बालक और बालिकाएं एक ही शौचालय में जाते हैं।
प्राथमिक विद्यालय, कालिंदी कुंज : स्कूल के बगल में डंपिंग ग्राउंड
कालिंदी कुंज में स्थित प्राथमिक विद्यालय के बराबर में डंपिंग ग्राउंड बना हुआ है। जहां आस-पास की कॉलोनियों का कूड़ा गिरता रहता है। ऐसे में वहां आवारा पशु भी घूमते रहते हैं। स्कूल में पूरे दिन कूड़े की दुर्गंध आती रहती है। ऐसे में बच्चों के पढ़ना मुश्किल हो जाता है। कूड़े के कारण बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
कोट
इस बारे में जानकारी नहीं है। तीनों विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी जाएगी। यदि इस तरह से हो रहा है तो यह बड़ी लापरवाही है। विभाग को भी इस बारे में अवगत नहीं कराया गया है। - अखंड प्रताप सिंह, बीएसए
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खुर्जा। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर सरकार भले ही करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो लेकिन जिले के स्कूलों की स्थिति खराब है। यहां बच्चे कूड़े के ढेर से होकर स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं। कहीं स्कूल के बराबर में ही डंपिंग ग्राउंड बना दिया है तो कहीं बच्चों के बैठने के लिए कमरे नहीं हैं। कालिंदी कुंज में बने प्राथमिक विद्यालय के साथ ही डंपिंग ग्राउंड बना हुआ है। वहीं खुर्जा नगर में स्थित प्राथमिक विद्यालय में पशु बंधे हुए हैं। सिटी स्टेशन के पास बने विद्यालय के शौचालय में काफी महीनों से सफाई नहीं हुई है।
खुर्जा में 25 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। शासन की ओर से जहां कायाकल्प योजना के तहत सरकारी स्कूलों में मरम्मत और बच्चों की सुविधा के लिए काम किया जा रहा है। वहीं खुर्जा तहसील क्षेत्र के स्कूलों में ये काम देखने को नहीं मिल रहा है। आधे से ज्यादा स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर भी नहीं है। ऐसे में बच्चे दरियों पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं स्कूलों में कमरों की दीवारों का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है तो कुछ स्कूलों में बिजली भी नहीं है। वहीं स्कूलों में गंदगी समस्या लगातार बढ़ रही है। जहां सालों से झाड़ू भी नहीं लग रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से छात्रों के शिक्षण के लिए जागरूकता कार्यक्रम तो किए जा रहे हैं लेकिन स्कूलों में सुविधा के लिए कोई प्रयास देखने को नहीं मिल रहा है।
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प्राथमिक विद्यालय खुर्जा नगर-1: परिसर में बंध रहे पशु
स्कूल में आठ कमरे बने हुए हैं, लेकिन जर्जर और लेंटर टूटने के कारण चार कमरे बंद हैं। एक कमरा विवादित जमीन में होने के कारण बंद रहता है। स्कूल परिसर में पालतू पशु बंधे रहते हैं। इस कारण गोबर और गंदगी का ढेर लगा रहता है। स्कूल के बाहर बनी चहारदीवारी भी टूट कर गिर गई है। लोग स्कूल के अंदर ही वाहन खड़ा कर देते हैं।
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प्राथमिक विद्यालय, सिटी स्टेशन : गंदा पड़ा शौचालय
सिटी स्टेशन के पास स्थित प्राथमिक विद्यालय के बराबर में ही खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय है। इसके बाद भी स्कूल में सफाई को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्कूल में बने शौचालय में गंदगी जमा हो रही हैं। कई महीनों से शौचालय की न सफाई हो सकी है और न ही मरम्मत। ऐसे में बालक और बालिकाएं एक ही शौचालय में जाते हैं।
प्राथमिक विद्यालय, कालिंदी कुंज : स्कूल के बगल में डंपिंग ग्राउंड
कालिंदी कुंज में स्थित प्राथमिक विद्यालय के बराबर में डंपिंग ग्राउंड बना हुआ है। जहां आस-पास की कॉलोनियों का कूड़ा गिरता रहता है। ऐसे में वहां आवारा पशु भी घूमते रहते हैं। स्कूल में पूरे दिन कूड़े की दुर्गंध आती रहती है। ऐसे में बच्चों के पढ़ना मुश्किल हो जाता है। कूड़े के कारण बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
कोट
इस बारे में जानकारी नहीं है। तीनों विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी जाएगी। यदि इस तरह से हो रहा है तो यह बड़ी लापरवाही है। विभाग को भी इस बारे में अवगत नहीं कराया गया है। - अखंड प्रताप सिंह, बीएसए