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Bulandshahar News: एक मार्च से 30 जून तक चलेंगे ईंट-भट्ठे
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बुलंदशहर। आठ माह से बंद ईंट भट्ठों की चिमनियों में एक मार्च से धुआं निकलना शुरू हो जाएगा। एक मार्च से जल व वायु की सहमति प्राप्त कर चुके 252 भट्ठों को चार माह के लिए संचालित किया जाएगा। बिना सहमति पत्र के ईंट-भट्ठों का संचालन करने पर सीज कर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। ईंट-भट्ठों का संचालन होने से ईंटों के दामों में कमी आ सकेगी। वहीं, इनका संचालन 30 जून तक होगा। इसको लेकर प्रदूषण विभाग ने सभी भट्ठा संचालकों को निर्देश दे दिए हैं।
जिलेभर में करीब 400 ईंट-भट्ठे हैं। इनमें 300 के करीब जिगजैग वाले भट्ठे शामिल हैं। तीन वर्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने एक मार्च से 30 जून तक ईंट-भट्ठों का संचालन करने का आदेश जारी किया। इसके बाद बारिश होने पर इनका संचालन बंद करवा दिया जाता हैं। इस बार भी ईंट भट्ठों का संचालन करने के लिए एक मार्च से 30 जून तक के लिए आदेश जारी किए है।
विभागीय अफसरों के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराने के लिए भट्ठा संचालकों को संचालन से पूर्व सहमति पत्र लेने के निर्देश दिए गए। सहायक पर्यावरण अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर जिन भट्ठों को एनओसी जारी की गई है, वहीं संचालित होंगे। बिना एनओसी वाले भट्ठों को सीज कर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। जनपद ईंट निर्माता समिति के सचिव अनिल गर्ग ने बताया कि वर्तमान में अधिकतर भट्ठों पर ईंटों का टोटा बना हुआ है। भट्ठों का संचालन शुरू होने से संचालक नई ईंटों को पका सकेंगे। इसके बाद ईंटों की किल्लत दूर होगी और दामों में कमी आएगी। ईंटों का उत्पादन शुरू होने से निर्माण कार्यों में भी तेजी आएगी।
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Iजिले में एक मार्च से 30 जून तक ईंट भट्ठों का संचालन किया जाएगा। जिन भट्ठों को एनओसी जारी की गई है, वहीं संचालित होंगे। बिना एनओसी वालों को सीज कर जुर्माना लगाया जाएगा। जिले में 252 ईट भट्ठा संचालकों ने जल एवं वायु की एनओसी ली हैं। - विमल कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्डI
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जिलेभर में करीब 400 ईंट-भट्ठे हैं। इनमें 300 के करीब जिगजैग वाले भट्ठे शामिल हैं। तीन वर्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने एक मार्च से 30 जून तक ईंट-भट्ठों का संचालन करने का आदेश जारी किया। इसके बाद बारिश होने पर इनका संचालन बंद करवा दिया जाता हैं। इस बार भी ईंट भट्ठों का संचालन करने के लिए एक मार्च से 30 जून तक के लिए आदेश जारी किए है।
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विभागीय अफसरों के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराने के लिए भट्ठा संचालकों को संचालन से पूर्व सहमति पत्र लेने के निर्देश दिए गए। सहायक पर्यावरण अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर जिन भट्ठों को एनओसी जारी की गई है, वहीं संचालित होंगे। बिना एनओसी वाले भट्ठों को सीज कर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। जनपद ईंट निर्माता समिति के सचिव अनिल गर्ग ने बताया कि वर्तमान में अधिकतर भट्ठों पर ईंटों का टोटा बना हुआ है। भट्ठों का संचालन शुरू होने से संचालक नई ईंटों को पका सकेंगे। इसके बाद ईंटों की किल्लत दूर होगी और दामों में कमी आएगी। ईंटों का उत्पादन शुरू होने से निर्माण कार्यों में भी तेजी आएगी।
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Iजिले में एक मार्च से 30 जून तक ईंट भट्ठों का संचालन किया जाएगा। जिन भट्ठों को एनओसी जारी की गई है, वहीं संचालित होंगे। बिना एनओसी वालों को सीज कर जुर्माना लगाया जाएगा। जिले में 252 ईट भट्ठा संचालकों ने जल एवं वायु की एनओसी ली हैं। - विमल कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्डI