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वीरान हो चुके पार्क को बना दिया पिकनिक स्पॉट
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लक्ष्मीनगर कालोनी के पार्क में फूलों के पौधों की निराई गुडाई करते समाजसेवी प्रशांत वाल्मीकि।
- फोटो : BULANDSHAHR
वीरान हो चुके पार्क को बना दिया पिकनिक स्पॉट
चेतन शर्मा
बुलंदशहर। सरकारी पार्कों की जहां बात होती है तो मन में इनकी एक अव्यवस्थित सी तस्वीर बन जाती है। लक्ष्मीनगर का पार्क ऐसा है जो निजी पार्क को भी मात देे रहा है। इस पार्क को समाजसेवी प्रशांत वाल्मीकि और नौकरी से सेवानिवृत्त हो चुके सीनियर सिटीजन गोद लेकर पिछले पांच साल से संवार रहे हैं। सौंदर्यीकरण कराने के साथ नियमित साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है।
नगर क्षेत्र में 22 से अधिक पार्क हैं, इनमें छोटे और बड़े सभी पार्क शामिल हैं। इन पार्कों के रखरखाव और सामान उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद की है। पार्कों की सफाई आदि के लिए पालिका की ओर से सफाई कर्मचारी भी तैनात किए हुए हैं। बावजूद इसके पालिका की अनदेखी का नतीजा है कि अधिकांश पार्क बेरंग होते जा रहे हैं। बेरंग हो रहे एक पार्क का सौंदर्र्यीकरण करने के लिए नगर निवासी समाजसेवी प्रशांत वाल्मिकी द्वारा वर्ष 2015 में गोद लिया गया। जिसके बाद से पार्क में साफ-सफाई के साथ अन्य कार्य किए गए हैं। जिससे सुदंरता खो रहा पार्क इन दिनों लोगों की चहलकदमी से चहक रहा है, साथ ही पार्क में आने वाले लोग भी सराहना करना नहीं भूलते हैं।
मनोरंजन को झूले और हरियाली को लगवाए पौधे
समाजसेवी प्रशांत वाल्मीकि ने बताया कि पार्क का करीब 15 वर्ष पूर्व निर्माण हुआ था। निर्माण होने के बाद से पालिका अफसरों की अनदेखी के कारण बदहाल की स्थिति पर आ गया था। जिसे वर्ष 2015 में गोद लेने के बाद सर्वप्रथम साफ-सफाई की। इसके बाद पार्क में हरियाली के लिए पेड़-पौधे लगवाए। जिन्हें आवारा जानवरों से बचाने के लिए जाल आदि की भी व्यवस्था की। बताया कि इस कार्य में कालोनी के सेवानिवृत लोगों ने भी आकर मदद की। बताया कि पार्क में गंदगी आदि ना हो इसके लिए पार्क में होने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगाने के साथ स्वच्छता पर अधिक जोर दिया गया। अब पार्क में बच्चों को झूलने के लिए झूले आदि लगवाए गए हैं।
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प्रतिदिन रहती है पार्क में चहल-पहल
एक समय ऐसा भी था जब लोग घूमने आने के लिए कतराते थे। लेकिन पार्क का सौंदर्यीकरण होने के बाद पार्क में अब प्रतिदिन सैकड़ों लोग घूमने के लिए आ रहे हैं। इनमें सुबह-शाम के समय शहर के लोग सैर करने वाले भी शामिल है। जबकि दिन के समय बच्चों की चहल-पहल भी रहती है। बच्चों के खेलने के झूले लगे हुए हैं। साथ ही फुलवारी भी लगवाई गई हैं। पार्क में 250 से अधिक अलग-अलग प्रजाति के पौधे लगे हुए हैं। साथ ही 50 से अधिक पेड़ लगे हुए हैं। इस कार्य में प्रमोद गोयल, जितेंद्र अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, डीके अग्रवाल, जितेंद्र मोहन और डॉ. पूनम पालीवाल आदि द्वारा भी सौंदर्यीकरण के कार्य में सहयोग दिया गया हैं।
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चेतन शर्मा
बुलंदशहर। सरकारी पार्कों की जहां बात होती है तो मन में इनकी एक अव्यवस्थित सी तस्वीर बन जाती है। लक्ष्मीनगर का पार्क ऐसा है जो निजी पार्क को भी मात देे रहा है। इस पार्क को समाजसेवी प्रशांत वाल्मीकि और नौकरी से सेवानिवृत्त हो चुके सीनियर सिटीजन गोद लेकर पिछले पांच साल से संवार रहे हैं। सौंदर्यीकरण कराने के साथ नियमित साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है।
नगर क्षेत्र में 22 से अधिक पार्क हैं, इनमें छोटे और बड़े सभी पार्क शामिल हैं। इन पार्कों के रखरखाव और सामान उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद की है। पार्कों की सफाई आदि के लिए पालिका की ओर से सफाई कर्मचारी भी तैनात किए हुए हैं। बावजूद इसके पालिका की अनदेखी का नतीजा है कि अधिकांश पार्क बेरंग होते जा रहे हैं। बेरंग हो रहे एक पार्क का सौंदर्र्यीकरण करने के लिए नगर निवासी समाजसेवी प्रशांत वाल्मिकी द्वारा वर्ष 2015 में गोद लिया गया। जिसके बाद से पार्क में साफ-सफाई के साथ अन्य कार्य किए गए हैं। जिससे सुदंरता खो रहा पार्क इन दिनों लोगों की चहलकदमी से चहक रहा है, साथ ही पार्क में आने वाले लोग भी सराहना करना नहीं भूलते हैं।
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मनोरंजन को झूले और हरियाली को लगवाए पौधे
समाजसेवी प्रशांत वाल्मीकि ने बताया कि पार्क का करीब 15 वर्ष पूर्व निर्माण हुआ था। निर्माण होने के बाद से पालिका अफसरों की अनदेखी के कारण बदहाल की स्थिति पर आ गया था। जिसे वर्ष 2015 में गोद लेने के बाद सर्वप्रथम साफ-सफाई की। इसके बाद पार्क में हरियाली के लिए पेड़-पौधे लगवाए। जिन्हें आवारा जानवरों से बचाने के लिए जाल आदि की भी व्यवस्था की। बताया कि इस कार्य में कालोनी के सेवानिवृत लोगों ने भी आकर मदद की। बताया कि पार्क में गंदगी आदि ना हो इसके लिए पार्क में होने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगाने के साथ स्वच्छता पर अधिक जोर दिया गया। अब पार्क में बच्चों को झूलने के लिए झूले आदि लगवाए गए हैं।
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प्रतिदिन रहती है पार्क में चहल-पहल
एक समय ऐसा भी था जब लोग घूमने आने के लिए कतराते थे। लेकिन पार्क का सौंदर्यीकरण होने के बाद पार्क में अब प्रतिदिन सैकड़ों लोग घूमने के लिए आ रहे हैं। इनमें सुबह-शाम के समय शहर के लोग सैर करने वाले भी शामिल है। जबकि दिन के समय बच्चों की चहल-पहल भी रहती है। बच्चों के खेलने के झूले लगे हुए हैं। साथ ही फुलवारी भी लगवाई गई हैं। पार्क में 250 से अधिक अलग-अलग प्रजाति के पौधे लगे हुए हैं। साथ ही 50 से अधिक पेड़ लगे हुए हैं। इस कार्य में प्रमोद गोयल, जितेंद्र अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, डीके अग्रवाल, जितेंद्र मोहन और डॉ. पूनम पालीवाल आदि द्वारा भी सौंदर्यीकरण के कार्य में सहयोग दिया गया हैं।