भाभी की जानलेवा मोहब्बत: देवर ने किया शादी से इनकार तो ले ली जान, बेटी का भी घोंटा गला फिर खुद फंदे से लटकी
पुलिस शुरू में इसे सामूहिक आत्महत्या या हत्या के बीच उलझी गुत्थी मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया। रिपोर्ट के अनुसार अपेश्वर की बेटी सावंती की गला घोंटकर हत्या की गई थी। भाई सरल सरकार की भी गला घोंटकर हत्या की गई थी। वहीं, अपेश्वर की पत्नी देवी सरकार की मौत फंदे पर लटकने से होना सामने आया था।
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इंसानी रिश्तों की पेचीदगियां जब जुनून का रूप लेती हैं, तो वह न केवल मर्यादाएं लांघती हैं बल्कि अपने पीछे तबाही का मंजर छोड़ जाती हैं। यूपी स्थित खुर्जा के नेहरूपुर गांव के पास रेलवे लाइन किनारे शुक्रवार सुबह जो दृश्य था, उसने न केवल पुलिस महकमे को हिला दिया, बल्कि एक पति की दुनिया ही उजाड़ दी।
बंगाल से आए थे रोजी-रोटी की तलाश में
पश्चिम बंगाल से रोजी-रोटी की तलाश में आए अपेश्वर सरकार को क्या पता था कि जिस भाई को वह कलेजे से लगाकर रखता था और जिस पत्नी के साथ उसने जीवन के सपने बुने थे, उनका अंत इतना वीभत्स होगा। अपनों के शवों को देखते ही अपेश्वर सिर पीटकर जोर-जोर से रोते हुए बोला.. अब सब खत्म हो गया, अब किसके लिए जिऊंगा। उसे विलाप करते देख उसके साथी व पुलिसकर्मी समझाते नजर आए।
हर शख्स की थीं आंखें नम
शुक्रवार देर रात जब पोस्टमार्टम हाउस से तीन एम्बुलेंस एक साथ खुर्जा कोतवाली पहुंचीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। एंबुलेंस से जैसे ही पत्नी देवी सरकार, भाई सरल और चार साल की मासूम बेटी सावंती के शव नीचे उतारे गए, अपेश्वर दहाड़ मारकर रोने लगा। वह बार-बार अपना सिर जमीन पर पटककर खुद को कोस रहा था। उसकी चीखों से कोतवाली परिसर गूंज उठा।
मेरा सब खत्म हो गया...
वह यही कह रहा था मेरा तो सब खत्म हो गया, अब किसके लिए जिऊंगा। अपनी चार साल की फूल जैसी बच्ची सावंती के शव को गोद में लेकर अपेश्वर बदहवास हो गया। साथी मजदूरों की मदद से उसने मुंडाखेड़ा मार्ग स्थित कब्रिस्तान में दफनाया गया।
बंगाली रीति-रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार
इसके बाद वह जंक्शन मार्ग स्थित श्मशान घाट पहुंचा। वहां उसने पत्नी देवी और भाई का बंगाली रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया। जिस भाई और जिस पत्नी ने घर उजाड़ा, उन दोनों को मुखाग्नि देते समय उसके हाथ कांप रहे थे। इस दौरान उसके साथ उसका कोई अपना नहीं था, सिर्फ कुछ मजदूर जो पश्चिम बंगाल से यहां मजदूरी करने आए थे, वही नजर आ रहे थे। हालांकि, पुलिसकर्मी भी इस दौरान उसे ढांढस बंधाते दिख रहे थे।
एक दिन पहले मिली थीं पत्नी, बेटी और भाई की लाशें
घटना की शुरुआत शुक्रवार सुबह हुई। खुर्जा के नेहरूपुर गांव के पास से गुजर रही रेलवे लाइन पर कीमैन सोनपाल पटरियों का निरीक्षण कर रहे थे। उनकी नजर लाइन किनारे एक पेड़ पर पड़ी। वहां एक महिला का शव फंदे से लटक रहा था। नीचे एक युवक और छोटी बच्ची की लाश पड़ी थी। सोनपाल ने 112 नंबर पर सूचना दी। मृतकों की पहचान पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर निवासी देवी सरकार (32), उसके देवर सरल सरकार (28) और बेटी सावंती (4) के रूप में हुई। तफ्तीश में पता चला कि अपेश्वर और उसकी पत्नी यहां की पॉटरी इकाइयों में मजदूरी करते थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सुलझाई मौत की गुत्थी
पुलिस शुरू में इसे सामूहिक आत्महत्या या हत्या के बीच उलझी गुत्थी मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया। रिपोर्ट के अनुसार अपेश्वर की बेटी सावंती की गला घोंटकर हत्या की गई थी। भाई सरल सरकार की भी गला घोंटकर हत्या की गई थी। वहीं, अपेश्वर की पत्नी देवी सरकार की मौत फंदे पर लटकने से होना सामने आया था।
