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बुखार से मासूम समेत दो की मौत
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बुखार से मासूम समेत दो की मौत
बुलंदशहर। जिले में बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जनपद में बुखार से अब तक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार को अनूपशहर क्षेत्र में 10 वर्षीय मासूम और ककोड़ क्षेत्र में एक किशोर की बुखार से मौत हो गई।
जिले में बुखार लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है। इसका कारण जागरूकता और साफ-सफाई का अभाव है। देहात क्षेत्रों में तो साफ-सफाई की स्थिति बेहद दयनीय है। कहीं पर पानी का ठहराव है तो कहीं पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इन क्षेत्रों में छिड़काव के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है। जिसका खामियाजा लोगों को बीमारी के दौरान मौत होने पर चुकाना पड़ रहा है। अनूपशहर नगर क्षेत्र के मोहल्ला नेहरूगंज चूना भट्टी निवासी चंद्रकेश की 10 वर्षीय बेटी निशा करीब 10 दिन से बुखार से पीड़ित थी। जिसका उपचार दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा था। परिजनों के अनुसार चिकित्सकों द्वारा निशा को डिप्थीरिया भी बताया गया था। बृहस्पतिवार रात को निशा ने घर पर ही दम तोड़ दिया। जिससे परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, दूसरी ओर ककोड़ क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी मेध सिंह पुत्र वीरेंद्र गत सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने बताया कि गांव के अपंजीकृत चिकित्सक से उपचार कराया, फायदा न होने पर उसे बुधवार को नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बृहस्पतिवार रात को मेध सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जिससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक के परिवार के कई लोग बुखार से पीड़ित हैं।
10 से अधिक मासूमों की हो चुकी है मौत
जनपद में अब तक 30 से अधिक लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। इनमें 10 से अधिक बच्चे 15 वर्ष से कम आयु के हैं, जो लापरवाही और अपंजीकृत चिकित्सकों से उपचार कराने पर मौत का शिकार हो चुके हैं। अब भी सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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कोट
बुखार से मौत की जानकारी नहीं है। टीम को भेजकर जांच करवाई जाएगी। बुखार आने पर लोग घबराएं नहीं, अपने नजदीकी सरकारी चिकित्सालय में जाकर जांच कराने के साथ उपचार कराएं। - डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, प्रभारी सीएमओ
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बुलंदशहर। जिले में बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जनपद में बुखार से अब तक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार को अनूपशहर क्षेत्र में 10 वर्षीय मासूम और ककोड़ क्षेत्र में एक किशोर की बुखार से मौत हो गई।
जिले में बुखार लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है। इसका कारण जागरूकता और साफ-सफाई का अभाव है। देहात क्षेत्रों में तो साफ-सफाई की स्थिति बेहद दयनीय है। कहीं पर पानी का ठहराव है तो कहीं पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इन क्षेत्रों में छिड़काव के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है। जिसका खामियाजा लोगों को बीमारी के दौरान मौत होने पर चुकाना पड़ रहा है। अनूपशहर नगर क्षेत्र के मोहल्ला नेहरूगंज चूना भट्टी निवासी चंद्रकेश की 10 वर्षीय बेटी निशा करीब 10 दिन से बुखार से पीड़ित थी। जिसका उपचार दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा था। परिजनों के अनुसार चिकित्सकों द्वारा निशा को डिप्थीरिया भी बताया गया था। बृहस्पतिवार रात को निशा ने घर पर ही दम तोड़ दिया। जिससे परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, दूसरी ओर ककोड़ क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी मेध सिंह पुत्र वीरेंद्र गत सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने बताया कि गांव के अपंजीकृत चिकित्सक से उपचार कराया, फायदा न होने पर उसे बुधवार को नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बृहस्पतिवार रात को मेध सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जिससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक के परिवार के कई लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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10 से अधिक मासूमों की हो चुकी है मौत
जनपद में अब तक 30 से अधिक लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। इनमें 10 से अधिक बच्चे 15 वर्ष से कम आयु के हैं, जो लापरवाही और अपंजीकृत चिकित्सकों से उपचार कराने पर मौत का शिकार हो चुके हैं। अब भी सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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बुखार से मौत की जानकारी नहीं है। टीम को भेजकर जांच करवाई जाएगी। बुखार आने पर लोग घबराएं नहीं, अपने नजदीकी सरकारी चिकित्सालय में जाकर जांच कराने के साथ उपचार कराएं। - डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, प्रभारी सीएमओ