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जैविक खेती से आने वाली पीढ़ी को अच्छी फसल देने को प्रयासरत हैं - ओमपाल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jan 2020 11:12 PM IST
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प्रगतिशील किसान ओमपाल सिंह। - फोटो : BULANDSHAHR
जैविक खेती से आने वाली पीढ़ी को अच्छी फसल देने को प्रयासरत हैं - ओमपाल
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बुलंदशहर। तहसील के गांव रहमापुर श्यावली निवासी किसान ओमपाल सिंह 2006 से अपने खेतों को जैविक खाद की संजीवनी दे रहे हैं। उनका मत है कि जैविक तरीके की खाद से आने वाली पीढ़ियों को अच्छी फसल मिलेगी और स्वास्थ्य लाभ होगा। जैविक खेती से उगे अनाज को भंडारण की अधिक क्षमता वाला बताया।

जैविक खेती के लिए आजकल सरकार द्वारा जोर शोर प्रचार किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि जैविक खेती से फसल तो बेहतर होती ही है, किसान की आय भी बढ़ती है। बहुत से किसानों ने जैविक खेती कर सफलता को छुआ है। इसका जीता जागता उदाहरण बुलंदशहर तहसील के गांव रहमापुर श्यावली निवासी ओमपाल सिंह हैं। ओमपाल सिंह ने बताया कि उसके पास 14 बीघा जमीन है। सभी पर वह देशी गाय और भैंस के गोबर से बनने वाली खाद का इस्तेमाल करता है। बताया कि वह गोबर को एकत्र कर उसमें पानी डाल-डालकर ठंडा करते हैं। गोबर से बनी प्राकृतिक खाद एक से डेढ़ माह में बनकर तैयार हो जाती है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खाद की सब्जी और अनाज इतना स्वादिष्ट होता है कि लोगों की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। बताया कि करीब 50 साल पूर्व जब लोग प्राकृतिक खेती करते थे तो जमीन का वाटर लेबिल ठीक था और जमीन के पोषक तत्व भी जीवित थे। जमीन बिलकुल स्वस्थ रहती थी लेकिन आज रासायन युक्त यूरिया डालने से जमीन के सभी पोषक तत्व समाप्त हो गए हैं। हर किसान को प्राकृतिक खेती की ओर लौटना चाहिए यदि उसे अपनी जमीन स्वस्थ रखनी है। आय के बारे में उन्होंने बताया कि पहले और अब की आय में जमीन आसमान का अंतर है। पहले से खुशहाली का जीवन जिया जा रहा है। सब्जी और नाज होते ही हाथों हाथ बिक जाता है। बताया कि अब अनाज बेचने के लिए बाजार नहीं जाना पड़ता है। सारा अनाज और सब्जियां घर से ही लोग खरीदकर ले जाते हैं। किसान ओमपाल सिंह ने बताया कि जैविक खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ रहा है। अगर दस प्रतिशत किसान भी जैविक खेती की ओर अपने कदम बढ़ाते है तो आने वाली पीढ़ियों को बिना रसायन वाला अनाज खाने को मिल जाएगा।
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