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77 मौतों के बाद जागी हाईवे अथॉरिटी
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77 मौतों के बाद जागी हाईवे अथॉरिटी
सिकंदराबाद। औद्योगिक क्षेत्र में नेशनल हाईवे-91 पर स्थित चार नंबर कट पर पिछले पांच सालों में 77 लोगों की मौत होने के बाद आखिरकार हाईवे अथॉरिटी कुंभकर्णी नींद से जाग ही गई। चार नंबर कट पर वाहनों की गति को गम करने के लिए अवरोधक लगा दिए गए हैं। बीते दो फरवरी को चार नंबर कट पर पीएसी के दो जवानों की मौत हो गई थी। समाचार पत्र द्वारा चार नंबर कट पर होने वाले हादसों के मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया गया था। जिसके बाद हाईवे अथॉरिटी ने हादसों का संज्ञान लेते हुए हादसों को रोकने की कवायद की।
औद्योगिक क्षेत्र में नेशनल हाईवे 91 पर स्थित चार नंबर कट पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। हाईवे पर वाहनों की गति अधिक होने के कारण चार नंबर कट से सड़क को क्रास करने के दौरान वाहन चालक आपस में भिड़ जाते हैं। जिसके कारण यहां पर हादसा होना आम बात हो गई है। स्थानीय नागरिक द्वारा मांगी गई आरटीआई में खुलासा हुआ था कि पिछले पांच सालों में चार नंबर कट पर हादसों में 77 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं दो फरवरी सुबह करीब चार बजे चार नंबर कट पर तैनात पीएसी के जवान गाजियाबाद जनपद के थाना भोजपुर के गांव मुरादाबाद निवासी प्रवीन 25 वर्ष पुत्र रनवीर सिंह तथा गाजियाबाद थाना मसूरी के अंबेडकर कॉलोनी निवासी प्रवीन कुमार 24 वर्ष पुत्र रंजीत कुमार की हादसे में मौत हो गई थी। मृतक जवान पीएसी 38 बटालियन अलीगढ़ के थे। वहीं हादसे में दो जवान देवेश कुमार और विक्रांत कुमार घायल हो गए थे। हादसे उस समय हुआ था जब जवान हाईवे किनारे अपने कैंप में मौजूद थे। पीएसी के दो जवानों की मौत को लेकर मामला मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंचा था। चार नंबर कट पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए क्षेत्र के लिए भी समय-समय पर मांग करते चले आ रहे है। जिसको लेकर उन्होंने कई बार प्रदर्शन करते हुए हाईवे पर जाम लगाने के अलावा टोल को फ्री कराया। चार नंबर कट पर होने वाले हादसों को लेकर समाचार पत्र द्वारा भी समय-समय पर मुद्दे को उठाया जाता रहा है। दो फरवरी को पीएसी के दो जवानों की मौत को लेकर समाचार पत्र द्वारा चार नंबर कट पर होने वाले हादसों को लेकर प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किया गया था। समाचार पत्र के मामले को प्रमुखता के साथ उठाने पर आखिरकार हाईवे अथॉरिटी की नींद टूट गई है। हादसों को रोकने के लिए वाहनों की गति को कम करने के लिए चार नंबर कट पर अवरोधक लगवाए गए है।
रूट मैनेजर सीके सिंह - चार नंबर कट पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए वाहनों की गति को कम करने के लिए अस्थाई रूप से अवरोधक लगवाए गए हैं। जल्द ही समस्या का स्थाई समाधान किया जाएगा।
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सिकंदराबाद। औद्योगिक क्षेत्र में नेशनल हाईवे-91 पर स्थित चार नंबर कट पर पिछले पांच सालों में 77 लोगों की मौत होने के बाद आखिरकार हाईवे अथॉरिटी कुंभकर्णी नींद से जाग ही गई। चार नंबर कट पर वाहनों की गति को गम करने के लिए अवरोधक लगा दिए गए हैं। बीते दो फरवरी को चार नंबर कट पर पीएसी के दो जवानों की मौत हो गई थी। समाचार पत्र द्वारा चार नंबर कट पर होने वाले हादसों के मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया गया था। जिसके बाद हाईवे अथॉरिटी ने हादसों का संज्ञान लेते हुए हादसों को रोकने की कवायद की।
औद्योगिक क्षेत्र में नेशनल हाईवे 91 पर स्थित चार नंबर कट पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। हाईवे पर वाहनों की गति अधिक होने के कारण चार नंबर कट से सड़क को क्रास करने के दौरान वाहन चालक आपस में भिड़ जाते हैं। जिसके कारण यहां पर हादसा होना आम बात हो गई है। स्थानीय नागरिक द्वारा मांगी गई आरटीआई में खुलासा हुआ था कि पिछले पांच सालों में चार नंबर कट पर हादसों में 77 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं दो फरवरी सुबह करीब चार बजे चार नंबर कट पर तैनात पीएसी के जवान गाजियाबाद जनपद के थाना भोजपुर के गांव मुरादाबाद निवासी प्रवीन 25 वर्ष पुत्र रनवीर सिंह तथा गाजियाबाद थाना मसूरी के अंबेडकर कॉलोनी निवासी प्रवीन कुमार 24 वर्ष पुत्र रंजीत कुमार की हादसे में मौत हो गई थी। मृतक जवान पीएसी 38 बटालियन अलीगढ़ के थे। वहीं हादसे में दो जवान देवेश कुमार और विक्रांत कुमार घायल हो गए थे। हादसे उस समय हुआ था जब जवान हाईवे किनारे अपने कैंप में मौजूद थे। पीएसी के दो जवानों की मौत को लेकर मामला मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंचा था। चार नंबर कट पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए क्षेत्र के लिए भी समय-समय पर मांग करते चले आ रहे है। जिसको लेकर उन्होंने कई बार प्रदर्शन करते हुए हाईवे पर जाम लगाने के अलावा टोल को फ्री कराया। चार नंबर कट पर होने वाले हादसों को लेकर समाचार पत्र द्वारा भी समय-समय पर मुद्दे को उठाया जाता रहा है। दो फरवरी को पीएसी के दो जवानों की मौत को लेकर समाचार पत्र द्वारा चार नंबर कट पर होने वाले हादसों को लेकर प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किया गया था। समाचार पत्र के मामले को प्रमुखता के साथ उठाने पर आखिरकार हाईवे अथॉरिटी की नींद टूट गई है। हादसों को रोकने के लिए वाहनों की गति को कम करने के लिए चार नंबर कट पर अवरोधक लगवाए गए है।
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रूट मैनेजर सीके सिंह - चार नंबर कट पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए वाहनों की गति को कम करने के लिए अस्थाई रूप से अवरोधक लगवाए गए हैं। जल्द ही समस्या का स्थाई समाधान किया जाएगा।
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