Bharat Jodo Nyay Yatra: अनूपशहर में नहीं रुके राहुल-प्रियंका, कांग्रेस और सपा के कार्यकर्ता करते रहे इंतजार
अनूपशहर में गंगा पुल से अलीगढ़ तिराहे तक बड़ी संख्या में कांग्रेस और सपा कार्यकर्ता सुबह से ही तैयारी में जुटे रहे। राहुल का इंतजार कर रहे कांग्रेस और सपा कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों को भी काफी निराशा हाथ लगी। वहीं, टिकट की दावेदारी करने वाले पदाधिकारियों की ओर से लगाए गए शिविर में जुटे लोगों को भी राहुल गांधी के अनूपशहर में न रुकने के कारण मायूसी हाथ लगी।
विस्तार
भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल और प्रियंका गांधी का काफिला अनूपशहर में रुका ही नहीं और राहुल-प्रियंका गांधी कार से ही हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन करते हुए निकल गए। जिसके चलते दोपहर से ही राहुल गांधी से मिलने के इंतजार में खड़े लोगों को मायूस होना पड़ा। पंड्रावल में कार्यकर्ताओं की ओर से 20 बीघा जमीन में करीब 55 कंटेनर में लोगों के ठहरने के लिए व्यवस्था की थी।
शनिवार को भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का काफिला अनूपशहर होते हुए डिबाई क्षेत्र के पंड्रावल पहुंचा। अनूपशहर में गंगा पुल से अलीगढ़ तिराहे तक बड़ी संख्या में कांग्रेस और सपा कार्यकर्ता सुबह से ही तैयारी में जुटे रहे। जिलाध्यक्ष राकेश भाटी, युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जिया उर्र रहमान, शहर अध्यक्ष प्रशांत बाल्मीकि, शिवराम बाल्मीकि और श्यौपाल सिंह के साथ टिकट की दावेदारी करने वाले पदाधिकारियों की ओर से लगाए गए शिविर में जुटे लोगों को भी राहुल गांधी के न रुकने के कारण मायूसी हाथ लगी।
इसके बाद भी स्थिति यह रही कि शाम चार बजे के बजाए करीब सात बजे राहुल गांधी का काफिला संभल से अनूपशहर पहुंचा और बिना रुके ही पंड्रावल के लिए रवाना हो गया। अनूपशहर में बुलंदशहर अड्डा से प्रवेश करते हुए राहुल गांधी का काफिला अलीगढ़ तिराहा की ओर निकल गया। जबकि इस बीच में दोपहर से ही राहुल गांधी का इंतजार कर रहे कांग्रेस और सपा कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों को भी काफी निराशा हाथ लगी। वहीं पंड्रावल में राहुल-प्रियंका को देखने आए एक बुजुर्ग लोगों की भीड़ के चलते गिरकर चोटिल हो गया। जिसके बाद बुजुर्ग को लोगों ने वापस भेज दिया।
रात्रि प्रवास के लिए कंटेनरों की गई व्यवस्था
राहुल-प्रियंका गांधी और उनके साथ आ रहे कार्यकर्ताओं के रात्रि प्रवास के लिए 55 कंटेनरों में अस्थाई रहने की व्यवस्था की गई। इसके लिए 20 बीघा जमीन को आरक्षित किया गया। सबसे पहले नारायणपुर गांव के बाहर राहुल गांधी के स्वागत के लिए शिविर लगाया गया। यहां पर सैकड़ों कार्यकर्ता स्वागत के लिए मौजूद रहे। इससे दो किलोमीटर दूर पंडरावल दोराहे पर रात्रि प्रवास की व्यवस्था की गई, जहां निवास के कंटेनर, शौचालय, सफाई के वाहन समेत अन्य इंतजाम किए गए हैं।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
सुरक्षा के लिहाज से एलआईयू सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मुख्य द्वार पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। साथ ही अंदर प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन चेकिंग की गई। पंडाल में अंदर भी जगह जगह कैमरे लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि चार कंटेनरों में बने अस्थाई आवासों को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के रुकने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन प्रियंका गांधी पंड्रावल पहुंची ही नहीं। ठहराव स्थल के चारों ओर निगरानी टावर लगाए हैं। जहां पर सीआरपीएफ के जवान सुरक्षा की दृष्टि से तैनात हैं। सीआरपीएफ डिप्टी कमांडेंट धनंजय यादव की निगरानी में विश्राम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था संभाली गई।
जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक की सुरक्षाकर्मियों से हुई नोकझोंक
पंड्रावल में रात्रि प्रवास के दौरान राहुल गांधी का काफिला मौके पर पहुंचा। इस दौरान रात्रि प्रवास स्थल पर सुरक्षा के लिए तैनात जवानों ने पंडाल परिसर में लोगों को जाने से रोक दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष राकेश भाटी, पूर्व विधायक गुड्डू पंडित समेत अन्य पदाधिकारियों ने पंडाल परिसर में जाने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। जिसके चलते सुरक्षा में तैनात जवान और कांग्रेस-सपा पदाधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। समाचार लिखे जाने तक कांग्रेस पदाधिकारियों को पंड्रावल परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया था।
यात्रा के दौरान लगा एक किमी लंबा जाम
अनूपशहर, डिबाई दोराहा और पंड्रावल में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के चलते लोगों को करीब एक किमी लंबे जाम से परेशान होना पड़ा। अनूपशहर और डिबाई के साथ पंड्रावल रोड पर भी जाम के चलते लोगों को परेशानी हुई। राहुल गांधी का काफिला निकलने के बाद अनूपशहर और डिबाई में करीब एक घंटे बाद जाम खुला, जिस पर लोगों ने राहत की सांस ली।
नेहरू-इंदिरा और राजीव गांधी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
गांव नारायणपुर के बाहर स्थित पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद काफिला पंड्रावल स्थित रात्रि विश्राम स्थल पर पहुंचा। इस दौरान हजारों की संख्या में युवा राहुल गांधी की एक झलक देखने के लिए लालायित दिखे। युवाओं ने बाइक समेत अन्य ऊंचे स्थान पर चढ़कर राहुल गांधी को अपने कैमरे में कैद करने का प्रयास किया।