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यूपी : शहर के राशनकार्ड धारकों को अब नहीं मिलेगा केरोसिन
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
यूपी : शहर के राशनकार्ड धारकों को अब नहीं मिलेगा केरोसिन
बुलंदशहर। आप राशनकार्ड धारक है और शहरी क्षेत्र में निवास करते हैं तो आपके लिए महत्वपूर्ण खबर है। शासन ने शहरी क्षेत्र के राशनकार्ड धारकों के लिए केरोसिन की बिक्री पर पूर्णतया रोक लगा दी है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे कार्ड धारकों को केरोसिन नहीं मिलेगा जिनके यहां बिजली या एलपीजी का कनेक्शन होगा।
शासन द्वारा प्रति माह पात्र राशन कार्ड धारकों को रियायती दरों पर राशन दिया जाता है। जिसमें दो रुपये प्रति किग्रा की दर से गेंहू व तीन रुपये प्रति किग्रा की दर से चावल दिए जाते हैं। इस योजना से प्रति कार्ड धारक को प्रत्येक माह करीब 20 किग्रा गेंहू व पांच किग्रा चावल दिया जाता है। साथ ही अंत्योदय कार्ड धारकों को हर महीने तीन लीटर केरोसिन व शेष राशन कार्ड धारकों को एक लीटर केरोसिन दिया जाता है। जानकारी के अनुसार पूर्व में कभी केरोसिन/मिट्टी का तेल आम आदमी की जरूरत होता था और बिजली व एलपीजी कनेक्शन न होने या बिजली कम आने पर कार्ड धारक दुकानों से मिट्टी का तेल खरीदते थे। इस दौरान घटतौली या अन्य प्रकार से राशन डीलर मिट्टी का तेल ब्लैक कर मोटा मुनाफा कमा लेते थे। लेकिन प्रधानमंत्री उज्जवला योजना व सौभाग्य योजना शुरू होने के बाद घर-घर बिजली व एलपीजी कनेक्शन पहुंच गए। धीरे-धीरे स्टोव व लैंप आदि का प्रयोग कम होने पर लोगों ने केरोसिन लेना बंद कर दिया। अब शासन ने शहरी क्षेत्र के सभी और ग्रामीण क्षेत्र के एलपीजी-बिजली कनेक्शन धारकों के केरोसिन पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है। जिससे कालाबाजारी पर लगाम लग सके।
केरोसिन में कटौती का शासनादेश प्राप्त हो चुका है। जनवरी माह से शहरी क्षेत्रों के किसी भी राशनकार्ड धारक को केरोसिन नहीं मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में केवल पात्र राशन कार्ड धारक को केरोसिन वितरित किया जाएगा। जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वे कराया जाएगा।
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- केबी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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बुलंदशहर। आप राशनकार्ड धारक है और शहरी क्षेत्र में निवास करते हैं तो आपके लिए महत्वपूर्ण खबर है। शासन ने शहरी क्षेत्र के राशनकार्ड धारकों के लिए केरोसिन की बिक्री पर पूर्णतया रोक लगा दी है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे कार्ड धारकों को केरोसिन नहीं मिलेगा जिनके यहां बिजली या एलपीजी का कनेक्शन होगा।
शासन द्वारा प्रति माह पात्र राशन कार्ड धारकों को रियायती दरों पर राशन दिया जाता है। जिसमें दो रुपये प्रति किग्रा की दर से गेंहू व तीन रुपये प्रति किग्रा की दर से चावल दिए जाते हैं। इस योजना से प्रति कार्ड धारक को प्रत्येक माह करीब 20 किग्रा गेंहू व पांच किग्रा चावल दिया जाता है। साथ ही अंत्योदय कार्ड धारकों को हर महीने तीन लीटर केरोसिन व शेष राशन कार्ड धारकों को एक लीटर केरोसिन दिया जाता है। जानकारी के अनुसार पूर्व में कभी केरोसिन/मिट्टी का तेल आम आदमी की जरूरत होता था और बिजली व एलपीजी कनेक्शन न होने या बिजली कम आने पर कार्ड धारक दुकानों से मिट्टी का तेल खरीदते थे। इस दौरान घटतौली या अन्य प्रकार से राशन डीलर मिट्टी का तेल ब्लैक कर मोटा मुनाफा कमा लेते थे। लेकिन प्रधानमंत्री उज्जवला योजना व सौभाग्य योजना शुरू होने के बाद घर-घर बिजली व एलपीजी कनेक्शन पहुंच गए। धीरे-धीरे स्टोव व लैंप आदि का प्रयोग कम होने पर लोगों ने केरोसिन लेना बंद कर दिया। अब शासन ने शहरी क्षेत्र के सभी और ग्रामीण क्षेत्र के एलपीजी-बिजली कनेक्शन धारकों के केरोसिन पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है। जिससे कालाबाजारी पर लगाम लग सके।
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केरोसिन में कटौती का शासनादेश प्राप्त हो चुका है। जनवरी माह से शहरी क्षेत्रों के किसी भी राशनकार्ड धारक को केरोसिन नहीं मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में केवल पात्र राशन कार्ड धारक को केरोसिन वितरित किया जाएगा। जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वे कराया जाएगा।
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- केबी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी