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उम्मीद पर पानी...बजट में फिर नहीं मिला दिल्ली के लिए ट्रेन का तोहफा
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उम्मीद पर पानी...बजट में फिर नहीं मिला दिल्ली के लिए ट्रेन का तोहफा
बुलंदशहर। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के कारण जिले की जनता को आम बजट से काफी उम्मीदें थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बुलंदशहर से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की मांग कर रहे लोगों का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। इससे हर वर्ग में निराशा है। आम आदमी और व्यापारियों का कहना है कि चुनाव के समय में भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया है तो अब यह सपना शायद ही कभी पूरा होगा। वहीं महिलाओं की महंगाई कम करने की मांग, खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए विशेष पैकेज, जीएसटी कम करने के लिए व्यापारियों की मांग और टैक्स स्लैब बढ़ाने को लेकर लोगों की मांग पूरी नहीं होने से वह परेशान हैं। जबकि किसान आंदोलन के बाद किसानों को भी सरकार से काफी उम्मीद थी, लेकिन उनकी मांगें भी पूरी नहीं हुईं। बजट को लेकर लोगों में काफी उत्साह था, जिसके चलते मोबाइल, टीवी सेटों पर जगह-जगह लोग बजट के संबोधन को सुनते दिखाई दिए। बजट पेश होने के बाद अधिवक्ताओं, लोगों, महिलाओं ने विभिन्न स्थानों पर बैठक का आयोजन करते हुए बजट में मिली सौगातों और खामियों की चर्चा की। दिल्ली के लिए जिले से सीधे ट्रेन सेवा की मांग दशकों से चली आ रही है, लेकिन 21वीं सदी में चार बार सरकार बदलीं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
कैसे निखरेंगी खेल प्रतिभाएं, बजट में नहीं कुछ
ग्रामीण परिवेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए लोग और युवा खिलाड़ी मांग कर रहे थे, लेकिन बजट में इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। हालत यह है कि जिले के तीन खिलाड़ी ओलंपिक में प्रतिभाग करने गए थे और वापस लौटने के बाद उन्होंने खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार को भी पत्र लिखा गया था, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर भी कोई विचार नहीं किया। जिले के युवा खिलाड़ियों ने मांग की थी कि यदि सरकार खिलाड़ियों को संसाधन उपलब्ध कराएगी तो ग्रामीण परिवेश से युवा प्रतिभा निखरेंगी और देश के लिए मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों की संख्या भी बढ़ेगी।
न आयकर में छूट न जीएसटी से राहत
बजट में मध्यम वर्ग के लोग मांग कर रहे थे कि सात लाख रुपये प्रति वर्ष की आय पर आयकर से छूट दी जाए, लेकिन बजट में इसको लेकर सरकार ने कोई घोषणा नहीं की है। लोगों की मांग थी कि यदि सात लाख रुपये की आय पर छूट मिलती है तो इससे लोग भी अपनी आय का ब्योरा आयकर को देंगे और टैक्स का भय भी उनके मन से खत्म होगा। व्यापारियों की जीएसटी से राहत वाली मांग पर भी सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। हालांकि मोबाइल व अन्य मोबाइल एसेसरीज को सस्ता किया गया है, लेकिन विदेशों से आने वाली सामग्री की महंगी होने से विदेशी कंपनी के मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक आइटम समेत अन्य सामग्री महंगी होगी। इसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ेगा।
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बुलंदशहर। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के कारण जिले की जनता को आम बजट से काफी उम्मीदें थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बुलंदशहर से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की मांग कर रहे लोगों का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। इससे हर वर्ग में निराशा है। आम आदमी और व्यापारियों का कहना है कि चुनाव के समय में भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया है तो अब यह सपना शायद ही कभी पूरा होगा। वहीं महिलाओं की महंगाई कम करने की मांग, खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए विशेष पैकेज, जीएसटी कम करने के लिए व्यापारियों की मांग और टैक्स स्लैब बढ़ाने को लेकर लोगों की मांग पूरी नहीं होने से वह परेशान हैं। जबकि किसान आंदोलन के बाद किसानों को भी सरकार से काफी उम्मीद थी, लेकिन उनकी मांगें भी पूरी नहीं हुईं। बजट को लेकर लोगों में काफी उत्साह था, जिसके चलते मोबाइल, टीवी सेटों पर जगह-जगह लोग बजट के संबोधन को सुनते दिखाई दिए। बजट पेश होने के बाद अधिवक्ताओं, लोगों, महिलाओं ने विभिन्न स्थानों पर बैठक का आयोजन करते हुए बजट में मिली सौगातों और खामियों की चर्चा की। दिल्ली के लिए जिले से सीधे ट्रेन सेवा की मांग दशकों से चली आ रही है, लेकिन 21वीं सदी में चार बार सरकार बदलीं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
कैसे निखरेंगी खेल प्रतिभाएं, बजट में नहीं कुछ
ग्रामीण परिवेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए लोग और युवा खिलाड़ी मांग कर रहे थे, लेकिन बजट में इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। हालत यह है कि जिले के तीन खिलाड़ी ओलंपिक में प्रतिभाग करने गए थे और वापस लौटने के बाद उन्होंने खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार को भी पत्र लिखा गया था, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर भी कोई विचार नहीं किया। जिले के युवा खिलाड़ियों ने मांग की थी कि यदि सरकार खिलाड़ियों को संसाधन उपलब्ध कराएगी तो ग्रामीण परिवेश से युवा प्रतिभा निखरेंगी और देश के लिए मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों की संख्या भी बढ़ेगी।
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न आयकर में छूट न जीएसटी से राहत
बजट में मध्यम वर्ग के लोग मांग कर रहे थे कि सात लाख रुपये प्रति वर्ष की आय पर आयकर से छूट दी जाए, लेकिन बजट में इसको लेकर सरकार ने कोई घोषणा नहीं की है। लोगों की मांग थी कि यदि सात लाख रुपये की आय पर छूट मिलती है तो इससे लोग भी अपनी आय का ब्योरा आयकर को देंगे और टैक्स का भय भी उनके मन से खत्म होगा। व्यापारियों की जीएसटी से राहत वाली मांग पर भी सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। हालांकि मोबाइल व अन्य मोबाइल एसेसरीज को सस्ता किया गया है, लेकिन विदेशों से आने वाली सामग्री की महंगी होने से विदेशी कंपनी के मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक आइटम समेत अन्य सामग्री महंगी होगी। इसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ेगा।
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