{"_id":"5e161d298ebc3e87f93a08d9","slug":"bulandshahar-news-bulandshahr-news-gbd191837948","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत बंद : बैंकों की हड़ताल से करोड़ों का कारोबार प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत बंद : बैंकों की हड़ताल से करोड़ों का कारोबार प्रभावित
विज्ञापन
राजेबाबू पार्क में धरना प्रदर्शन करते ट्रेड यूनियन के कर्मचारी।
- फोटो : BULANDSHAHR
भारत बंद : बैंकों की हड़ताल से करोड़ाें का कारोबार प्रभावित
बुलंदशहर। सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ देश की दस मुख्य ट्रेड यूनियन बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहीं। हड़ताल में विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने भागेदारी कर राजेबाबू पार्क में धरना-प्रदर्शन और सभा का आयोजन किया। हड़ताल में बैंककर्मी, बिजली कर्मी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे। वहीं, हड़ताल में करीब 10 सरकारी बैंकों के भी शामिल रहने के चलते करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ, कामकाज ठप होने के कारण दिनभर उपभोक्ता परेशान रहे।
विभिन्न मांगों को लेकर ऑल इंडिया बैंक इंप्लॉइज एसोसिएशन (एआइबीइए) और बैंक इंप्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीइएफआई) से संबद्ध यूपी बैंक इंप्लॉइज यूनियन समेत अन्य संगठनों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बुधवार को बैंक कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों को जनविरोधी बताया। कर्मियों ने बैंकों के निजीकरण और विलय, एनपीए और बैंकों में स्थायी कार्यों के लिए आउटसोर्सिंग का विरोध किया। इस विरोध प्रदर्शन में यूपी बैंक इंप्लॉइज यूनियन के बैनर तले पीएनबी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, नैनीताल बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स और आंध्रा बैंक आदि के अधिकारी व कर्मचारी पुरानी जेल परिसर के सामने केनरा बैंक पर एकत्र हुए। एक साथ आठ से अधिक बैंकों क कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से बुधवार को लेनदेन का काम नहीं हो सका और हड़ताल के चलने बैंकों में करीब 250 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा। वहीं, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन के सदस्य भी राजेबाबू पार्क पहुंचे और एक सभा की। सीआइटीयू के महासचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास का नारा देने वाली भाजपा और मोदी सरकार खुलकर सेठों पक्ष में आ रही हैं। उनके मुनाफे सुरक्षित रखने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र को सेठों के हवाले कर रही है। मजदूर आंदोलन को कुचलने के लिए श्रम कानूनों का खात्मा किया जा रहा है। इस अवसर पर सुरेश चंद्र, प्रमोद सक्सेना, सावित्री गौतम, तरूणा सिंह, मूलचंद, आदित्य कौशिक रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के जिला संयोजक विक्रम सिंह राघव ने कहा कि इस सरकार ने अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है। देश की जीडीपी दर 2019-20 में 5 प्रतिशत पर आ गई है। सरकार युवाओं को बेरोजगारी की ओर धकेल रही है। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन की बुलंदशहर इकाई के सभी एमआर एक दिन की हड़ताल पर रहे। सभी मेडिसिन मार्केट से जुलूस निकालकर राजेबाबूृ पार्क पहुंचे। महामंत्री कामरेड आदित्य ने कहा कि यह सरकार जनविरोधी और मजदूर विरोधी है। यह सरकार मजदूरों के हितों के कानून को खत्म करना चाहती है। बेरोजगारों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है।
बैंक ऑफ बड़ौदा में लेनदेन संबंधी कार्य के लिए आया था। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से बिना कार्य कराए वापस लौटना पड़ा। - अंकुर अग्रवाल
हड़ताल की जानकारी नहीं थी, घर के काम के लिए नगदी निकालनी थी। लेकिन हड़ताल के चलते बैंक बंद रहने पर बैरंग लौटना पड़ रहा है। - सोनू माहुर
बैंक में नगदी जमा करने के लिए आया था। समय होने के बाद भी बैंक न खुलने पर हड़ताल की जानकारी लगी। - सतेंद्र गुप्ता
खाता संबंधित कार्य के चलते बैंक आया था। बैंक बंद रहने पर कार्य नहीं हो सका। वापस खाली हाथ लौटना पड़ा। - राजू चौधरी
कोट
हड़ताल से करीब 250 करोड़ का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया है। पीएनबी की केवल स्याना ब्रांच बंद रही, जबकि कुछ अन्य शाखाओं के 35 अधिकारी और 104 कर्मी हड़ताल पर रहे। हड़ताल एआईबीईए, एआईबीओए, बीईएफआई, आईएनबीईएफ और आईएनबीओसी के आह्वान पर आयोजित हुई थी। - विजय गांधी, मैनेजर जिला अग्रणी बैंक
विज्ञापन
किसान सभा ने हाईवे पर लगाया जाम
फोटा समाचार - फोटो संख्या 08 बुल 56
औरंगाबाद/शिकारपुर। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत बुधवार को किसान सभा ने औरंगाबाद में पवसरा तिराहे पर बुलंदशहर-औरंगाबाद-गढ़मुक्तेश्वर हाईवे को जाम कर प्रदर्शन किया। किसान सभा के प्रांतीय सचिव चंद्रपाल सिंह ने कहा कि मोदी-योगी सरकार की गलत नीतियों के चलते किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। भाजपा के शासनकाल में किसानों को फसलों के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। जबकि मोदी ने किसानों की दुगनी आय करने का वादा किया था, जो कि अब खरा नहीं उतर पा रहा है। पिछले कई वर्ष से योगी सरकार ने गन्ने के रेट नहीं बढ़ाए हैं। इस दौरान जगवीर सिंह, नंदलाल पाठक, हरेन्द्र सिंह, सीताराम शर्मा, नौशाद अली, दारा सिंह, लक्ष्मन सिंह आदि मौजूद रहे।
शिकारपुर में अखिल भारतीय किसान सभा तथा ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत किसान सभा के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। किसान सभा के शिकारपुर क्षेत्र के अध्यक्ष मूलचंद त्यागी ने कहा कि योगी सरकार किसानों की तबाही का कारण बन रही है। बिजली बिलों के दाम तीन गुने से ज्यादा बढ़ा दिए गए हैं। गन्ने के रेट में तीन वर्ष से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। जिससे किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और एनआरसी जैसे कानून लाकर सरकार देश को विघटन की ओर धकेल रही है। इस दौरान ठाकुर करण सिंह, साबिर अली, हरेन्द्र त्यागी, नीरज त्यागी, जमील खां मौजूद रहे।
विज्ञापन
बुलंदशहर। सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ देश की दस मुख्य ट्रेड यूनियन बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहीं। हड़ताल में विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने भागेदारी कर राजेबाबू पार्क में धरना-प्रदर्शन और सभा का आयोजन किया। हड़ताल में बैंककर्मी, बिजली कर्मी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे। वहीं, हड़ताल में करीब 10 सरकारी बैंकों के भी शामिल रहने के चलते करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ, कामकाज ठप होने के कारण दिनभर उपभोक्ता परेशान रहे।
विभिन्न मांगों को लेकर ऑल इंडिया बैंक इंप्लॉइज एसोसिएशन (एआइबीइए) और बैंक इंप्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीइएफआई) से संबद्ध यूपी बैंक इंप्लॉइज यूनियन समेत अन्य संगठनों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बुधवार को बैंक कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों को जनविरोधी बताया। कर्मियों ने बैंकों के निजीकरण और विलय, एनपीए और बैंकों में स्थायी कार्यों के लिए आउटसोर्सिंग का विरोध किया। इस विरोध प्रदर्शन में यूपी बैंक इंप्लॉइज यूनियन के बैनर तले पीएनबी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, नैनीताल बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स और आंध्रा बैंक आदि के अधिकारी व कर्मचारी पुरानी जेल परिसर के सामने केनरा बैंक पर एकत्र हुए। एक साथ आठ से अधिक बैंकों क कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से बुधवार को लेनदेन का काम नहीं हो सका और हड़ताल के चलने बैंकों में करीब 250 