फोरेंसिक साक्ष्यों और परिस्थितियों को जोड़ते हुए पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि देवी सरकार ने पहले अपनी सोती हुई मासूम बेटी और अपने प्रेमी देवर की गला घोंटकर हत्या की, और फिर खुद उसी पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी।
सरल से शादी की जिद पर अड़ी थी देवी
मौके पर किसी चौथे व्यक्ति के होने के प्रमाण नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि देवी, सरल से शादी करने की जिद पर अड़ी थी। समाज और परिवार के डर से उपजे अवसाद ने उसे कातिल बना दिया। पुलिस के अनुसार घटना के दौरान पति की लोकेशन घर पर मिली है।
पहले भी हो चुका था देवी को लेकर भाइयों में विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों सरल व अपेश्वर के बीच देवी को लेकर पहले भी झगड़ा हो चुका था। अपेश्वर को पहले से भाई पर शक था। होली के दिन उसने सरल व पत्नी देवी को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उस दिन भी झगड़ा हुआ था, 11 मार्च को फिर झगड़ा हुआ।
थाना क्षेत्र के विवाद में उलझी रही शुरुआती जांच
इस जघन्य मामले में खाकी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। घटनास्थल नेहरूपुर गांव का रकबा खुर्जा देहात थाना क्षेत्र में आता है, लेकिन सूचना मिलने पर नगर कोतवाली की टीम भी वहां पहुंच गई। सीमा विवाद और क्षेत्राधिकार के चक्कर में शुरुआती कुछ घंटे कीमती साक्ष्य जुटाने में देरी हुई। हालांकि, बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप पर नगर कोतवाली के एसएसआई को विवेचना सौंपी गई।
पति ने एक दिन पहले खरीदा था नया सिम व मोबाइल
सीओ खुर्जा ने बताया कि जांच में सामने आया कि अपेश्वर व देवी सरकार एक ही मोबाइल इस्तेमाल करते थे। 11 मार्च को पति-पत्नी के बीच झगड़ा होने पर देवी मोबाइल अपने साथ ले गई थी। इसके बाद गुरुवार, 12 मार्च को अपेश्वर ने नया मोबाइल फोन और सिम कार्ड खरीदा था। पत्नी का मोबाइल नंबर याद था, उसने कई बार उसे फोन मिलाया लेकिन जवाब नहीं मिला। शाम को नंबर बंद हो गया।
लोगों ने दी जानकारी, देवी चली गई है भाई के पास
अपेश्वर ने कुछ लोगों से जानकारी ली तो पता चला कि देवी उनके भाई के पास गई है। इसलिए वह गुरुवार को सो गए और अगले दिन भाई के पास जाने वाले थे। इससे पहले ही पुलिस ने उनको हत्या व आत्महत्या की जानकारी दी। सीओ ने बताया कि घटनास्थल पर मिले देवी और सरल के मोबाइल की जांच की गई, जिसमें देखा गया कि देवी ने दो दिनों तक किसी से बात नहीं की थी। 11 मार्च को ही देवी व सरल के बीच लंबी बात हुई थी।
कमरे व घटनास्थल पर मिली रस्सी अलग-अलग
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि जांच की गई थी अपेश्वर के कमरे व घटनास्थल पर मिली रस्सी का रंग एक था, लेकिन वह अलग-अलग हैं। कमरे में कील पर बंधी रस्सी मच्छरदानी के लिए लटकाई गई थी। वहीं घटनास्थल और खेत की मेड़ के आसपास उस प्रकार की काफी रस्सियां पड़ीं थीं।
पहले भी हुई इस तरह दर्दनाक घटनाएं
1. खुर्जा के भिंडौर गांव में 29 जनवरी 2025 को पति ने पत्नी का सिर कुचलकर हत्या कर दी, जिसके बाद पास में ही स्थित पेड़ पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
2. छतारी के बिकूपुर रामनगर गांव में अगस्त 2024 में प्रेम प्रसंग की जानकारी मिलने पर सगे भाईयों ने बहन की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
3. शिकारपुर के अंबेडकर नगर मोहल्ले में मार्च 2021 में एक व्यक्ति ने पत्नी व दो बेटियों की हत्या कर दी थी।
महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल और पति के बयानों को जांच का आधार बनाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ है कि यह हत्या के बाद आत्महत्या का मामला है। अपेश्वर की तहरीर पर मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। - शोभित कुमार, सीओ खुर्जा।