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बिन करेंसी परिजन लाचार बच्ची मरी बिना उपचार

Fri, 02 Dec 2016 10:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Fri, 02 Dec 2016 10:44 PM IST
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Bin currency kin helpless Without treatment, the baby died
बैंक - फोटो : अमर उजाला

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बैंक की लाइन में लगातार तीन दिन खड़े रहने के बाद भी रुपये न निकलने पर उपचार के अभाव में छ साल की बच्ची की मौत हो गई। वह पिछले छ दिनों से संभावित चिकनगुनिया बुखार से पीड़ित थी। बच्ची की मौत के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

कस्बा स्थित मोहल्ला कानून गोयान निवासी रईसुद्दीन की 6 साल की बेटी कैफिया पिछले छ दिनों से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों की मानें तो उसका इलाज कस्बे में ही एक निजी चिकित्सक से चल रहा था। चिकित्सक ने बच्ची को चिकनगुनिया होना बताया और इलाज के लिए बुलंदशहर जाने की बात कही।
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रईसुद्दीन की बड़ी बेटी खुशबू ने बताया कि कैफिया का इलाज कराने बुलंदशहर ले जाने के लिए घर में पैसे नहीं थे। इसके चलते वह पिछले तीन दिनों से लेकर पीएनबी की शाखा पर लाइन में लग रही थी। बुधवार को कैश न होने के कारण पूरे दिन लोगों ने हंगामा और जाम लगाया था। इसके कारण कैश नहीं मिल पाया।
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बृहस्पतिवार को भी लाइन में लगने के बाद भी उसे रुपये नहीं मिल पाया। शुक्रवार को वह फिर से दो हजार रुपये का चेक लेकर बैंक की लाइन में खड़ी रही लेकिन कैश नहीं मिल पाया। खुशबू ने बताया कि रुपये न होने के कारण वह कैफिया का इलाज कराने बुलंदशहर नहीं ले जा पाए। उपचार के अभाव में शुक्रवार देर शाम कैफिया ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत से घर में कोहराम मच गया।

अफसर बोले
मुझे मामले की कोई जानकारी नहीं है और न ही कोई शिकायत आई है। फिर भी जांच करवाई जाएगी। - उमाशंकर सिंह, एसडीएम, शिकारपुर
मामला संज्ञान में नहीं है। अगर बच्ची के घरवालों को परेशानी थी तो प्रशासनिक अधिकारियों को बताना चाहिए। फिर भी मामले में जांच कराई जाएगी- अरविंद कुमार, एडीएम (प्रशासन)


आंखों का इलाज कराना हुआ मुश्किल
 बैंक से कैश न मिलने से मरीजों का इलाज मुश्किल होता जा रहा है। हालांकि आदेश अस्पतालों में चेक स्वीकारने का जारी हो चुका है लेकिन अधिकतर निजी अस्पताल ऐसा करने से इनकार कर रहे हैं। मोहल्ला शराफतुल्ल्ला निवासी वृद्ध महिला शरीफन का कहना था कि उसकी आंख के इलाज के लिए उसे रुपये की जरूरत है, परंतु बैंक में कैश खत्म होने की बात कही जाती है।

वह पिछले चार दिनों से लाइन में लगती है लेकिन उसे पैसे नहीं मिल पाते। रुपये न होने के कारण उसकी आंख का इलाज नहीं हो पा रहा है।

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