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा। वहीं, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन के सदस्य भी राजेबाबू पार्क पहुंचे और एक सभा की। सीआइटीयू के महासचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास का नारा देने वाली भाजपा और मोदी सरकार खुलकर सेठों पक्ष में आ रही हैं। उनके मुनाफे सुरक्षित रखने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र को सेठों के हवाले कर रही है। मजदूर आंदोलन को कुचलने के लिए श्रम कानूनों का खात्मा किया जा रहा है। इस अवसर पर सुरेश चंद्र, प्रमोद सक्सेना, सावित्री गौतम, तरूणा सिंह, मूलचंद, आदित्य कौशिक रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के जिला संयोजक विक्रम सिंह राघव ने कहा कि इस सरकार ने अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है। देश की जीडीपी दर 2019-20 में 5 प्रतिशत पर आ गई है। सरकार युवाओं को बेरोजगारी की ओर धकेल रही है। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन की बुलंदशहर इकाई के सभी एमआर एक दिन की हड़ताल पर रहे। सभी मेडिसिन मार्केट से जुलूस निकालकर राजेबाबूृ पार्क पहुंचे। महामंत्री कामरेड आदित्य ने कहा कि यह सरकार जनविरोधी और मजदूर विरोधी है। यह सरकार मजदूरों के हितों के कानून को खत्म करना चाहती है। बेरोजगारों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
बैंक ऑफ बड़ौदा में लेनदेन संबंधी कार्य के लिए आया था। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से बिना कार्य कराए वापस लौटना पड़ा। - अंकुर अग्रवाल
हड़ताल की जानकारी नहीं थी, घर के काम के लिए नगदी निकालनी थी। लेकिन हड़ताल के चलते बैंक बंद रहने पर बैरंग लौटना पड़ रहा है। - सोनू माहुर
बैंक में नगदी जमा करने के लिए आया था। समय होने के बाद भी बैंक न खुलने पर हड़ताल की जानकारी लगी। - सतेंद्र गुप्ता
खाता संबंधित कार्य के चलते बैंक आया था। बैंक बंद रहने पर कार्य नहीं हो सका। वापस खाली हाथ लौटना पड़ा। - राजू चौधरी
कोट
हड़ताल से करीब 250 करोड़ का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया है। पीएनबी की केवल स्याना ब्रांच बंद रही, जबकि कुछ अन्य शाखाओं के 35 अधिकारी और 104 कर्मी हड़ताल पर रहे। हड़ताल एआईबीईए, एआईबीओए, बीईएफआई, आईएनबीईएफ और आईएनबीओसी के आह्वान पर आयोजित हुई थी। - विजय गांधी, मैनेजर जिला अग्रणी बैंक
विज्ञापन
किसान सभा ने हाईवे पर लगाया जाम
फोटा समाचार - फोटो संख्या 08 बुल 56
औरंगाबाद/शिकारपुर। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत बुधवार को किसान सभा ने औरंगाबाद में पवसरा तिराहे पर बुलंदशहर-औरंगाबाद-गढ़मुक्तेश्वर हाईवे को जाम कर प्रदर्शन किया। किसान सभा के प्रांतीय सचिव चंद्रपाल सिंह ने कहा कि मोदी-योगी सरकार की गलत नीतियों के चलते किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। भाजपा के शासनकाल में किसानों को फसलों के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। जबकि मोदी ने किसानों की दुगनी आय करने का वादा किया था, जो कि अब खरा नहीं उतर पा रहा है। पिछले कई वर्ष से योगी सरकार ने गन्ने के रेट नहीं बढ़ाए हैं। इस दौरान जगवीर सिंह, नंदलाल पाठक, हरेन्द्र सिंह, सीताराम शर्मा, नौशाद अली, दारा सिंह, लक्ष्मन सिंह आदि मौजूद रहे।
शिकारपुर में अखिल भारतीय किसान सभा तथा ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत किसान सभा के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। किसान सभा के शिकारपुर क्षेत्र के अध्यक्ष मूलचंद त्यागी ने कहा कि योगी सरकार किसानों की तबाही का कारण बन रही है। बिजली बिलों के दाम तीन गुने से ज्यादा बढ़ा दिए गए हैं। गन्ने के रेट में तीन वर्ष से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। जिससे किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और एनआरसी जैसे कानून लाकर सरकार देश को विघटन की ओर धकेल रही है। इस दौरान ठाकुर करण सिंह, साबिर अली, हरेन्द्र त्यागी, नीरज त्यागी, जमील खां मौजूद रहे।