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Bulandshahar News: बकाया 67 लाख रुपये नहीं देने पर फैक्टरी को कब्जे में लेगा बैंक
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खुर्जा। क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में स्थित सिरेमिक फैक्टरी पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का 67 लाख रुपये के ऋण बकाया होने पर एडीएम ने कब्जा के आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें फर्म को 24 फरवरी का समय दिया गया है। इसके बाद बैंक की ओर से फैक्टरी को अपने कब्जे में कर लिया जाएगा।
मेरठ के जेल चुंगी शाखा के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से हाईकोर्ट में शिकायत के बाद एक सितंबर 2021 में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें आरती इंस्डस्ट्रीज, उसकी मालिक सुनीता देवी और उनके पति बालमुकुंद पर बैंक का 67,38,214 रुपये का बकाया था। इसमें न्यायालय की ओर से 12 जनवरी 2023 को कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके बाद 12 दिसंबर 2023 को सुनवाई हुई और एक माह के अंदर इसके निस्तारण के आदेश जारी किए गए।
इसमें बैंक और आरोपी पक्ष के बीच वार्ता हुई। इसमें बैंक की ओर से प्रत्येक माह एक-एक लाख रुपये जमा करने का समय दिया गया। इसके बाद भी ऋण नहीं चुकाया गया। इसके बाद उच्च न्यायालय ने बैंक को प्रतिभूतिकरण के लिए मंजूरी दे दी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को आदेश दिए। इसमें बुलंदशहर के अपर जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जांच की गई।
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अपर जिला मजिस्ट्रेट विवेक कुमार मिश्र का कहना है कि न्यायालय के आदेश के अनुसार बैंक को कब्जा देने का अधिकार दिया गया है। इसमें अभी आरोपी पक्ष को एक माह का समय मिला है। एक माह तक यदि बकाया जमा नहीं किया गया तो बैंक की ओर से फैक्टरी को कब्जे में लिया जाएगा।
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मेरठ के जेल चुंगी शाखा के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से हाईकोर्ट में शिकायत के बाद एक सितंबर 2021 में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें आरती इंस्डस्ट्रीज, उसकी मालिक सुनीता देवी और उनके पति बालमुकुंद पर बैंक का 67,38,214 रुपये का बकाया था। इसमें न्यायालय की ओर से 12 जनवरी 2023 को कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके बाद 12 दिसंबर 2023 को सुनवाई हुई और एक माह के अंदर इसके निस्तारण के आदेश जारी किए गए।
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इसमें बैंक और आरोपी पक्ष के बीच वार्ता हुई। इसमें बैंक की ओर से प्रत्येक माह एक-एक लाख रुपये जमा करने का समय दिया गया। इसके बाद भी ऋण नहीं चुकाया गया। इसके बाद उच्च न्यायालय ने बैंक को प्रतिभूतिकरण के लिए मंजूरी दे दी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को आदेश दिए। इसमें बुलंदशहर के अपर जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जांच की गई।
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अपर जिला मजिस्ट्रेट विवेक कुमार मिश्र का कहना है कि न्यायालय के आदेश के अनुसार बैंक को कब्जा देने का अधिकार दिया गया है। इसमें अभी आरोपी पक्ष को एक माह का समय मिला है। एक माह तक यदि बकाया जमा नहीं किया गया तो बैंक की ओर से फैक्टरी को कब्जे में लिया जाएगा।