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बाइक बोट प्रकरण : अरबों के बाइक बोट घोटाले में वांछित भूदेव की संपत्ति हुई कुर्क
Tue, 16 Mar 2021 10:44 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 16 Mar 2021 10:44 PM IST
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नगर के अनंता एंक्लेव में बाइक बोट प्रकरण के वांछित भूदेव सिंह की संपत्ति कुर्क करने पहुंची ईओडब्?
- फोटो : BULANDSHAHR
अरबों रुपये के बाइक बोट घोटाले में वांछित चल रहे भूदेव की संपत्ति मंगलवार शाम ईओडब्ल्यू मेरठ की टीम ने कुर्क कर ली है। इस मामले में जनपद के कई निवेशकों के रूपये डूबे थे। मामले में मुख्य आरोपी बाइक बोट कंपनी का मालिक संजय भाटी जेल में है। कोर्ट के आदेश पर मेरठ की टीम ने बुलंदशहर के अजंता एंक्लेव में बड़ी कार्रवाई की है।
बाइक बोट घोटाले में करीब 632 निवेशकों से करीब 3500 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया था। मामले में नोएडा समेत जनपद के भी थानों में बाइक बोट के मालिक व उसके प्रमोटर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुईं थीं। वर्तमान में इन सभी मुकदमों की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। प्रकरण में जनपद के भी कुछ लोग नामजद हैं।
जिनमें से एक कंपनी का प्रमोटर बताए गए भूदेव सिंह निवासी अनंता एंक्लेव नगर कोतवाली भी शामिल है। आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर बीते दिनों उनके आवास पर ईओडब्ल्यू ने नोटिस भी चस्पा किया था। लेकिन, अभी भी वह फरार चल रहा है। जिस पर मंगलवार को ईओडब्ल्यू मेरठ की इंचार्ज नीतू राणा अपनी टीम के साथ आरोपी के आवास पर पहुंची।
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इस दौरान उन्होंने नगर कोतवाली पुलिस को कुर्की के संबंध में अवगत कराया और फोर्स की मांग की। जिस पर नगर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद आरोपी की संपत्ति को कुर्क किया गया। कार्रवाई के बाद टीम शाम को ही वापस लौट गई। टीम में नीतू राणा के अलावा इंस्पेक्टर केके शर्मा समेत पांच सदस्य शामिल थे। हालांकि, अभी तक ईओडब्ल्यू की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
बाइक बोट मामले में जिले के सोहनवीर सिंह, राजेश भारद्वाज, भूदेव सिंह, पुष्पेंद्र सिंह और लोकेंद्र सिंह के खिलाफ एफआरआई दर्ज हुई थी। नगर कोतवाल अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ईओडब्ल्यू की टीम आई थी, कुर्की के लिए उन्होंने फोर्स का सहयोग मांगा था। जिसके बाद पुलिस टीम को उनके साथ भेजा गया। कुर्की के बाद टीम वापस लौट गई है।
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बाइक बोट घोटाले में करीब 632 निवेशकों से करीब 3500 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया था। मामले में नोएडा समेत जनपद के भी थानों में बाइक बोट के मालिक व उसके प्रमोटर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुईं थीं। वर्तमान में इन सभी मुकदमों की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। प्रकरण में जनपद के भी कुछ लोग नामजद हैं।
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जिनमें से एक कंपनी का प्रमोटर बताए गए भूदेव सिंह निवासी अनंता एंक्लेव नगर कोतवाली भी शामिल है। आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर बीते दिनों उनके आवास पर ईओडब्ल्यू ने नोटिस भी चस्पा किया था। लेकिन, अभी भी वह फरार चल रहा है। जिस पर मंगलवार को ईओडब्ल्यू मेरठ की इंचार्ज नीतू राणा अपनी टीम के साथ आरोपी के आवास पर पहुंची।
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इस दौरान उन्होंने नगर कोतवाली पुलिस को कुर्की के संबंध में अवगत कराया और फोर्स की मांग की। जिस पर नगर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद आरोपी की संपत्ति को कुर्क किया गया। कार्रवाई के बाद टीम शाम को ही वापस लौट गई। टीम में नीतू राणा के अलावा इंस्पेक्टर केके शर्मा समेत पांच सदस्य शामिल थे। हालांकि, अभी तक ईओडब्ल्यू की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
बाइक बोट मामले में जिले के सोहनवीर सिंह, राजेश भारद्वाज, भूदेव सिंह, पुष्पेंद्र सिंह और लोकेंद्र सिंह के खिलाफ एफआरआई दर्ज हुई थी। नगर कोतवाल अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ईओडब्ल्यू की टीम आई थी, कुर्की के लिए उन्होंने फोर्स का सहयोग मांगा था। जिसके बाद पुलिस टीम को उनके साथ भेजा गया। कुर्की के बाद टीम वापस लौट गई है।