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प्रशिक्षित बेरोजगार ग्रामीणों को स्वरोजगार के लिए मिलेंगे पांच लाख
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amar uajala
- फोटो : amar uajala
ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए अब सरकार गांव के प्रशिक्षित बेरोजगारों को पांच लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराएगी। ऋण बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराया जाएगा। शासन ने सभी जिलाधिकारियों, संबंधित अधिकारियों को लाभार्थियों को चिन्हित करने के आदेश दिए हैं।
बीडीओ प्रेमचंद विक्रम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित बेरोजगारों को स्व रोजगार प्रारंभ करने के लिए बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दो लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित उत्पाद के लिए प्रभावशाली विपणन व्यवस्था को भी सुनिश्चित करना है, जिससे लाभार्थियों को लाभकारी मूल्य प्राप्त हो सके।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से शहर की ओर हो रहे पलायन को कम करना, ग्रामीणों की आय में वृद्धि करना है। बताया कि योजना के अंतर्गत कृषि, गैर कृषि की उन समस्त गतिविधियों को सम्मलित किया जाएगा जिनसे आय, सतत रोजगार की संभावना हो। बताया कि राज्य सरकार, भारत सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा समय-समय पर संचालित कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रशिक्षित व्यक्तियों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति, परित्यक्ता, विधवा महिला को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए केवल ऑनलाइन, कार्यालय में जमा कराए गए आवेदन, रजिस्टर्ड डाक से भेजे गए आवेदन को स्वीकार किया जाएगा। 18 से 65 वर्ष की आयु तक कोई भी व्यक्ति योजना के लिए आवेदन कर सकता है।
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केवल उन्हीं लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिनके परिवार की समस्त स्रोतों से आय दो लाख रुपये से अधिक न हो। योजना में चयनित लाभार्थी का ऋण आवेदन खंड विकास अधिकारी द्वारा संबंधित बैंक को भेजा जाएगा। आवेदन भेजने के 21 दिनों के अंदर बैंक को लाभार्थी को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। बताया कि योजना के अंतर्गत चयनित अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांग लाभार्थी को अनुदान के रूप में 35 प्रतिशत अधिकतम 70000 हजार रुपये दिए जाएंगे। वही सामान्य वर्ग के लाभार्थी को 25 प्रतिशत का अनुदान अधिकतम 50,000 हजार रुपये दिए जाएंगे। बताया की लाभार्थी का ऋण स्वीकृत होने पर जिला विकास अधिकारी द्वारा एनएफटी से सीधे खाते में हस्तांतरित की जाएगी। बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम विकास विभाग नोडल विभाग होगा। जिला विकास अधिकारी जनपद स्तर पर योजना का नोडल अधिकारी होगा। नोडल अधिकारी द्वारा योजना की समीक्षा एवं रिपोर्ट प्रेषण, सुचारु क्रियान्वयन एवं लाभार्थी चयन के लिए उत्तरदायी होगा।
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बीडीओ प्रेमचंद विक्रम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित बेरोजगारों को स्व रोजगार प्रारंभ करने के लिए बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दो लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित उत्पाद के लिए प्रभावशाली विपणन व्यवस्था को भी सुनिश्चित करना है, जिससे लाभार्थियों को लाभकारी मूल्य प्राप्त हो सके।
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वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से शहर की ओर हो रहे पलायन को कम करना, ग्रामीणों की आय में वृद्धि करना है। बताया कि योजना के अंतर्गत कृषि, गैर कृषि की उन समस्त गतिविधियों को सम्मलित किया जाएगा जिनसे आय, सतत रोजगार की संभावना हो। बताया कि राज्य सरकार, भारत सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा समय-समय पर संचालित कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रशिक्षित व्यक्तियों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति, परित्यक्ता, विधवा महिला को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए केवल ऑनलाइन, कार्यालय में जमा कराए गए आवेदन, रजिस्टर्ड डाक से भेजे गए आवेदन को स्वीकार किया जाएगा। 18 से 65 वर्ष की आयु तक कोई भी व्यक्ति योजना के लिए आवेदन कर सकता है।
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केवल उन्हीं लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिनके परिवार की समस्त स्रोतों से आय दो लाख रुपये से अधिक न हो। योजना में चयनित लाभार्थी का ऋण आवेदन खंड विकास अधिकारी द्वारा संबंधित बैंक को भेजा जाएगा। आवेदन भेजने के 21 दिनों के अंदर बैंक को लाभार्थी को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। बताया कि योजना के अंतर्गत चयनित अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांग लाभार्थी को अनुदान के रूप में 35 प्रतिशत अधिकतम 70000 हजार रुपये दिए जाएंगे। वही सामान्य वर्ग के लाभार्थी को 25 प्रतिशत का अनुदान अधिकतम 50,000 हजार रुपये दिए जाएंगे। बताया की लाभार्थी का ऋण स्वीकृत होने पर जिला विकास अधिकारी द्वारा एनएफटी से सीधे खाते में हस्तांतरित की जाएगी। बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम विकास विभाग नोडल विभाग होगा। जिला विकास अधिकारी जनपद स्तर पर योजना का नोडल अधिकारी होगा। नोडल अधिकारी द्वारा योजना की समीक्षा एवं रिपोर्ट प्रेषण, सुचारु क्रियान्वयन एवं लाभार्थी चयन के लिए उत्तरदायी होगा।