{"_id":"601ef67a8ebc3e4c660aa693","slug":"bulandshahar-news-bulandshahr-news-gbd213284158","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव में बनेंगी पानी की टंकियां, लाखों लोगों की बुझेगी प्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव में बनेंगी पानी की टंकियां, लाखों लोगों की बुझेगी प्यास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव में बनेंगी पानी की टंकियां, लाखों लोगों की बुझेगी प्यास
बुलंदशहर। सरकार की जल जीवन मिशन के प्रथम चरण में जनपद के 630 राजस्व गांवों का चयन किया गया है, जबकि शेष गांव दूसरे चरण में शामिल होंगे। एक गांव में स्वच्छ पेयजल के लिए डेढ़ से दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। सीडीओ ने चयनित सभी गांवों में बनने वाली पानी की टंकी आदि के लिए पीडीआर बनाने के निर्देश दे दिए हैं। आदेश मिलने के बाद संबंधित विभागीय अधिकारी पीडीआर तैयार करवाने में जुट गए हैं।
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की शुरूआत की है। इसके तहत सभी गांवों में पानी की टंकी बनेगी और पाइप लाइन बिछाकर प्रत्येक घर में स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाएगा। इस योजना की शुरुआत करने के लिए शासन ने जिला प्रशासन को गांवों का चयन करते हुए पीडीआर तैयार कर जानकारी मांगी है कि कितनी राशि खर्च होगी। हालांकि, इस योजना पर जनपद में काम काफी समय पहले शुरू हो चुका था। लेकिन अब इसे परवान चढ़ाने की शुरुआत तेजी से हो गई है। बताया गया कि योजना के प्रथम चरण में जनपद के 630 राजस्व गांवों का चयन किया गया है। इनमें वह गांव शामिल हैं, जो एससी/एसटी बाहुल्य हैं। बताया गया कि चयनित गांवों में जनसंख्या के आधार पर पीडीआर बनाई जाएंगी। अफसरों ने बताया कि एक गांव में पेयजल पर डेढ़ से दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। यदि किसी गांव की जनसंख्या अधिक है तो उसमें दो पानी की टंकी भी बन सकती हैं। यदि ऐसा हुआ तो उक्त गांव में अधिक राशि खर्च की जाएगी। सीडीओ ने बताया कि भारत सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना की जनपद में शुरूआत करवाने और हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को पीडीआर बनाने के निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही पीडीआर तैयार कर ली जाएगी। साथ ही इसे आगामी कार्रवाई के लिए शासन को भेजा जाएगा।
जनपद में 16 ब्लॉकों में 951 ग्राम पंचायत हैं। इनके अंतर्गत 1176 राजस्व गांव आते हैं। बताया गया कि भारत सरकार की जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए जनपद के सभी राजस्व गांवों का गत दिनों सर्वे किया गया था। इस सर्वे में गांव की जनसंख्या आदि की जानकारी एकत्रित की गई है, तक पीडीआर तैयार करने में आसानी हो सके।
विज्ञापन
अफसरों ने बताया कि जनपद के 87 गांवों में पहले से ही पानी की टंकी बनी हुई हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत अब 1089 राजस्व गांवों में पानी की टंकी बनेगी और पाइप लाइन बिछाई जाएगी। दूसरे चरण में 459 राजस्व गांवों को शामिल किया जाएगा। जिन गांवों में पहले से पानी की टंकी बनी हैं और वह किसी कारण बंद हैं या फिर उनमें कुछ काम होना है तो उसे भी पूरा किया जाएगा।
अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी - भारत सरकार की जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद के सभी राजस्व गांवों में पानी की टंकी बनाकर और पाइप लाइन बिछाकर हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना है। इसकी जनपद में शुरूआत हो चुकी है। इसके लिए पीडीआर तैयार करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जनपद के 1176 राजस्व गांवों में से 87 गांवों में पहले से ही टंकी बनी हुई हैं। प्रथम चरण में 630 गांव शामिल किए गए हैं। शेष 459 गांवों को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
बुलंदशहर। सरकार की जल जीवन मिशन के प्रथम चरण में जनपद के 630 राजस्व गांवों का चयन किया गया है, जबकि शेष गांव दूसरे चरण में शामिल होंगे। एक गांव में स्वच्छ पेयजल के लिए डेढ़ से दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। सीडीओ ने चयनित सभी गांवों में बनने वाली पानी की टंकी आदि के लिए पीडीआर बनाने के निर्देश दे दिए हैं। आदेश मिलने के बाद संबंधित विभागीय अधिकारी पीडीआर तैयार करवाने में जुट गए हैं।
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की शुरूआत की है। इसके तहत सभी गांवों में पानी की टंकी बनेगी और पाइप लाइन बिछाकर प्रत्येक घर में स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाएगा। इस योजना की शुरुआत करने के लिए शासन ने जिला प्रशासन को गांवों का चयन करते हुए पीडीआर तैयार कर जानकारी मांगी है कि कितनी राशि खर्च होगी। हालांकि, इस योजना पर जनपद में काम काफी समय पहले शुरू हो चुका था। लेकिन अब इसे परवान चढ़ाने की शुरुआत तेजी से हो गई है। बताया गया कि योजना के प्रथम चरण में जनपद के 630 राजस्व गांवों का चयन किया गया है। इनमें वह गांव शामिल हैं, जो एससी/एसटी बाहुल्य हैं। बताया गया कि चयनित गांवों में जनसंख्या के आधार पर पीडीआर बनाई जाएंगी। अफसरों ने बताया कि एक गांव में पेयजल पर डेढ़ से दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। यदि किसी गांव की जनसंख्या अधिक है तो उसमें दो पानी की टंकी भी बन सकती हैं। यदि ऐसा हुआ तो उक्त गांव में अधिक राशि खर्च की जाएगी। सीडीओ ने बताया कि भारत सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना की जनपद में शुरूआत करवाने और हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को पीडीआर बनाने के निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही पीडीआर तैयार कर ली जाएगी। साथ ही इसे आगामी कार्रवाई के लिए शासन को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
जनपद में 16 ब्लॉकों में 951 ग्राम पंचायत हैं। इनके अंतर्गत 1176 राजस्व गांव आते हैं। बताया गया कि भारत सरकार की जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए जनपद के सभी राजस्व गांवों का गत दिनों सर्वे किया गया था। इस सर्वे में गांव की जनसंख्या आदि की जानकारी एकत्रित की गई है, तक पीडीआर तैयार करने में आसानी हो सके।
विज्ञापन
अफसरों ने बताया कि जनपद के 87 गांवों में पहले से ही पानी की टंकी बनी हुई हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत अब 1089 राजस्व गांवों में पानी की टंकी बनेगी और पाइप लाइन बिछाई जाएगी। दूसरे चरण में 459 राजस्व गांवों को शामिल किया जाएगा। जिन गांवों में पहले से पानी की टंकी बनी हैं और वह किसी कारण बंद हैं या फिर उनमें कुछ काम होना है तो उसे भी पूरा किया जाएगा।
अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी - भारत सरकार की जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद के सभी राजस्व गांवों में पानी की टंकी बनाकर और पाइप लाइन बिछाकर हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना है। इसकी जनपद में शुरूआत हो चुकी है। इसके लिए पीडीआर तैयार करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जनपद के 1176 राजस्व गांवों में से 87 गांवों में पहले से ही टंकी बनी हुई हैं। प्रथम चरण में 630 गांव शामिल किए गए हैं। शेष 459 गांवों को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा।