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किसानों की सहूलियत के लिए ई-गन्ना प्रणाली लागू
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किसानों की सहूलियत के लिए ई-गन्ना प्रणाली लागू
बुलंदशहर। गन्ना किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। अब वह अपने गन्ने की फसल का सर्वे, सट्टा, कलेंडर और पर्चियों आदि की जानकारी ऑनलाइन ले सकेंगे। इसके लिए गन्ना विकास विभाग ने नए पेराई सत्र में किसानों की सहूलियत और गन्ना खरीद में बिचौलियों का हस्तक्षेप खत्म करने के लिए ई-गन्ना प्रणाली लागू कर दी है। इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए किसानों को मोबाइल एप ई-गन्ना को अपने मोबाइल पर डाउनलोड करना होगा।
बता दें कि जनपद में गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या 1.20 लाख है। इस बार जनपद में गन्ने का रकबा करीब 58 हजार हेक्टेयर है। जब भी चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र शुरू होता है तो इसके साथ ही किसानों के सामने कई तरह की परेशानियां भी शुरू हो जाती हैं। हालांकि, उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए समय-समय पर पहल होती रही। गन्ना विकास विभाग ने नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले किसानों की सुविधा व पारदर्शिता के लिए ई-गन्ना प्रणाली शुरू की है। इस बार मोबाइल एप ई-गन्ना पर किसान अपना सर्वे, सट्टा, कलेंडर और पर्चियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एप पर प्रदेश सहित जिले के समस्त किसानों का डाटा उपलब्ध है। बताया गया कि गूगल प्ले स्टोर तथा विभागीय वेबसाइट पर एप के लिए लिंक दिया गया है। किसान इसे अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद गन्ना समिति में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट एप में फीड करना होगा, जिसके बाद एप चालू हो जाएगा।
इस तरह मिलेगी जनकारी
ई-गन्ना प्रणाली से फर्जी सट्टा एवं गलत पर्चियों पर रोक लगेगी। किसानों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से पर्चियों की जानकारी मिलेगी। किसान निर्धारित समयावधि में एसएमएस दिखाकर अपने गन्ने की तौल करा सकेंगे। ई-गन्ना प्रणाली से पर्ची निर्गमन की एकीकृत प्रक्रिया संपूर्ण प्रदेश में लागू होगी। गन्ना समितियों के माध्यम से पर्ची निर्गमन का कार्य संपादित होगा। समय पर पर्ची उपलब्ध होने से ताजे गन्ने की आपूर्ति होगी।
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चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति
गन्ना किसान जब इस एप का प्रयोग शुरू करेंगे तो उन्हें विभागीय कार्यालय, चीनी मिल और गन्ना क्रय केंद्रों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलेगी। साथ ही विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 18001213202 है। इसका प्रयोग कर कई तरह की समस्याओं का निदान करवाया जा सकता है। इसके अलावा गन्ना पर्ची की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001035823 और गन्ना खेती से संबंधित जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001801551 जारी किया हुआ है।
कोट...
इस बार विभाग की ओर से गन्ना किसानों की समस्याओं के निवारण के लिए कई सहूलियतें प्रदान की जा रही हैं। इन सभी सुविधाओं की शुरूआत हो चुकी है। गन्ना किसान इनका प्रयोग कर सकते हैं। - डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी, बुलंदशहर।
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बुलंदशहर। गन्ना किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। अब वह अपने गन्ने की फसल का सर्वे, सट्टा, कलेंडर और पर्चियों आदि की जानकारी ऑनलाइन ले सकेंगे। इसके लिए गन्ना विकास विभाग ने नए पेराई सत्र में किसानों की सहूलियत और गन्ना खरीद में बिचौलियों का हस्तक्षेप खत्म करने के लिए ई-गन्ना प्रणाली लागू कर दी है। इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए किसानों को मोबाइल एप ई-गन्ना को अपने मोबाइल पर डाउनलोड करना होगा।
बता दें कि जनपद में गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या 1.20 लाख है। इस बार जनपद में गन्ने का रकबा करीब 58 हजार हेक्टेयर है। जब भी चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र शुरू होता है तो इसके साथ ही किसानों के सामने कई तरह की परेशानियां भी शुरू हो जाती हैं। हालांकि, उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए समय-समय पर पहल होती रही। गन्ना विकास विभाग ने नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले किसानों की सुविधा व पारदर्शिता के लिए ई-गन्ना प्रणाली शुरू की है। इस बार मोबाइल एप ई-गन्ना पर किसान अपना सर्वे, सट्टा, कलेंडर और पर्चियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एप पर प्रदेश सहित जिले के समस्त किसानों का डाटा उपलब्ध है। बताया गया कि गूगल प्ले स्टोर तथा विभागीय वेबसाइट पर एप के लिए लिंक दिया गया है। किसान इसे अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद गन्ना समिति में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट एप में फीड करना होगा, जिसके बाद एप चालू हो जाएगा।
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इस तरह मिलेगी जनकारी
ई-गन्ना प्रणाली से फर्जी सट्टा एवं गलत पर्चियों पर रोक लगेगी। किसानों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से पर्चियों की जानकारी मिलेगी। किसान निर्धारित समयावधि में एसएमएस दिखाकर अपने गन्ने की तौल करा सकेंगे। ई-गन्ना प्रणाली से पर्ची निर्गमन की एकीकृत प्रक्रिया संपूर्ण प्रदेश में लागू होगी। गन्ना समितियों के माध्यम से पर्ची निर्गमन का कार्य संपादित होगा। समय पर पर्ची उपलब्ध होने से ताजे गन्ने की आपूर्ति होगी।
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चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति
गन्ना किसान जब इस एप का प्रयोग शुरू करेंगे तो उन्हें विभागीय कार्यालय, चीनी मिल और गन्ना क्रय केंद्रों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलेगी। साथ ही विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 18001213202 है। इसका प्रयोग कर कई तरह की समस्याओं का निदान करवाया जा सकता है। इसके अलावा गन्ना पर्ची की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001035823 और गन्ना खेती से संबंधित जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001801551 जारी किया हुआ है।
कोट...
इस बार विभाग की ओर से गन्ना किसानों की समस्याओं के निवारण के लिए कई सहूलियतें प्रदान की जा रही हैं। इन सभी सुविधाओं की शुरूआत हो चुकी है। गन्ना किसान इनका प्रयोग कर सकते हैं। - डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी, बुलंदशहर।